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जयराम जाटव-दुकान आवंटन में विधायक का कोई मतलब ही नहीं होता, फिर भ्रष्टाचार कैसा

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:10 AM IST

जयराम जाटव-दुकान आवंटन में विधायक का कोई मतलब ही नहीं होता, फिर भ्रष्टाचार कैसा
टीकाराम जूली: क्षेत्र में राशन की आवंटित दुकानों में भ्रष्टाचार हुआ। कई जगह तो पैसों का लेनदेन हुआ। दिव्यांगों की प्राथमिकता काटकर विधायक ने अपने चहेतों को दुकानें दिलवाई। क्या इस बारे में उन्होंने कभी भी कोई सवाल उठाया।

-जयराम जाटव: अगर मेरे किसी रिश्तेदार और परिवारजन को दुकान मिली हो ये बताएं। राशन दुकानों के आवंटन में विधायक की कोई भूमिका नहीं होती। इसमें सरपंच, तहसीलदार, रसद विभाग के अधिकारी एवं कमेटी के सदस्य तय करते है। कमेटी में जो सदस्य बनाए हैं वे पार्टी के कार्यकर्ता हैं। वे बताएं कि आखिर भ्रष्टाचार कैसे हो सकता है।

-जयराम जाटव: भष्ट्राचार तो कांग्रेस के समय में हुए हैं। ये प्रॉपर्टीज का धंधा करते थे। विधायक फंड के पैसे से खुद के काटे प्लाटों में सड़कें बनवाई। नटनी के बारा से जयसमंद तक आने वाली रूपारेल नदी की सफाई का 50 लाख का ठेका दिया। 10 लाख रुपए भी खर्च नहीं किए।

टीकाराम जूली : अगर रूपारेल नदी में भ्रष्टाचार हुआ है तो इनकी सरकार है जांच कराएं। रुपारेल नदी की सफाई में 20 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। जिसका ये 50 लाख बता रहे हैं। पूरे पैसे का काम हुआ था।

टीकाराम जूली: पिछले चार साल में क्षेत्र में कितने कॉलेज और स्कूल नए खुले। अध्यापकों के पद रिक्त पड़े है। रमसा योजना में चार साल में क्या किया? 90 प्रतिशत काम कांग्रेस शासन में हुए। हमारे समय करीब 30 सीनियर सैकंडरी थे।

-जयराम जाटव: जब मैं चुनाव जीतकर आया तो विधानसभा में सिर्फ पांच सीनियर सैकंडरी स्कूल थे। आज करीब 50 स्कूल हैं। रमसा के तहत स्कूलों के भवन बनवाए।

टीकाराम जूली- चार साल में ये चार काम गिना दे जो अलवर ग्रामीण में किए हों। मुख्यमंत्री मंत्री की नहीं सुनती, मंत्री विधायकों की और विधायक कार्यकर्ताओं की नहीं सुनते। नए काम तो दूर कांग्रेस सरकार से पेंडिंग चल रहे काम भी पूरे नहीं हो रहे। विधायक जी की हालत यह कि थानेदार को बदलवाने के लिए उन्हें जयपुर में मंत्री की जनसुनवाई में जाना पड़ा। इसकी प्रदेशभर में आलोचना भी हुई थी। उन्होंने उमरैण सीएचसी को पीएचसी में जरूर बदलवा दिया।

-जयराम जाटव: चार साल में सैकडों काम कराए हैं। इनमें मालाखेड़ा में 1 करोड़ 75 लाख का तहसील का भवन, 3 करोड़ 50 लाख से कटीघाटी से अहिंसा सर्किल तक का रोड, यूनिवर्सिटी की चार दीवारी व भवन में लिए 15 करोड़ 50 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। इसका काम शुरू हो गया है। श्याम गंगा व पृथ्वीपुरा में एक-एक करोड़ रुपए की पीएचसी का भवन। नटनी का बारा-मालाखेड़ा रोड पर पुलिया का निर्माण सहित पूरे क्षेत्र में 100 करोड़ की एनसीआर पीबी के तहत सड़कें बनवाई जा रही है। मै किसी थानेदार को बदलवाने के लिए जनसुनवाई में नहीं गया। अगर पार्टी कार्यालय गया हूंगा तो कोई अपराध भी नहीं है।

