सुनवाई / सुप्रीमकाेर्ट ने राज्य सरकार से पूछा- प्रदेश की राजस्व कोर्टों में कितने केस, जल्द निपटारे के लिए क्या याेजना



Supreme Court asked the Rajasthan government - how many cases in the revenue courts of the state
X
Supreme Court asked the Rajasthan government - how many cases in the revenue courts of the state

  • हाईकाेर्ट की खंडपीठ द्वारा अवमानना याचिका पर की जा रही कार्रवाई पर सुप्रीम काेर्ट ने राेक लगाई

Dainik Bhaskar

Aug 15, 2019, 02:29 AM IST

अजमेर (पंकज यादव). राजस्थान हाईकाेर्ट के बाद अब सुप्रीम काेर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश की राजस्व अदालताें में कितने मुकदमे लंबित हैं और इनके जल्द निपटारे के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। सुप्रीम काेर्ट के जस्टिस एनवी रमन्ना और जस्टिस अजय रस्ताेगी की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए हैं।

 

वहीं सुप्रीम काेर्ट ने सरकार काे अंतरिम राहत देते हुए राजस्थान हाईकाेर्ट द्वारा अवमानना याचिका पर की जा रही कार्रवाई पर राेक लगा दी है। प्रदेश की राजस्व अदालताें में लंबित मुकदमाें की बढ़ती संख्या और उनके निपटारे के लिए पुख्ता व्यवस्था नहीं हाेने के मुद्दे पर राजस्थान हाईकाेर्ट ने पिछले साल एक अहम फैसला दिया था।

 

इस फैसले के तहत राज्य के हर जिले में एसडीओ की तीन-तीन अदालतें खाेली जानी थी जाे केवल राजस्व मुकदमाें की सुनवाई करती। लेकिन राज्य सरकार ने इस फैसले की पालना नहीं की ताे याचिकाकर्ता ने वकील माेतीसिंह राजपुराेहित ने राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव संजय मल्हाेत्रा व  राजस्व मंडल की रजिस्ट्रार विनीता श्रीवास्तव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर दी थी।

 

राजस्व मुकदमाे के लिए नए काेर्ट खोले जा रहे हैं : सरकार

हाईकाेर्ट ने अवमानना याचिका पर प्रथमदृष्टया प्रसंज्ञान लेते हुए मल्हाेत्रा और श्रीवास्तव काे व्यक्तिश: तलब भी कर लिया। अवमानना कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने एक ओर ताे हाईकाेर्ट में राजस्व मुकदमाें के जल्द निपटारे के लिए अपनी दूसरी कार्य याेजना पेश कर बताया कि प्रदेश के एसीएम फास्ट ट्रेक व एसीएम काे मिलाकर एसीएम स्तर की  ऐसी अदालताें का गठन किया जा रहा है जाे फुलटाइम राजस्व मुकदमाें की सुनवाई करेगी।

 

वहीं दूसरी ओर सरकार ने 1 अक्टूबर 2018 काे दिए गए राजस्थान हाईकाेर्ट के फैसले और अवमानना कार्रवाई काे चुनाैती भी दे दी। मामला राजस्थान हाईकाेर्ट में सुनवाई के लिए बैंच के सामने पेश हुआ ताे विपक्षी पक्ष राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सुप्रीम काेर्ट ने अवमानना याचिका की कार्रवाई पर राेक लगा दी है। राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए सुप्रीम काेर्ट के 2 अगस्त के आदेश से याचिकाकर्ता माेतीसिंह राजपुराेहित काे भी जानकारी दी गई।

 

77 एसीएम काेर्ट खाेलने का था वादा 
एसडीअाे के तीन-तीन नए काेर्ट खाेलने संबंधी आदेश की पालना में नाकाम रहने के बाद सरकार ने एसीएम 77 एसीएम के पद स्वीकृत किए हैं। इसमें 48 एसीएम फास्ट ट्रेक के पद हैं जिसे सरकार ने अब एसीएम में तब्दील कर दिया है। वहीं एसीएम के 29 पद पहले से थे।

 
ऐसे हुई थी मामले की शुरुआत 
राजस्थान हाईकाेर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ में वकील माेतीसिंह राजपुरोहित ने राजस्व अदालताें की बदतर स्थिति काे लेकर सवाल खड़े करते हुए नई प्रभावी व्यवस्था बनाए जाने की मांग की थी। हाईकाेर्ट की खंडपीठ ने भी माना कि राजस्व मुकदमाें की जल्दी सुनवाई के लिए कुछ नई व्यवस्थाएं जरूरी हैं। खंडपीठ ने पिछले साल 1 अक्टूबर काे एक अहम आदेश जारी कर सरकार व राजस्व महकमे काे निर्देश दिया कि हर जिले में एसडीओ के तीन-तीन नए पद सृजित किए जाएं और इन्हें केवल न्यायिक कार्य के लिए ही नियुक्त करें किसी तरह का प्रशासनिक कार्य नहीं करवाएं। करीब आठ माह जब काेई कदम नहीं उठाए गए ताे अवमानना याचिका पेश कर दी।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना