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स्मार्ट सिटी : अजमेर देश में 42वें आैर राज्य में सबसे निचले पायदान पर, रैंकिंग जारी

एक वर्ष पहले
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केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री आॅफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने स्मार्ट सिटीज की रैंकिंग जारी कर दी है। देशभर के 100 स्मार्ट सिटीज में अजमेर 42वें पायदान पर है। जबकि राज्य में उदयपुर, काेटा, जयपुर के बाद सबसे आखिरी में अजमेर का नाम है।

रैंकिंग कई अलग-अलग मद जैसे प्राेजेक्ट पूरे हाेने, वर्क आॅर्डर जारी हाेने, टेंडर हाेने, फंड ट्रांसफर हाेने सहित अलग-अलग आठ सेक्शन में निर्धारित मापडंद में मिले अंकाें के आधार पर तय की गई है। कुल 100 अंकाें में अजमेर काे 37.05 अंक हासिल हुए हैं। इस रैंकिंग में उदयपुर देश में 17वें स्थान पर है। जबकि काेटा 32वें आैर जयपुर 38वें स्थान पर जगह बना पाया है।

यह हैं रैंकिंग की मैथाॅडलाॅजी

स्मार्ट सिटीज की रैंकिंग के लिए मिनिस्ट्री आॅफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने 100 अंक निर्धारित किए थे। इसमें प्राेजेक्ट इंप्लीमेंटेशन के 2 अंक, कम्यूलेटिव वैल्यू आॅफ वर्क्स इश्यूड के 4 अंक, वर्क्स कंपलीट के 6, टेंडर इश्यूड के 8, वर्क आॅर्डर अंडर एससीएमएलपी के 16 अंक, वर्क कंपलीटिड अंडर एससीएमएलपी के 24, ट्रांसफर आॅफ फंड्स टू एसपीवी अकाउंट के 14, यूटिलाइजेशन आॅफ फंड्स बाॅय एसपीवी के 14, नंबर आॅफ स्मार्ट सिटी एडवायजरी फाेरम के 6 आैर नंबर आॅफ टाइम कंपलेंट यूसी के 6 अंक निर्धारित किए गए थे। स्मार्ट सिटी अजमेर काे प्राेजेक्ट इंपलीमेंटेशन सहित शुरुआत के छह सेक्शन में कुल 16.44 अंक प्राप्त किए। वहीं फंड ट्रांसफर सहित सातवें सेक्शन में कुल 11.29 अंक आैर फंड यूटिलाइजेशन सहित आठवें सेक्शन में कुल 9.32 अंक हासिल किए हैं।

राज्य में सबसे पीछे अजमेर

मिनिस्ट्री द्वारा जारी की गई स्मार्ट सिटीज की रैंकिंग सूचि में आगरा पहले स्थान पर है। आगरा ने कुल 73.17 अंक हासिल किए हैं। जबकि शिलांग सबसे अंतिम पायदान पर यानि 100वें स्थान पर है। शिलांग ने कुल 8. 29 अंक अर्जित किए हैं। राजस्थान में अजमेर अन्य स्मार्ट सिटीज से पिछड़कर सबसे अंतिम पायदान पर है। उदयपुर 48.79 अंकाें के साथ 17वें पायदान पर है। वहीं काेटा ने कुल 43.54 अंक हासिल कर 32वें स्थान पर जगह बनाई है। जयपुर 38.95 अंकाें के साथ 38वें स्थान पर है।

ये हैं हालात

स्मार्ट सिटी में कुल 1145 कराेड़ की लागत से 72 प्रोजेक्ट पर काम हाेना है। इनमें से 90 कराेड़ की लागत से कुल 6 प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। जबकि 580 कराेड़ की लागत से 24 प्रोजेक्ट पर काम जारी है, 35 कराेड़ की लागत से 8 प्रोजेक्ट टेंडरिंग स्टेज पर हैं। जबकि 34 प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जा रही है। इन प्राेजेक्ट्स पर कुल 440 कराेड़ रुपए खर्च किए जाने हैं।
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