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बारिश से गिरा पारा, तेज हवाओं ने कराया ठंड का अहसास, फिर निकले गर्म कपड़े

एक वर्ष पहले
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हाेली के दूसरे दिन यानी धुलंडी पर तेज बारिश के बाद माैसम में बदलाव नजर आ रहा है। बुधवार काे ठंडी हवाओं ने शहरवासियाें काे तेज सर्दी का अहसास कराया। दिन में हल्की गर्मी के कारण लाेगाें ने गर्म कपड़े पहनना बंद कर दिया था, वाे कपड़े वापस निकालने पड़े। दाेपहर से रात तक ठंडी हवाओं के कारण लाेग ऊनी कपड़े पहने नजर आए। इधर, माैसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है आगामी 2-3 दिनाें तक इसी तरह का माैसम जारी रहेगा, फिर से बारिश हाेने की संभावना है। बेमाैसम बारिश से फिलहाल राहत नहीं मिलेगी।

पश्चिमी विक्षाेभ से बदला माैसम, मार्च में भी ठंड से राहत नहीं

पारा गिरा, ठंडी हवाओं से सर्दी का अहसास | माैसम विज्ञानी बीएल मीना ने बताया कि - मंगलवार काे अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस आैर न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रात काे बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में दाे से तीन डिग्री की गिरावट आैर आ गई। बुधवार काे न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। सुबह की आर्द्रता 62 आैर शाम की आर्द्रता 30 प्रतिशत दर्ज की गई।


माैसम के साइड इफेक्ट, किसानाें काे नुकसान | बारिश से किसानाें काे सर्वाधिक नुकसान हुआ। माैसम के बदलाव के कारण फ्लू, सर्दी, जुकाम आैर बुखार जैसी बीमारियाें के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। इस तरह के माैसम के कारण काेराेना वायरस का खतरा भी बढ़ गया है। मार्च के शुरुआत में बारिश से सरसाें, आलू, मटर, अरहर, मसूर आैर गेहूं की फसलाें काे भारी नुकसान पहुंचा है।

क्या कहते हैं माैसम विज्ञानी ?

अजमेर माैसम विभाग के इंचार्ज व वरिष्ठ माैसम विज्ञानी भूदेव शर्मा ने कहा कि - पश्चिमी विक्षाेभ से माैसम में बदलाव लगातार देखने का मिल रहा है। पहले यह सामान्य था, माह में 1-2 बार एेसा हाेता था लेकिन अब विक्षाेभ का क्षेत्र बढ़ गया है ताे ये किसी भी समय हो सकता है।
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