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एडीए ने गनाहेड़ा में अपनी बेशकीमती साठ बीघा जमीन 4 घंटे में अतिक्रमण मुक्त कराई

पुष्कर के नजदीकी ग्राम गनाहेड़ा पंचायत में अतिक्रमण हटाने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई।

Danik Bhaskar | Jul 19, 2018, 11:38 AM IST

पुष्कर. अजमेर विकास प्राधिकरण की ओर से बुधवार को पुष्कर के नजदीकी ग्राम गनाहेड़ा पंचायत में अतिक्रमण हटाने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। एडीए प्रशासन ने भारी पुलिस लवाजमे के बीच जेसीबी व अन्य साधनों की सहायता से एडीए स्वामित्व की 60 से अधिक बीघा बेशकीमती जमीन को महज चार घंटे में अतिक्रमण मुक्त करा दिया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने अतिक्रमियों की पैरवी करते हुए कार्रवाई का हल्का विरोध किया, लेकिन भारी पुलिस को देखते हुए वे अपने आशियाने समेटने लग गए।

- एडीए की मोतीसर रोड़ स्थित पुष्कर-गनाहेड़ा की सरहद पर करीब 85 बीघा जमीन (रेतीले धोरे)होटल-रिसोर्ट प्रयोजनार्थ आरक्षित की गई है। इस बेशकीमती जमीन पर गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ-साथ भोपा व नायक जाति के 40 घुमक्कड़ परिवारों ने मनचाहे साइज के भूखंड काट कर अतिक्रमण कर लिए। किसी ने कुछ ने पक्के कमरे बना लिए तो अधिकांश लोगों ने कच्ची मकान व झोपडिय़ां बना ली। एडीए की ओर से गत दिनों 46 अतिक्रमियों को सूची बद्ध करते हुए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद किसी ने अतिक्रमण नहीं हटाए।

ये अफसर पहुंचे

- बुधवार को एडीए उपायुक्त अशोक कुमार, एडीए के एएसपी प्रवीण कुमार, उपखंड अधिकारी वीके गोयल, डीएसपी ग्रामीण राजेश वर्मा, थानाधिकारी महावीर शर्मा भारी लवाजमे के साथ अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंचे। सबसे पहले पुलिस ने मौके पर विरोध करने की मंशा से मौजूद अतिक्रमियों व उनके समर्थकों को खदेड़ कर दूर कर दिया। जिला परिषद सदस्य माणक रावत, भाजपा के जिला देहात उपाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, सरपंच पति सीताराम मेघवंशी आदि ने अतिक्रमियों की पैरवी करते हुए एडीए अधिकारियों से गरीबों से पहले पास में स्थित प्रभावशाली लोगों व रिसोर्ट के अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए हल्का विरोध किया। इस पर एडीए उपायुक्त ने उन्हें बताया कि 46 में से दो रिसोर्ट संचालक समेत 4 लोगों के प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है तथा स्टे है। न्यायालय से मामला निस्तारण होने के बाद उनके अतिक्रमण भी हटा दिए जाएंगे।

एडीए के राजस्व कर्मचारियों व इंजीनियरों की टीम ने जेसीबी मशीनों से ध्वस्त किए अतिक्रमण

- एडीए उपायुक्त के निर्देशन में एडीए के राजस्व कर्मचारियों व इंजीनियरों की टीम ने तीन जेसीबी मशीनों की सहायता से बारी-बारी से एक के बाद एक करके सभी स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए। हालांकि उन्होंने अतिक्रमियों को अपना-अपना सामान समेटने व आशियानें सुरक्षित हटाने के लिए पूरा समय दिया। अधिकांश अतिक्रमी महिला-पुरुष व बच्चों ने खुद ही अपने-अपने अतिक्रमण हटा लिए। और देखते ही देखते 60 बीघा भूमि बिना किसी विरोध प्रदर्शन के अतिक्रमण मुक्त हो गई।

माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम

- एक शरारती युवक ने माहौल बिगाड़ने के लिए रुक-रु कर तीन झोपड़ियों में आग लगाई। मौके पर मौजूद पुलिस व एडीए कर्मचारियों ने तीनों बार आग को मिट्टी डाल कर काबू में कर लिया। वहीं तेज गर्मी की वजह से एक अतिक्रमी महिला गश खाकर गिर गई, जबकि शरारती व्यक्ति ने महिला की मौत की अफवाह फैला दी। इस कारण सभी अतिक्रमी महिला-पुरुष और बच्चे रोने-चीखने लगे। माहौल बिगड़ता इससे पहले एडीए व पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को लाठियां भांज कर तितर-बितर कर दिया और महिला को थाने की जीप में बैठा कर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी।

बाबा रामदेव की तस्वीर की आड़ में अतिक्रमण

- एडीए की बेशकीमती जमीन पर एक युवक ने बाबा रामदेव जी की तस्वीर की आड़ में चबूतरा बना कर बड़ा अतिक्रमण कर लिया। चबूतरे पर एक पत्थर भी रख दिया, जिस पर दो पैर की आकृति उकेरी गई थी। अतिक्रमी युवक ने इसे बाबा रामदेव जी के चमत्कारी पगल्या बताते हुए अतिक्रमण हटाने का विरोध किया। बाद में प्रशासन की सख्ती के बाद युवक ने अपना साजो सामान समेट लिया। इसी के साथ जेसीबी ने मिनटों में चबूतरे को ध्वस्त कर दिया।

एडीए ने दिखाई मानवता

- अतिक्रमण हटाने के दौरान एडीए प्रशासन भले ही सख्त रहा, लेकिन कार्रवाई खत्म होने के बाद एडीए की ओर से बेघर किए गए अतिक्रमी परिवारों को एक टाइम के भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए गए। वहीं उनका सामान शिफ्ट करने के लिए ट्रैक्टर व डंपर उपलब्ध कराए गए।

4 साल पहले अतिक्रमियों ने प्रशासन को लौटाया बैरंग

- एडीए प्रशासन गत चार साल पहले भी इसी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आया था। इस दौरान अतिक्रमियों व प्रभावशाली ग्रामीणों ने भारी विरोध किया। नतीजतन एडीए प्रशासन को बैरंग लौटना पड़ा था।

ग्राम गनाहेड़ा सीमा में स्थित एडीए की भूमि पर बड़ी संख्या में लोगों ने अतिक्रमण कर रखे थे। सभी को नोटिस दिए, मगर किसी ने अतिक्रमण नहीं हटाए। इसके बाद अभियान चला कर करीब 60 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। दो रिसोर्ट समेत चार अतिक्रमियों का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण उनका अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। यहां एडीए की करीब 85 बीघा भूमि होटल-रिसोर्ट प्रयोजनार्थ आरक्षित है। शीघ्र ही जमीन की नीलामी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।' -अशोक कुमार, उपायुक्त एडीए, अजमेर