शील सप्तमी कल, मेला आयोजन 16 व 17 को
शील सप्तमी इस बार दो दिन मनाई जा रही है। पंचांग और पंडितों के मुताबिक तो शील सप्तमी रविवार को ही रहेगी, जबकि कई घरों में बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं ने सोमवार को ठंडे दिन शीतला माता पूजने का फैसला लिया है।
तीर्थराज पुष्कर के पंडित कैलाशनाथ दाधीच ने बताया कि शनिवार को माताजी के भोग लगाने के व्यंजन बनाने का दिन यानी रांधा-पोआ हो सकेगा। रविवार को माताजी को ठंडा भोग लगाकर पूजन किया जाएगा। क्योंकि शनिवार की रात 2.25 मिनट पर ही अष्टमी लग जाएगी, रविवार को सुबह 6.51 बजे सूर्योदय होगा। अष्टमी रविवार को रात 2.19 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदियात तिथि की मान्यता के अनुसार रविवार को शीतल सप्तमी मनाया जाना श्रेयस्कर है। इधर लोकोचार एवं पौराणिक मान्यताओं अनुसार कई परिवारों में महिलाएं रविवार को व्यंजन बनाएंगी और सोमवार को पूजन करेंगी। ऐसे में कई परिवारों में पंचांगों के अनुसार तो कई परिवार में बड़े बुजुर्गों से सलाह लेकर शील सप्तमी का पूजन किया जा रहा है।
मेला अायाेजन की तैयारियां : प्राइवेट बस स्टैंड स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर पर 16 एवं 17 को मेला भरेगा। मंदिर के पुजारी इंदरचंद प्रजापति ने बताया कि 15 मार्च को रांधा पोआ रहेगा, 16 एवं 17 मार्च को मेला भरेगा। दोनों ही दिन शहरवासी माताजी का पूजन करने एवं बच्चों को धाेक देने के लिए लाएंगे। मंदिर के आसपास अस्थायी दुकानों के लगने का क्रम भी शुरू हो चुका है।