टीकाराम जूली: हमारे कामों के ये गिनाते हैं। यूनिवर्सिटी को हम लेकर आए। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अलवर व झूंझुनू में सैनिक स्कूल स्वीकृत किया। झूंझुनू में चालू हो गया अलवर का अतापता नहीं। 1200 करोड़ का ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल तथा डेंटल कॉलेज की बिल्डिंग बनकर तैयार है। चलाने को कोई तैयार नहीं। मालाखेड़ा को अशोक गहलोत ने तहसील बनाया। हमने मंडी के लिए बजट स्वीकृत किया। जो अब चार साल बाद काम शुरू कर रहे है। इनके कुछ किया तो बताएं।

-जयराम जाटव: मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 2007 में यूनिवर्सिटी की घोषणा की थी। कांग्रेस ने तो पांच साल में सिर्फ यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर मत्स्य यूनिवर्सिटी रखा। दुबारा हमारी सरकार आते ही हमने जमीन अलॉट कराई और कब्जा लिया। सैनिक स्कूल था कहां जो ये बात करते हैं।स्वीकृति के कागज दिखा दें। ये जनता को गुमराह करते हैं। जाते-जाते अशोक गहलोत मालाखेड़ा को तहसील बनाने घोषणा कर के गए थे। सब्जी मंडी का बजट भी हमने दिया।

टीकाराम जूली

टीकाराम जूली : मौजूदा समय में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं। इससे पहले वे 2005 से 2008 तक जिला प्रमुख रहे। 2008 से 2013 तक टीकाराम जूली कांग्रेस टिकट पर अलवर ग्रामीण से विधायक रहे हैं।

टीकाराम जूली-50 हजार का कर्ज माफ करने की घोषणा तो कर दी लेकिन आज तक लिखित में किसी को पास आदेश नहीं है। किसान परेशान है।

-जयराम जाटव: किसान तो कांग्रेस के राज में दुखी रहा है। हमारे राज में समय पर बिजली मिली है। ब्लैक में खाद इनके राज में मिलता था। जूली जी को पता होना चाहिए कि बजट में जो घोषणाएं होती है वे 1 अप्रैल से लागू होती है।

टीकाराम जूली- क्षेत्र में बड़ा संकट पानी का है। पिछले एक डेढ़ महीने में बोरिंग सूख गए है। जनता परेशान है। कहीं कोई सुनवाई नहीं है। इन्होंने अपने पेट्रोल पंप पर तो बोरिंग करा ली लेकिन 100 फुट दूर एक परिवार की सफाई करा रहा था तो वहां तहसीलदार उसे सीज करा दिया।

-जयराम जाटव: पानी का संकट तो कांग्रेस खड़ी करके गई थी। पानी के लिए जो भी स्कीम बनाई सब में गबन किया। हम आए तो कई आधे अधूरे पाइप तो कहीं मोटर नहीं ये स्थिति मिली। हमारी सरकार ने इन्हें चालू कराया।

जयराम जाटव

जयराम जाटव: मौजूदा समय में अलवर ग्रामीण से भाजपा के विधायक हैं। कांग्रेस के टीकाराम जूली को चुनाव हराया था। इससे पहले वे भाजपा टिकट से खैरथल से विधायक चुने गए। उन्होंने सरपंच से राजनीत की शुरूआत की।

जयराम ने पूछा-50 लाख का ठेका, 10 लाख का काम

टीकाराम जूली-ठेका ही 20 लाख रुपए का था पूरा पैसा उपयोग में लिया गया

टीकाराम जूली: तीन साल तक ये क्षेत्र में नजर नहीं आए। जाति और धर्म की बात करते हैं। आपसी झगड़ों में थानों में दखल देते है। उपचुनाव में जनता ने इन्हें असलियत बता दी। मैने सभी जाति व धर्म का सम्मान किया है। हम मिशन 11 लेकर चल रहे हैं, कामयाब होंगे।

