भाई दूज पर बहनाें ने की भाइयों की लंबी उम्र के लिए कामना
हाेली भाई दूज का पर्व बुधवार काे मनाया गया। भाई के प्रति प्रेम का प्रतीक यह पर्व हिंदू कैलेंडर के मुताबिक हर वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि काे मनाया जाता है।
इस दिन बहनें भाईयाें की लंबी उम्र की कामना करती हैं, भाई-बहन के रिश्ते काे मजबूत करती हैं। मालूम हाे कि भाईदूज पर्व वर्ष में दाे बार मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक हाेली पर धुलंडी के अगले दिन आैर दिवापली के दूसरे दिन भाईदूज या भ्रात द्वितीय पर्व मनाया जाता है।
ये है मान्यता
सूर्य की प|ी संज्ञा की दाे संताने थीं, बेटा यमराज आैर बेटी यमुना। दाेनाें भाई बहन में बेहद प्यार था। यमुना हर साल नियमित रूप से अपने भाई से मिलने घर आकर कुशलक्षेम पूछती थीं। यमराज काे वे घर बुलाती थीं, लेकिन वे किन्हीं कारणाें से नहीं जा पाते थे। एक दिन यमराज बगैर सूचना के कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया काे बहन युमना के घर पहुंचे। भाई काे देख यमुना बहुत प्रशन्नचित हुईं। उन्हाेंने तिलक लगाकर स्वागत किया। स्वादिष्ट पकवान पराेसे, यमराज ने भी यमुना काे कई उपहार दिए। जब वे अपनी बहन के घर से रवाना हाेने लगे ताे प्रेमवश उन्हाेंने बहन से काेई एक वरदान मांगने काे कहा। तब यमुना ने कहा कि आप हर साल इस तिथि काे मेरे घर आएंगे आैर भाेजन करेंगे। इसी तरह जाे भाई इस तिथि काे अपनी बहन के घर जाएगा, वे तिलक लगवाएगा आैर भाेजन करेगा। बहन काे उपहार भी देगा। आप उसकी सभी मनाेकामना की पूर्ति करेंगे। इसके साथ ही आपका उसे काेई डर नहीं रहेगा। यमराज अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हाेंने बहन काे वरदान दे दिया। इसके बाद हर साल भाईदूज का पर्व मनाया जाने लगा।