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पीजी परीक्षा : चाॅइस बेस्ड क्रैडिट सिस्टम लागू होगा, अंकतालिकाओं में क्यूआर काेड

एक वर्ष पहले
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यूनिवर्सिटी में आगामी सत्र 2021 के स्नातकाेत्तर स्तर की परीक्षाओं में चाॅइस बेस्ड क्रैडिट सिस्टम लागू हाेगा। साथ ही स्नातकाेत्तर स्तर पर एमएससी फिजिक्स व गणित पाठ्यक्रमाें के साथ-साथ स्नातक स्तर पर बी-फार्मा, डी-फार्माे, पीजीडीसीए आैर बीसीए (आॅनर्स) काेर्स भी प्रारंभ हाेगा। महर्षि दयानंद सरस्वती (एमडीएस) यूनिवर्सिटी में गुरूवार काे विद्या परिषद की 61वीं बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है।

स्वतंत्रता सैनानियाें आैर शहीदाें के आश्रिताें से नहीं लेंगे शुल्क

बैठक के दाैरान यूनिवर्सिटी में आगामी सत्र से निजी काॅलेजाें के लिए केंद्रीयकृत आॅनलाइन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने पर भी माेहर लगी। इसके लिए डीन (शिक्षा) प्राे. नगेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया, जिसमें प्राे. लक्ष्मी ठाकुर, प्राे. अरविंद पारीक, कुलसचिव आैर एसीपी काे सदस्य मनाेनीत किया गया। विद्या परिषद के सदस्याें की सहमति से यूनिवर्सिटी से संबद्धता प्राप्त काॅलेजाें में बीए-एलएलबी आैर बीएससी एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए संबद्धता शुल्क 1.5 लाख रुपए निश्चित किया गया। साथ ही यह भी तय किया गया कि स्वतंत्रता सैनानियाें आैर शहीदाें के आश्रिताें से यूनिवर्सिटी से संबद्ध काेई भी काॅलेज किसी भी तरह का शुल्क नहीं लेगा।

एमसीए अब 3 साल का नहीं, 2 साल का हाेगा

एआईसीटीई के निर्देशानुसार अब यूनिवर्सिटी में एमसीए पाठ्यक्रम 3 साल का नहीं हाेगा, यह दाे साल का हाेगा। बैठक के दाैरान यूनिवर्सिटी में संचालित एमजेएमसी विभाग का नाम कप्तान दुर्गाप्रसाद चाैधरी जर्नलिज्म, मास कम्यूनिकेशन एवं मल्टी-मीडिया टैक्निक करने पर सहमति प्रदान की गई। यह भी तय किया गया कि किसी भी प्रायाेगिक विषयाें में अब स्वयंपाठी विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले सकेंगे।

अब सर्विस मैनेजमेंट, एक्ज्यूकेटिव मैनेजमेंट आैर ट्रैवल्स एंड टूरिज्म में भी होगा एमबीए

विद्या परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से एमबीए विभाग में नए विषय एमबीए इन सर्विस मैनेजमेंट, एक्ज्यूकेटिव मैनेजमेंट आैर ट्रेवल्स एंड टूरिज्म शुरू करने का निर्णय लिया गया। साथ ही सीबीएसबीएम द्वारा नए स्किल्ड काेर्स प्रारंभ करने के लिए स्किल्ड यूनिवर्सिटी जयपुर के साथ महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमाें के लिए एमआेयू करने पर भी सहमति बनी।

प्राइवेट कॉलेजों को स्थाई मान्यता जल्द

5 वर्ष या उससे अधिक वर्ष पुराने अस्थाई मान्यता प्राप्त राजकीय आैर निजी काॅलेजाें काे अब जल्द ही स्थाई मान्यता दी जाएगी। बैठक में यह फैसला किया गया। साथ ही यूनिवर्सटी में केमेस्ट्री, एनवाॅयरमेंट, बाॅटनी आैर जूलाॅजी विभागाें काे स्ववित्त पाेषित काेर्स प्रारंभ करने, यूनिवर्सिटी में गेस्ट फैकल्टी के स्थान पर कांट्रेक्ट फैकल्टी लागू करना आैर अंकतालिकाओं में नए फीचर क्यूआर काेड जाेड़ने पर भी सहमति बनी।
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