-जयराम जाटव: सभी धर्म व जातियां मेरे के लिए बराबर हैं। मैने कभी हिंदू मुस्लिम की बात नहीं की। मेरे कार्यकाल में क्षेत्र में सद्भावना व भाईचारा रहा है। मैं आपस के झगड़ों में कभी नहीं पड़ा। जिले में एससी व एसटी एक्ट में मुकदमों की संख्या देख तो मालाखेड़ा, एमआईए व सदर सबसे कम मुकदमे दर्ज हुए हैं। कांग्रेस ने एससी एसटी के आरक्षण के नाम पर खूब राज कर लिया। आरक्षण कांग्रेस ने नहीं बाबा साहेब डॉ.अंबेडकर की देन है। इनके तो पांच साल में मेवात विकास के लिए मिलने वाला फंड पूरा रामगढ़ में चला गया था। विधानसभा का ग्रामीण से मै चुनाव लडूंगा और जीतूंगा।

टीकाराम जूली: कांग्रेस ने नटनी के बारा से मालाखेड़ा होते हुए बारा भडकोल तक सड़क बनाई। चार साल में मरम्मत तो दूर पेंचवर्क तक नहीं किया। हां विधायक जी ने अपने पेट्रोल पंप के सामने 10 लाख रुपए पीडब्ल्यूडी से नियम विरुद्ध सड़क बनवा ली है। वह सड़क गारंटी पीरियड में है। हमने केंद्रीय सड़क निधि योजना से सड़क बनवाई थी। अलवर ग्रामीण में तो ये उस समय विधायक ही नहीं थे।

-जयराम जाटव: इनकी झूठ बोलने की आदत है। 2007 में मैने नटनी का बारा से लक्ष्मणगढ़ तक रोड स्वीकृत कराया था। हमारी सरकार चली गई तो इन्होंने पत्थर लगा लिया। मेरे विधानसभा क्षेत्र में एमएलए फंड से मैने कोई सड़क नहीं बनवाई है। इनकी झूठ बोलने की आदत है।

टीकाराम जूली: दलित व अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़े हैं। इनके राज में महापुरुषों की मूर्तियां तोडी जा रही है। सहजपुर में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति को इन्होंने नहीं लगने दिया। पुलिस मूर्ति को उठाकर थाने ले गई।

-जयराम जाटव: सहजपुर में बाबा साहेब की मूर्ति को लेकर जो हुआ उसमें कांग्रेस की साजिश थी। कांग्रेसियों ने ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर फोर्स बुलवाई। ये दंगा कराना चाहते थे लेकिन कामयाब नहीं हुए।

टीकाराम जूली से सवाल

सवाल: आपके चुनाव हारने का कारण क्या रहा? लोगों का कहना है कि आपने मंडी चेयरमैन के चुनाव में मेव प्रत्याशी को वोट नहीं दिया। इससे अल्पसंख्यक नाराज हो गए।

-टीकाराम जूली : मैं कांग्रेस पार्टी का सिपाही हूं। मुझे पार्टी ने अपने प्रत्याशी को वोट देने के लिए निर्देश दिए। वहीं मैने किया। इसका मुझे चुनाव में व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ा। दूसरा भाजपा ने अफवाह फैला दी कि राजपा की विमला उमर चुनाव जीत रही है। इसका मुझे नुकसान हुआ और भाजपा फायदा उठा गई। कांग्रेस का परंपरागत वोट बंट गया। इन्होंने जाति और धर्म का सहारा लिया। अब ऐसा नहीं है। मुझसे किसी जाति,धर्म व समुदाय की नाराजगी नहीं है।

जयराम जाटव से सवाल

सवाल : गत चुनाव राजपा प्रत्याशी विमला उमर के होने से आपको फायदा मिला। मेव समाज के वोट राजपा प्रत्याशी के जाने से कांग्रेस को नुकसान हुआ। डॉ.किरोड़ीलाल मीना के भाजपा में शामिल होने समीकरण बदले गए हैं।

-जयराम जाटव: भाजपा से मैं ही चुनाव लडूंगा। मेव समाज कांग्रेस से दूर है। कांग्रेसी उन्हें अछूत की तरह देखते है। इन्हें ऐसा लगता है कि मेव समाज के लोग अगर इनके साथ खड़े हो गए तो हिंदू नाराज हो जाएंगे। मेव समाज तो इनके जिला अध्यक्ष के पुतले फूंक रहा है। मैने पहले भी कहा कि मुझे हर समाज का वोट मिलता है।

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