दाे साल पहले तक खाे-खाे से अनजान था नेपाल, अब स्कूलाें में बच्चाें से लेकर जवान तक खेल रहे

Ajmer News - धीरेंद्र सिंह पालरिया | अजमेर मिट्टी से मैट तक का सफर तय करने के बाद भारतीय खेल खाे-खाे अब अन्य देशाें में भी...

Nov 11, 2019, 06:35 AM IST
धीरेंद्र सिंह पालरिया | अजमेर

मिट्टी से मैट तक का सफर तय करने के बाद भारतीय खेल खाे-खाे अब अन्य देशाें में भी लोकप्रिय हाे रहा है। इसका श्रेय भारतीय खाे-खाे महासंघ काे जाता है जिसने नेपाल में खाे-खाे काे वहां के प्रमुख खेल में शामिल करवा दिया है। जहां काेई खाे-खाे काे जानता तक नहीं था अब वहां के स्कूलांे में खाे-खाे खिलाया जा रहा है, फिजिकल एजुकेशन में शामिल है। यही नहीं, नेपाल आर्मी अाैर अार्म्ड पुलिस फाेर्स भी खाे-खाे खेलती है।

नेपाली खिलाड़ी 12वें साउथ एशियन गेम्स में पदक हासिल कर चुके हैं। अब यह देश अगली साल दिसंबर में 13वें साउथ एशियन गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है।

इसी की तैयारी करने नेपाल खाे-खाे महिला पुरुष टीम इन दिनाें भारत दाैरे पर है। इंदाैर में पहले चरण के बाद अजमेर में टीम ने प्रैक्टिस कैंप का दूसरा चरण पूरा कर लिया है। अंतिम चरण दिल्ली में 11 से 15 नवंबर हाेगा।

धीरेंद्र सिंह पालरिया | अजमेर

मिट्टी से मैट तक का सफर तय करने के बाद भारतीय खेल खाे-खाे अब अन्य देशाें में भी लोकप्रिय हाे रहा है। इसका श्रेय भारतीय खाे-खाे महासंघ काे जाता है जिसने नेपाल में खाे-खाे काे वहां के प्रमुख खेल में शामिल करवा दिया है। जहां काेई खाे-खाे काे जानता तक नहीं था अब वहां के स्कूलांे में खाे-खाे खिलाया जा रहा है, फिजिकल एजुकेशन में शामिल है। यही नहीं, नेपाल आर्मी अाैर अार्म्ड पुलिस फाेर्स भी खाे-खाे खेलती है।

नेपाली खिलाड़ी 12वें साउथ एशियन गेम्स में पदक हासिल कर चुके हैं। अब यह देश अगली साल दिसंबर में 13वें साउथ एशियन गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है।

इसी की तैयारी करने नेपाल खाे-खाे महिला पुरुष टीम इन दिनाें भारत दाैरे पर है। इंदाैर में पहले चरण के बाद अजमेर में टीम ने प्रैक्टिस कैंप का दूसरा चरण पूरा कर लिया है। अंतिम चरण दिल्ली में 11 से 15 नवंबर हाेगा।

नेपाल में डंडी बियाे (गिल्ली-डंडा) के बाद सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल बना खो-खो

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भारतीय खेल खाे-खाे अब सरहद पार भी हाे रहा है लोकप्रिय

भारतीय खेल खाे-खाे अब सरहद पार भी हाे रहा है लोकप्रिय

खाे-खाे काे कई देशाें में पहुंचाएंगे हम


आधुनिक स्तर की सुविधाएं | नेपालगंज, बरदिया जिला के भूरी गांव में इंडाेर स्टेडियम बना हुअा है। यहां इंटरनेशनल लेवल की मैट लगाई गई है। महिला व पुरुषों की 20-20 खिलाड़याें की टीम तैयार करने पर फाेकस है। नेपाल अभी साउथ एशियन खेलाें की मेजबानी की तैयारी में जुटा है।

भारत ने इन देश काे भी सिखाया खाे-खाे

भारत से निकलकर खाे-खाे केवल नेपाल ही नहीं दूसरे देश में तक भी पहुंचा है। श्रीलंका, काेरिया, दुबई, ईरान, पाकिस्तान, इंग्लैंड काे भारतीयों ने खाे-खाे खेलना सिखाया है। भारतीय खाे-खाे महासंघ के 2020 कैलेंडर में अन्य देशाें के ट्रेनिंग सेशन शामिल हैं। विभिन्न देशाें में खाे-खाे काे पहुंचाने के भारत के इस योगदान में राजस्थान समेत अजमेर के पदाधिकारी भी शामिल हैं। इनमें राजस्थान खाे-खाे संघ के सचिव डाॅ. असगर अली व भारतीय खाे-खाे महासंघ के उपाध्यक्ष व राजस्थान अध्यक्ष भंवर सिंह पलाड़ा शामिल हैं। टेक्निकल बाेर्ड में कन्वीनर के रूप में सेवानिवृत चीफ साई काेच श्यामसुंदर शर्मा सहित कई अाॅफिशियल के रूप में सेवाएं देते हैं।

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