कोराेना आपदा में परेशान न हो कोई, मदद का प्लान तैयार

Ajmer News - काेविड-19 महामारी के मद्देनजर अापदा प्रबंध प्राधिकरण के लिए जिला कलेक्टर ने पिछले कुछ दिन में जाे अस्पताल...

Apr 02, 2020, 06:35 AM IST

काेविड-19 महामारी के मद्देनजर अापदा प्रबंध प्राधिकरण के लिए जिला कलेक्टर ने पिछले कुछ दिन में जाे अस्पताल अधिग्रहीत किए थे उनमें अब जरूरतमंदों काे इलाज की सहूलियत मिल गई है। इससे पहले जिले में अधिग्रहीत किए गए अस्पतालों से मरीज शिफ्ट करने के साथ ही उन्हें केवल काेविड-19 के मरीजाें व संदिग्धाें के लिए खाली रखने का आदेश दिया गया था। भास्कर ने इस पर सुझाव दिया था कि जब तक काेविड-19 के मरीज इन अधिग्रहीत अस्पतालों में भर्ती नहीं किए जा रहे तब तक सामान्य मरीजाें के इलाज की इजाजत दी सकती है। जिला कलेक्टर विश्व माेहन शर्मा ने बुधवार काे जारी आदेश में कहा है कि अब तक जाे अस्पताल अधिग्रहीत किए गए हैं अाैर भविष्य में जाे किए जाने है उनसे इस अाशय का शपथ पत्र ले लिया जाए कि जिला प्रशासन की मांग पर दाे घंटे के भीतर क्रियाशील अवस्था में अस्पताल साैंप देंगे। जब तक अस्पताल की जरूरत नहीं पड़ेगी तब तक जरूरतमंद मरीजाें की देखरेख करते रहेंगे। इसमें शहर के मित्तल अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर सहित किशनगढ़ का मार्बल सिटी अस्पताल अाैर ब्यावर के पार्श्वनाथ हाॅस्पिटल, आनंद हाॅस्पिटल अाैर जय क्लिनिक शामिल हैं। इसके अलावा अब भविष्य में जाे भी अस्पताल काेविड-19 के लिए अधिग्रहीत हाेंगे उनमें भी यही व्यवस्था रहेगी।

भास्कर ने उठाया था सवाल अाैर दिया था बेहतरी के लिए सुझाव

प्रारंभिक रूप से जब अस्पताल अधिग्रहीत किए गए ताे उनसे कहा गया था कि अब इन अधिग्रहीत अस्पतालाें में काेविड-19 के अलावा अन्य किसी मरीज का इलाज नहीं हाेगा। इसके अलावा मरीजाें काे अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने के साथ ही किसी भी अन्य मरीजाें की देखरेख पर भी पाबंदी लगा दी थी। भास्कर ने इस पर सवाल उठाया कि एक अाेर ताे ज्यादातर प्राइवेट क्लिनिक बंद हैं वहीं सरकारी अस्पताल में भी अन्य बीमारियाें के मरीजाें का इलाज नहीं हाे पा रहा है। मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। भास्कर ने सुझाव दिया था कि अधिग्रहीत अस्पतालाें में सामान्य रूप से जरूरतमंदों के इलाज की व्यवस्था जारी रखनी चाहिए अाैर जरूरत पड़ने पर तत्काल अस्पताल प्रबंधन से सुपुर्द करने काे कहा जा सकता है। इस पर प्रशासन ने संवदेनशील रुख अपनाते हुए विचार किया अाैर बुधवार काे राहत प्रदान की है।

अाइसाेलेशन में पलंग की संख्या बढ़ाई

रेलवे हॉस्पिटल में काेराेना से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड में पलंग की संख्या 40 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है। मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद नए वेंटिलेटर व अाॅक्सीजन, सक्क्षन प्लांट सहित उपकरणों की खरीद की जा रही है।

मरीजाें काे घर बैठे दवा

नाॅर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉयज यूनियन की अाेर से मरीजों काे घर बैठे दवाइयां दी जा रही है। सीएमएचओ ने बताया कि वाटसएप पर दवाओं की सूची देने के बाद दवाइयां यहां से जारी की जा रही है।

रेलवे हॉस्पिटल में बढ़ाए पलंग, आइसोलेशन के इंतजाम, वेंटिलेटर-ऑक्सीजन की खरीद

हेल्थ रिपाेर्टर | अजमेर

काेराेना वायरस काे देखते हुए रेलवे अस्पताल प्रशासन ने नई व्यवस्थाएं शुरू कर दी है। पिछले दाे दिनों से यहां आमजन काे हाे रही परेशानी के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में अा गया है। इस मामले काे लेकर रेलवे के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. पीसी मीणा ने विशेष कार्य योजना तैयार की है।

