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बहरोड़ में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को चैंबर से बाहर निकाला

सरकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार के लगातार दबाव से अधिकारियों का बेकाबू होना शुरू हो गया है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 02:10 AM IST

सरकारी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार के लगातार दबाव से अधिकारियों का बेकाबू होना शुरू हो गया है। उपचुनाव में मिली हार के बाद सरकार ने ब्यूरोक्रेसी को कसा तो इसके नतीजे सामने आना शुरू हो गए हैं। कहीं काम के दबाव में हाथापाई की नौबत आ रही है, तो कहीं तालमेल के अभाव में योजनाओं की क्रियान्विति मुश्किल हो रही है। ताजा मामला बहरोड़ के सामाजिक सुरक्षा अधिकारी से बहरोड़ सीएचसी के डॉक्टर देवेंद्र यादव द्वारा अभद्र व्यवहार करने और बांह पकड़कर मुख्य चिकित्साधिकारी के चैंबर से बाहर धकेलने का है। सामाजिक सुरक्षा अधिकारी हेमंत सैनी ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर राजन विशाल से करते हुए जांच कराने और दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई करने की मांग की है।

उच्चाधिकारियों के आदेशों से मॉनिटरिंग करने गया था अपमानित होने नहीं : सामाजिक सुरक्षा अधिकारी हेमंत सैनी का कहना है कि कलेक्टर एवं एसडीएम द्वारा ली गई बैठक में मिले निर्देशों के बाद मैं बीसीएमओ व प्रोग्रामर के साथ सीएचसी में 24 फरवरी को गया था। यहां पहले डाटा मिसमैचिंग को ठीक किया। फिर जहां दिव्यांगों का प्रमाणीकरण होता है, वहां मॉनिटरिंग व व्यवस्था देखने गया था। जिस हॉल में प्रमाणीकरण होता था, वहां ताला लगा था। ताला लगा देख हमने अन्य कमरों में देखा तो डॉ. देवेंद्र वहां मिले। मैंने सिर्फ यह पूछा था कि हमें ही ढूंढना पड़ा तो दिव्यांगों को तो परेशानी होती होगी, डाक्टर साहब आज यहां कैसे बैठे हो? इतना पूछते ही वे आगबबूला हो गए और बोले कि आप कौन होते हो मुझसे यह पूछने वाले? मैंने कहा कि कलेक्टर व एसडीएम के आदेशों के बाद व्यवस्था देखने आए हैं, तो डाक्टर बोले कि कह दो कलेक्टर से, मेरा प्रिंसिपल सेक्रेट्री भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते। कहो तो नंबर दूं। इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने डाॅक्टर को बुलाया और बात की तो वहां भी मुझे देखकर अभद्रता की और मुझे बांह पकड़कर बाहर निकाल दिया। बाद में स्टाफ ने डाॅक्टर की तरफ से माफी मांगी, लेकिन मैं बिना कुछ कहे वहां से आ गया। मैं तीन दिन मानसिक तनाव में रहने के बाद कलेक्टर साहब के यहां पूरा मामला लेकर पहुंचा।

उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर बीसीएमओ, प्रोग्रामर की टीम में निरीक्षण के लिए गए थे। दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन प्रमाणीकरण की प्रगति धीमी होने के हम कारण ढूंढ़कर उन्हें ठीक कर रहे थे। इसी दौरान यह प्रकरण हुआ। डाॅक्टर देवेंद्र मुझे अच्छे से जानते हैं पहले भी कैंप में मिल चुके हैं। उनके व्यवहार से काफी व्यथित हूं। -हेमंत सैनी, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, बहरोड़

मैं अधिकारियों के आदेशों के अनुसार अपनी जगह पर काम कर रहा था। मरीज खड़े थे तो सैनी आते ही बोले कि आज यहां कैसे बैठे हो, मैंने तो उनकी शक्ल भी नहीं देखी। मैंने पूछा कि आप ऐसे गलत तरीके से मुझसे कैसे पूछ रहे हो कि यहां कैसे बैठे हो? बस यही बात थी। वे खुद ही कुछ न कुछ कहते रहे। मुख्य चिकित्साधिकारी के चैंबर में भी मैंने यही कहा था कि साहब ऐसे बदतमीजी से निरीक्षण थोड़े होता है, तो सैनी वहां भी मुझसे कह रहे थे कि आप यहां से जाइए, तब मैंने कहा कि मैं तो मेरे कार्यालय में हूं। आप कैसे कह सकते हो? -देवेंद्र देव, अस्थिरोग विशेषज्ञ, बहरोड़ सीएचसी

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Web Title: बहरोड़ में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को चैंबर से बाहर निकाला
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