अधिक मुश्किल नहीं रहा स्टैंडर्ड मैथ्स का भी पेपर
अजमेर | सीबीएसई में पहली बार एक दिन में मैथ्स के दो पेपर हुए। 11वीं में मैथ्स का चयन करने वाे स्टूडेंट्स ने स्टैंडर्ड मैथ्स व अन्य विषय का चयन करने वालों ने बेसिक मैथ्स का पेपर दिया। एक्सपर्ट ने पेपर का एनालिसिस करने के बाद बताया कि स्टैंडर्ड मैथ्स के पेपर का डिफिकल्टी लेवल अधिक मुश्किल नहीं रहा। दोनों के सवाल एनसीईआरटी के सिलेबस से ही पूछे गए थे। बेसिक मैथ्स से कुछ मुश्किल ही स्टैंडर्ड मैथ्स का पेपर रहा। दोनों ही पेपर्स में सैंपल पेपर के अनुसार ही चार चार भाग थे। अंक विभाजन के लिहाज से भी प्रश्न पत्र समान ही थे। पेपर के पहले भाग में 1-1 अंक के 20 प्रश्न, दूसरे हिस्से में 2-2 अंकों के 6, तीसरे में 3-3 अंकों के 8 प्रश्न और चौथे व आखिरी भाग में चार-चार अंकों के 6 प्रश्न थे। दोनों ही प्रश्न पत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों, रिक्त स्थानों की पूर्ति से संबंधित प्रश्नों व गद्यांंश आधारित प्रश्नों के स्तर में कोई बड़ा अंतर नहीं था। मैथमेटिक्स-स्टैंडर्ड में गद्यांश आधारित प्रश्न में “प्रायिकता” के दो प्रश्न पूछे गए थे और यह दोनों प्रश्न सामान्य स्तर के थे। मैथमेटिक्स-बेसिक में गद्यांश आधारित प्रश्न ग्राफ व ज्यामिति पर आधारित था। जिसमें पैरेललोग्राम के निर्माण से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे। प्रश्न सामान्य स्तर के थे।