ये कैसी जांच... पड़ताल के लिए स्कूल आए शिक्षा अधिकारियों की आवभगत
आठवीं बोर्ड के अंग्रेजी के पेपर में नकल का खुलासा होने के बाद शनिवार को जांच करने गए शिक्षा अधिकारियों के दल की मॉडल स्कूल प्रबंधन ने जमकर अावभगत की। जांच दल के सदस्याें काे गुलाब जामुन-कचौड़ी और चाय -कॉफी सर्व की गई। मीडिया कर्मी जब इस घटना का कवरेज करने पहुंचे ताे शिक्षा अधिकारी झल्ला गए और फोटो नहीं छापने की बात कहने लगे। विवादित मामले में जांच दल की इस तरह की तीमारदारी महकमे में चर्चा का विषय बन गई है । इस मामले आठवीं बोर्ड परीक्षा का हिंदी का दूसरा पेपर शुरू हाेने के एक घंटे पहले मॉडल स्कूल के 9 शिक्षकों को यहां से हटाकर परीक्षा लेने के लिए ओसवाल सीनियर सेकंडरी स्कूल भेज दिया गया।
नकल प्रकरण मामले का खुलासा दैनिक भास्कर ने 14 मार्च के अंक में पेज नंबर 2 पर शीर्षक...सरकारी स्कूल के बच्चों को शिक्षकों ने ही कराई नकल...समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आठवीं बोर्ड की परीक्षा दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होनी थी, इससे पहले ही यहां पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सहायक निदेशक अजय गुप्ता, डाइट प्रिंसीपल रंजू पारीक ने मामले की जानकारी ली। संस्था प्रधान बीनू मेहरा काे एक अभिभावक शफीक खान ने खरी खोटी सुनाते हुए जांच की मांग की, इस दौरान कुछ देर के लिए मामला गर्मा गया। शफीक खान ने शाम को परीक्षार्थियों को देरी से छोड़ने पर भी विरोध प्रकट किया। शाम को 4 बजे बाद शिक्षा विभाग की ओर से गठित जांच दल की प्रमुख डीईओ अंजना शुभम, शिक्षा अधिकारी प्रदीप मल्होत्रा तथा नीलम जोशी ने जांच कार्य प्रारंभ किया।
छात्राओं के बाद अभिभावकों का भी छलका दर्द
बेटी ने घर आकर नकल के बारे में बताया और इसके बाद से परेशान हैं। पहले स्कूल में प्रिंसिपल से बात की, इसके बाद घबराई बेटी को परीक्षा दिलाने आया हूं।
-नितेश शर्मा ,अभिभावक
नकल के बारे में बेटी ने हमें जानकारी दे दी थी, मगर इसके बाद आज ही परीक्षा हुई है, हमने विरोध दर्ज करवाया है। दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
-आशिक अली, अभिभावक
शिक्षा मंत्री डोटासरा बोले... जांच में गड़बड़ी हुई तो दूसरे जिले के अधिकारी करेंगे जांच
आठवीं बोर्ड परीक्षा का नकल का मामला शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा तक पहुंच गया है। डाेटसरा ने दैनिक भास्कर को बताया कि शिक्षा अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि ये बालिकाओं की मेहनत और भविष्य का मामला है। निष्पक्ष जांच कर परीक्षार्थी बालिकाओं के साथ न्याय करें, जांच में कोई कमी या कोताही बरती गई तो दूसरे जिले के शिक्षा अधिकारियों से जांच करवाई जाएगी।
नकल प्रकरण मामले का खुलासा दैनिक भास्कर ने 14 मार्च के अंक में पेज नंबर 2 पर शीर्षक...सरकारी स्कूल के बच्चों को शिक्षकों ने ही कराई नकल...समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आठवीं बोर्ड की परीक्षा दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होनी थी, इससे पहले ही यहां पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सहायक निदेशक अजय गुप्ता, डाइट प्रिंसीपल रंजू पारीक ने मामले की जानकारी ली। संस्था प्रधान बीनू मेहरा काे एक अभिभावक शफीक खान ने खरी खोटी सुनाते हुए जांच की मांग की, इस दौरान कुछ देर के लिए मामला गर्मा गया। शफीक खान ने शाम को परीक्षार्थियों को देरी से छोड़ने पर भी विरोध प्रकट किया। शाम को 4 बजे बाद शिक्षा विभाग की ओर से गठित जांच दल की प्रमुख डीईओ अंजना शुभम, शिक्षा अधिकारी प्रदीप मल्होत्रा तथा नीलम जोशी ने जांच कार्य प्रारंभ किया।
संस्था प्रधानों में आरोप प्रत्यारोप
मॉडल स्कूल की संस्था प्रधान ने डीईओ ऑफिस को लिखित में सूचना देते हुए द्रोपदी देवी सांवरमल विद्यालय की संस्था प्रधान रंजना अग्रवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने परीक्षा ड्यूटी में अपने स्कूल के शिक्षकों को शामिल करने का आग्रह किया था, यह कायदे के अनुसार नहीं था। इसके बाद यह घटना हुई है। द्रोपदी देवी सांवरमल विद्यालय की संस्था प्रधान रंजना अग्रवाल ने कहा कि उन्हें कायदे-कानून की पूरी जानकारी है। अब शिक्षकों के बचाव में कोई कुछ भी आरोप लगा सकता है।
एक स्कूल के 16 परीक्षार्थियों का आरोप, पांच स्कूलों के 38 बच्चों से लिए बयान
द्रौपदी देवी सांवरमल विद्यालय की 58 में से अब तक 16 बालिकाएं नकल का आरोप लगा चुकी हैं। जबकि जांच दल ने रेंडम बयान लेते हुए मॉडल स्कूल के 6 कमरों और एक हॉल में 38 परीक्षार्थियों के बयान लिए। जांच दल ने सोमवार को इस सेंटर पर परीक्षा दे रहे प्रताप पब्लिक स्कूल, संस्कार स्कूल, गुजराती, कचहरी रोड, द्रौपदी देवी स्कूल के संस्था प्रधानों काे जांच के लिए बुलाया गया है।
जांच दल की आवभगत में जुटा रहा स्कूल प्रबंधन।
नकल की पीड़ा आंसुओं से छलकी।
8वीं बोर्ड परीक्षा में नकल का अारोप लगाने वाली परीक्षार्थी छात्राएं।
बोर्ड परीक्षा में मॉडल स्कूल के बच्चों को उनके टीचर्स के द्वारा नकल करवाने की बात सामने आई है। यह शिक्षकों की नैतिकता का पतन है। कार्रवाई होनी चाहिए।
-योगेंद्र सिंह, अभिभावक
परीक्षा दे रही बेटिया मानसिक अवसाद में आ गई है। शिक्षकों से डर रही है, मगर खुलासा होने के बाद कुछ उनमें हिम्मत आई है। दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो, ताकि ऐसी घटना आगे नहीं हो।
-ममता शर्मा, अभिभावक