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आचार्य लक्ष्मीकांत जोशी की स्मृति में राज्य स्तरीय साहित्य प्रतियोगिता शुरू

एक वर्ष पहले
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अजमेर | कला, संस्कृति, शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध “सृजना’ संस्था ने सूर्यनगरी के ख्यातनाम साहित्यकार, रंगकर्मी, पत्रकार, व्यक्तित्व-निर्माता और प्रसिद्ध शिक्षक आचार्य लक्ष्मीकांत जोशी की स्मृति में प्रतिवर्ष अखिल राजस्थान स्तरीय साहित्य प्रतियोगिता शुरू की है। आचार्य लक्ष्मीकांत जोशी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में देश की अनेक प्रतिभाओं के प्रेरणा-स्राेत रहे हैं। वे हिंदी के प्राध्यापक ही नहीं, लोहियावादी चिंतक भी थे। समाज के लिए उन्होंने उत्कृष्ट साहित्य और पत्रकारिता को सदैव अपरिहार्य माना था। उनकी स्मृति में प्रथम प्रतियोगिता कथा साहित्य के क्षेत्र में आयोजित की गई थी। उस प्रतियोगिता के पुरस्कृत कथाकार ओम भाटिया की कृति बुर्ज, चांद और धुंआ को श्रेष्ठ मानते हुए ख्यातनाम रचनाकार प्रियंवद ने एक समारोह में रचनाकार को सम्मानित किया था। सृजना के सचिव हरीदास व्यास ने बताया कि सृजना-कार्यकारिणी के निर्णयानुसार इस बार अखिल राजस्थान स्तरीय आचार्य लक्ष्मीकांत साहित्य द्वितीय प्रतियोगिता 2019 साहित्य की “कविता विधा के क्षेत्र में रखी गई है। इस प्रतियोगिता में केवल राजस्थान के मूल निवासी अथवा पिछले दस वर्षों से राजस्थान में निवास करने वाले रचनाकार ही भाग ले सकते हैं। इसमें सृजना कार्यकारिणी के सदस्य भाग नहीं ले सकेंगे। इस प्रतियोगिता के अंतर्गत रचनाकार 2016 से दिसम्बर 2019 की अवधि में प्रकाशित अपने किसी एक कविता-संग्रह की दो प्रतियां अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2020 तक सृजना-सचिव, घर-गली संख्या 2 चौपासनी ग्राम जोधपुर 342014 के पते पर केवल रजिस्टर्ड डाक अथवा स्पीड पोस्ट से भेज सकते हैं। रचनाकार को सादे कागज पर अपने मूल निवास का शपथ पत्र भी संलग्न करना होगा। शपथ-पत्र के साथ ही आवेदित प्रतियां स्वीकृत होंगी ।सर्वश्रेष्ठ कृति का निर्णय निर्णायक समिति करेगी। निर्णायक मंडल का निर्णय ही अंतिम रूप से स्वीकार्य होगा। चयनित कृति के रचनाकार का एक समारोह में 21 हजार रुपए की राशि, सम्मान-पत्र, शॉल, श्रीफल प्रदान कर अभिनंदन किया जाएगा।
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