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यह पहला उर्स है जिसमें पूर्व पीएम वाजपेयी की चादर नहीं थी

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 04:30 AM IST

Ajmer News - महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का 807वां उर्स ऐसा पहला उर्स है जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी...

Ajmer News - rajasthan news this is the first urs in which there was no sheet of former pm vajpayee
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महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का 807वां उर्स ऐसा पहला उर्स है जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से चादर पेश नहीं हो सकी। कारण, अब अटल बिहारी वाजपेयी इस दुनिया में नहीं हैं और उनकी ओर से चादर भेजने वाला भी कोई नहीं। पिछले वर्ष 16 अगस्त को उनका निधन हो गया था।

गरीब नवाज के उर्स के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विभिन्न वर्तमान मंत्रियों व पूर्व मंत्रियों की ओर से चादर भेज कर खिराज ए अकीदत पेश किया गया।

पीएम रहे तब भी पीएम नहीं थे, तब भी भेजी चादर: देश के प्रधानमंत्रियों में अटल बिहारी वाजपेयी अकेले ऐसे प्रधानमंत्री हुए हैं जो पीएम रहते हुए तो गरीब नवाज के उर्स के मौके पर हर साल चादर भेजते ही थे। पीएम नहीं रहने पर भी उन्होंने बिना नागा ख्वाजा साहब के उर्स के लिए चादर भेज कर अपनी अकीदत का इजहार किया। यह सिलसिला उनके देहांत से पूर्व के उर्स यानी 806वें उर्स तक लगातार चला।

1977 में पहली बार चादर पेश की: दिवंगत वाजपेयी के दुआ गो सैयद अब्दुल बारी चिश्ती ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती से बड़ी अकीदत रखते थे।

जब 1977 में वह विदेश मंत्री थे, जियारत को यहां आए। उन्होंने गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश किए। इसके बाद 1978 से लगातार हर साल गरीब नवाज के उर्स के मौके पर वाजपेयी की ओर से चादर भेजी जाती थी।

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