अस्पताल में दूसरे विभाग के कार्मिकों काे भी देखे जाने के आदेश जारी हाेने के बाद उनके लिए अलग रजिस्टर संधारित करवाया जा रहा है। चिकित्सकों काे पाबंद किया गया है कि वह दूसरे मरीजों काे भी देखंेंगे। सभी दूसरे विभागों से अाने वाले मरीजों काे उनके साथ हेल्थ कार्ड भी लाने के लिए कहा गया है। आपातकालीन यूनिट में बुधवार काे मरीजों का आंकड़ा साढ़े तीन साै तक पहुंच गया जबकि जाेन में यह 700 साै था। वहीं 30 के करीबन पीपीई किट मंगवाए गए हैं। वहीं अस्पताल में लिखे पुराने चिकित्सकों की नेम प्लेट काे पुतवाया गया। इस मामले काे भास्कर ने मंगलवार के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रशासन ने ये कदम उठाए हैं।

अधिग्रहीत अस्पतालों में अब जरूरतमंदों का होगा इलाज

राशन सामग्री बेचने वाले वाहनाें पर भी प्रशासन ने लगवाए लाउडस्पीकर

सिटी रिपाेर्टर | अजमेर

जिला प्रशासन ने लाॅक डाउन के दाैरान लाेगाें काे घर पर ही राशन पहुंचाने की व्यवस्था ताे कर दी थी लेकिन राशन सामग्री लेेकर जाने वाले वाहनाें पर लाउडस्पीकर नहीं हाेने से लाेगाें काे इनके अाने की जानकारी ही नहीं हाे रही थी। भास्कर ने इस बाबत खबर प्रकाशित कर मुद्दा उठाया अाैर अब प्रशासन ने इन वाहनाें पर लाउडस्पीकर लगवा दिए हैं। बुधवार काे कई वार्डाें में लाउडस्पीकर लगे वाहनाें से राशन के लिए अनाउंसमेट हुअा अाैर अामजन काे इसका फायदा भी मिला।

लाॅक डाउन के दाैरान रसद विभाग ने शहर के 60 वार्ड के लिए चल दुकानें संचालित की थी। तीन दिन तक इनसे सामग्री नहीं मिलने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। भास्कर ने इस पर सवाल उठाए अाैर सुझाव भी दिया कि बंद के दाैरान लाेग घराें में रहते हैं एेसे में राशन वितरण वाला वाहन कब अाकर चला गया उन्हें मालूम नहीं पड़ता है। अगर प्रशासन राशन लेकर वार्डाें मे जा रहे वाहनाें से अनाउंसमेंट की व्यवस्था करेगा तभी अामजन काे फायदा मिल पाएगा।

भामाशाहाें अाैर संस्थाओं के द्वारा वितरित फूड पैकेट की माॅनिटरिंग के लिए बनाया दल

शहर में कई संस्थाएं अाैर भामाशाह फूड पैकेट का वितरण कर रहे हैं लेकिन अापस में समन्वय नहीं हाेने से कई इलाकाें में ताे भाेजन ज्यादा बंट रहा है अाैर कई एेसे क्षेत्र हैं जहां अब तक राहत नहीं पहुंची है। भास्कर ने इस संबंध में भी सुझाव दिया था कि प्रशासन काे इसमें दखल देते हुए समन्वय कायम करना चाहिए। प्रशासन ने इस दिशा में दाे महत्वपू्र्ण कदम उठाए हैं। कलेक्टर विश्व माेहन शर्मा ने शहर के नाै थाना क्षेत्राें में भामाशाहाें अाैर संस्थाओं द्वारा वितरित किए जा रहे फूड पैकेट्स वितरण के काम की माॅनीटरिंग के लिए दल गठित किया है। थानावार अधिकारियाें की नियुक्ति कर दी है जाे वितरण करने वालाें से समन्वय स्थापित कर जानकारी एकत्रित कर िनर्धारित प्रपत्र में जिला रसद अधिकारी काे उपलब्ध करवाएंगे।

भास्कर इम्पैक्ट **

खारीकुई कर्फ्यू क्षेत्र में सेवाधारियाें ने घर-घर जाकर जरूरत का सामान व अष्टमी पर पूरे इलाके में प्रसाद वितरण किया।

लगा दिए िनशान

रेलवे हॉस्पिटल में मरीजों की बढ़ती संख्या काे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से मरीजों काे दूर दूर खड़ा रखने के लिए निशान लगाए गए हैं। सभी चिकित्सकों काे मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे अस्पताल मंे अाईसाेलेशन के लिए स्पेशल वार्ड बनाए।

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