चांद नहीं दिखा, ख्वाजा साहब का 807वां उर्स आज रात से

3 वर्ष पहले
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अजमेर | हिजरी संवत के रजब महीने का चांद गुरुवार को नजर नहीं आया। इसे देखते हुए अब महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 807वें उर्स का आगाज शुक्रवार रात से होगा। उर्स की धार्मिक रस्मों के रूप में दरगाह दीवान की सदारत में पहली महफिल होगी और मध्यरात्रि को मजार शरीफ को पहला गुस्ल दिया जाएगा। उर्स का अवकाश 14 मार्च गुरुवार को रहेगा। हिजरी संवत के जमादिउस्सानी महीने की 29 तारीख को देखते हुए मगरिब की नमाज के बाद दरगाह में हिलाल कमेटी की बैठक शहर काजी मौलाना तौंसीफ अहमद सिद्दीकी की सदारत में हुई। शहर के विभिन्न हिस्सों और आसपास से रजब के चांद के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन कहीं से चांद नजर आने की सूचना नहीं मिली।

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अब उर्स की रस्मों का आगाज महफिल खाना में शुक्रवार रात को 10 बजे दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान की सदारत में होने वाली पहली महफिल से होगा। शाही कव्वाल असरार हुसैन और साथी सूफियाना कलाम पेश करेंगे। महफिल के मध्य ही दरगाह दीवान मध्य रात्रि को आस्ताना शरीफ पहुंचेंगे और मजार शरीफ को पहला गुस्ल देंगे। शेष | पेज 6

14 को होगा कुल और 17 को बड़ा कुल

गरीब नवाज के उर्स का कुल 14 मार्च गुरुवार को होगा। इसी दिन जन्नती दरवाजा बंद हो जाएगा। बड़ा कुल 17 मार्च रविवार को होगा।

उर्स के दौरान दो बार जुमे की नमाज

इस बार उर्स के दौरान अकीदतमंद दो बार जुमे की नमाज अदा करेंगे। पहला जुमा 8 मार्च को और दूसरा जुमा 15 मार्च को होगा।

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