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सत्संग से मिली प्रेरणा, अब 15 टैंकरों से कर रहे जल सेवा

25 साल पहले एक सत्संग में लोगों को सिर पर मटके लाकर जलसेवा करते देख बहरोड़ के बस्तीराम का मन हुआ कि सेवा का यह काम...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:10 AM IST
सत्संग से मिली प्रेरणा, अब 15 टैंकरों से कर रहे जल सेवा
25 साल पहले एक सत्संग में लोगों को सिर पर मटके लाकर जलसेवा करते देख बहरोड़ के बस्तीराम का मन हुआ कि सेवा का यह काम उन्हें भी करना चाहिए। तब पहला कदम ये उठाया कि एक टैंकर मंगवाकर सत्संग स्थल पर पानी की व्यवस्था कर दी। भरी गर्मी में प्यासों को तृप्त करने का जो सुख इसके बाद मिला, वो प्रेरणा बन गया और तब से वह बहरोड़ क्षेत्र में निशुल्क जल सेवा को समर्पित नाम बन गए हैं। शुरुआत अकेले की, लेकिन और लोग भी साथ आते गए। अब एक संस्था के रूप में उनकी टीम बहरोड़ में 8 वाटरकूलर वाली प्याऊ, 4 ट्रैक्टर और 15 टैंकरों से जल सेवा कर रही है। सामाजिक-सार्वजनिक कार्यक्रम हो या किसी असमर्थ परिवार के यहां शादी या फिर किसी गांव-मोहल्ले में जल संकट उत्पन्न हो जाए, हर जगह मानव सेवा संस्था भागीरथ बन हाजिर हो जाती है। ट्रैक्टर चालकों का वेतन, वाटर कूलरों का बिजली खर्च, ट्यूबवैलों से पानी खरीद के भुगतान में कई लाख तक खर्च होते हैं, लेकिन भामाशाह और मददगारों हाथ बढ़ा खर्च बांट लेते हैं।

यहां लगी हैं प्याऊ : हाईवे मेन चौराहा, अलवर रोड़ बस स्टैंड, पुराना स्टैंड, कचहरी के पास कर्ण सिंह मार्केट के सामने, हाईवे पर जागुवास रोड, सीएसडी कैंटीन, सरकारी अस्पताल में एक हजार लीटर क्षमता की वाटरकूलर प्याऊ हैं। इन पर 24 घंटे पानी उपलब्ध रहता है। भामाशाहों द्वारा संचालित अन्य प्याऊ, मेले, भंडारे, एवं गरीब बेटी की शादी में निशुल्क पानी भी पहुंचाते हैं। कच्ची बस्ती, मंदिर, कचहरी, उप कारागृह, अस्पताल में जरूरत पड़ने पर पानी भेजते हैं।

ऐसे मिली प्रेरणा : गांव कल्याणपुरा निवासी बस्तीराम यादव पटवारी के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि 25 साल पहले हायर सैकेंडरी स्कूल में जय गुरुदेव का सत्संग सुनने गए थे। वहां लोग श्रोताओं के लिए मटके सिर पर रखकर पानी ला रहे थे। मैंने सोचा क्यों न एक टैंकर लेकर लोगों की सेवा की जाए। बस यहीं से शुरुआत हुई और भामाशाहों ने सहयोग कर हौसला अफजाई की। आज संस्था के पास 4 ट्रैक्टर एवं 15 टैंकर है। यादव का छोटा बेटा संजय सभी टैंकरों के लिए टायर उपलब्ध करवाता है।

सेवा का सुख

बस्तीराम यादव

सत्संग में सिर पर मटके लाकर जलसेवा करने वालों को देखकर बस्तीराम ने 25 साल पहले शुरू की जलसेवा

मदद राशि से अस्पतालों में लगवाए एसी व पंखे

कई बार संस्था के खर्च से ज्यादा रुपए आने पर रुपयों को लेकर ज्यादा चिंता बनी रहती है। इसके लिए संस्था द्वारा अस्पताल में मरीजों को सुविधाओं के लेने पर खर्च किए जाते हैं। जिससे सरकारी अस्पताल में वार्ड में एसी, इन्वर्टर, पंखे लगाए गए हैं। बर्डोद सरकारी अस्पताल में पंखे लगाए गए हैं।

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