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विश्व उर्दू दिवस  / डॉ अल्लामा इकबाल को याद किया, भाषा की तरक्की के लिए कार्य करने वालों को किया सम्मानित



उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और यूनाइटेड मुस्लिम ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व उर्दू दिवस मनाया गया। उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और यूनाइटेड मुस्लिम ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व उर्दू दिवस मनाया गया।
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उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और यूनाइटेड मुस्लिम ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व उर्दू दिवस मनाया गया।उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और यूनाइटेड मुस्लिम ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व उर्दू दिवस मनाया गया।
  • उर्दू के मशहूर शायर और अदीब प्रोफेसर जगन्नाथ आज़ाद पर जारी किया विशेषांक
  • प्रोसेसर आजाद की पुत्री ने भी की समारोह में शिरकत
     

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 06:35 PM IST

अजमेर। उर्दू डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और यूनाइटेड मुस्लिम ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व उर्दू दिवस शानो शौकत से मनाया गया। इस मौके पर उर्दू के मशहूर शायर और अदीब प्रोफेसर जगन्नाथ आज़ाद पर विशेषांक जारी किया गया। प्रोसेसर आजाद की पुत्री मुक्ता आजाद ने यह विशेषांक जारी किया और उर्दू की तरक्की के लिए सेवाएं देने वाले गणमान्य लोगों को सम्मानित किया।

उर्दू पर पाकिस्तान का दावा गलत

  1. कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे। ग़ालिब अकादमी में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोग्राम के कर्ताधर्ता हकीम सैयद अहमद खान ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का यह कहना था कि उर्दू पर पाकिस्तान का दावा गलत है। उर्दू भारत की जुबान है और उर्दू मेरी मादरी (मां की) जुबान है।
     

  2. डॉक्टर सैयद अहमद में सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उर्दू दिवस का आयोजन इस बात का शुभ संकेत है कि उर्दू पढ़ने वालों की गिनती बढ़ती जा रही है। इस अवसर पर प्रोफेसर अब्दुल हक ने कहा कि उर्दू के लिए मातम करने की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि उर्दू वालों की जिम्मेदारी है कि वह उर्दू को बढ़ाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जिंदा क़ौमें कभी मातम नहीं करती हैं।

  3. प्रोफेसर अब्दुल हक ने इस बात पर जोर देकर कहा कि उर्दू का भविष्य बेहतर है और उर्दू पढ़ने वालों की तादाद में भी बढ़ोतरी हुई। पूर्व सांसद चौधरी मतीन अहमद ने कहा कि उर्दू के लिए स्कूलों की जरूरत नहीं है। हम अपने घर में भी उर्दू पढ़ सकते हैं।

     

  4. अबुल कलाम आजाद इस्लामिक अवेकनिंग सेंटर के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद रहमान सनाबिली मदनी ने इस बात पर जोर देकर कहा कि आज मदरसों से उर्दू का सब्जेक्ट के तौर पर गायब होना यह अफसोसनाक और चिंता जनक है। उन्होंने कहा कि हम उर्दू को बचा सकते हैं अगर बचाना चाहें और यह जिम्मेदारी हमें खुद अदा करनी होगी।

  5. मोहम्मद जाहिद आजाद झंडा नगरी वरिष्ठ मुस्लिम स्कॉलर सलाहुद्दीन मक़बूल समेत कई लोगों ने प्रोग्राम को संबोधित किया। जबकि इस अवसर पर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिसे मुशावरत के अध्यक्ष नावेद हामिद भी मौजूद थे।. प्रोग्राम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार सुहैल  अंजुम ने किया। वरिष्ठ पत्रकार नफीस आबिदी, जावेद क़मर समेत कई लोगों को  मुक्ता आजाद ने अवार्ड से सम्मानित किया।


    कंटेंट व फोटो : आरिफ कुरैशी

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