• Home
  • Rajasthan News
  • Alwar News
  • गुरमत समागम का आज अंतिम दिन, पंज प्यारे कराएंगे अमृत का संचार
--Advertisement--

गुरमत समागम का आज अंतिम दिन, पंज प्यारे कराएंगे अमृत का संचार

पंथ रतन ज्ञानी संत सिंह मस्कीन जी की याद में टेल्को चौराहे के पास स्थित गुरुद्वारे में 58वें गुरमत समागम के तीसरे...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:15 AM IST
पंथ रतन ज्ञानी संत सिंह मस्कीन जी की याद में टेल्को चौराहे के पास स्थित गुरुद्वारे में 58वें गुरमत समागम के तीसरे दिन शनिवार को कीर्तन दीवान सजा। जिसमें करीब 30 रागी जत्थों ने गुरबाणी का कीर्तन व करीब 25 कथा वाचकों ने कथा वाचन कर संगत को निहाल किया। इस दौरान एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ। समागम में आई करीब 30 हजार संगतों ने लंगर छका। रविवार सुबह अमृत संचार कार्यक्रम के साथ गुरमत समागम का समापन होगा। एक मार्च को सुबह अखंड पाठ का भोग पड़ने के साथ गुरमत समागम की शुरुआत हुई थी। दो मार्च को सजे कीर्तन दीवान में शबद कीर्तन, कथा वाचन व कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।

समागम के तीसरे दिन हुक्मनामा पढ़ा गया। आसा की वार का कीर्तन हुआ। इसके बाद सजे कीर्तन दीवान में कथा वाचक ज्ञानी रणजीत सिंह ने कहा कि पंथ रतन ज्ञानी संत सिंह मस्कीन जी ने सिख धर्म के प्रचार-प्रसार में पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने संगतों को जोड़ने का कार्य किया। अधिक से अधिक संगत जुड़े इसलिए उन्होंने समागम की शुरुआत की। उन्होंने गुरु के विचार को संसार में फैलाया। उन्होंने कहा कि सेवा से बढ़कर बढ़कर कोई धर्म नहीं होता। संगत का सम्मान सतगुरु का सम्मान ही है। इस दौरान श्री गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल की पांच छात्राओं सहित अन्य रागी जत्थों ने गुरुबाणी का कीर्तन किया। भाई कंवरपाल सिंह, मस्कीन जी की पौत्री दीप ज्योत कौर ने शास्त्रीय संगीत में जबकि फक्कड़ परिवार व भाई हरजोत सिंह जख्मी ने बसंत राग में कीर्तन किया। इस दौरान ज्ञानी जोगेंद्र सिंह आजाद की पुस्तक का विमोचन हुआ। रहिरास साहिब के पाठ के बाद रात को रैन सभाई हुई। मस्कीन जी परिवार की ओर से रागी जत्थों और कथा वाचकों को शॉल ओढ़ाकर व सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में मुख्य रूप से ज्ञानी धर्म सिंह अरदासी दरबार साहिब अमृतसर, ज्ञानी गुरबचन सिंह जत्थेदार अकालतख्त अमृतसर, ज्ञानी जोगेंद्र सिंह वेदांती पूर्व जत्थेदार अकाल तख्त, ज्ञानी हेमसिंह पूर्व हैंड ग्रंथी बंगला साहिब गुरुद्वारा दिल्ली ने भाग लिया। संगतों ने गुरुद्वारे में मत्था टेक मन्नत मांगी और लंगर छका। जिला गुरमत प्रचार कमेटी की ओर से सिख पंथ के गुरुओं की चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। सरदार कुंवर सिंह की ओर से धर्मप्रचार की निशुल्क 100 सीडी बांटी गई। उन्होंने गठड़ी घर में भी सेवा दी। संगतों की सुविधा के लिए निशुल्क मेडिकल, जोड़ा घर, गठड़ी घर, जलपान, संगतों को लाने ले जाने के लिए बस और अलवर वाहिनी की व्यवस्था थी। संगतों ने धर्म प्रचार की सामग्री, रेडिमेड वस्त्र, खिलौने खिलौनों की खरीदारी भी की।

रविवार सुबह 6 बजे अमृत संचार कार्यक्रम होगा। इसके साथ गुरमत समागम की समाप्ति होगी। ज्ञानी संत मस्कीन के पौत्र असप्रीत सिंह ने बताया कि शनिवार शाम 5 बजे तक 40 अभिलाखियों ने अमृत संचार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। रविवार सुबह तक इनकी संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। दमदमा साहिब पंजाब के पंज प्यारों द्वारा अमृत संचार कराया जाएगा। भाई अनोख सिंह ने बताया कि अमृत संचार कार्यक्रम में अभिलाखियों को दीक्षा दी जाती है।

रागी जत्थों ने शास्त्रीय संगीत व बसंत राग में कीर्तन कर संगत को किया निहाल, पुस्तक का हुआ विमोचन

अलवर. गुरुद्वारा में आयोजित गुरमत समागम में कथा वाचन करते ज्ञानी रणजीत सिंह गोहर।

अलवर. गुरुद्वारा में आयोजित गुरमत समागम में उपस्थित महिला संगत।

लक्ष्मणगढ़. खुडियाना के कमलदास आश्रम में भंडारे में प्रसादी पाते श्रद्धालु।

बाबा कमलदास सुदामा कुटिया आश्रम पर हुआ भंडारे का आयोजन

लक्ष्मणगढ़| गांव खुडियाना स्थित बाबा कमलदास सुदामा कुटिया आश्रम पर होली पर में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी पाई। भंडारे से पूर्व हवन, पूजन व पूर्णाहुति का कार्यक्रम हुआ जिसमें भक्तों ने आहुतियां दी। इस दौरान सुदामा कुटी वृंदावन से दर्जनों संत पधारे जिनका शॉल ओढ़ाकर व दुपट्टा भेंटकर स्वागत किया गया। भंडारे में आए हजारों भक्तों ने सुदामा कुटिया आश्रम में हनुमान मंदिर सहित अन्य प्रतिमाओं के दर्शन कर मन्नतें मांगी। आश्रम में मौजूद संतों ने प्रवचन भी दिए। भक्तों ने पैर छूकर संतों का आशीर्वाद लिया।

थानागाजी. भगवान नेमीनाथ के प्रकटोत्सव पर झांकी निकालते जैन समाज के लोग।

नेमीनाथ भगवान का प्रकटोत्सव मनाया गया

थानागाजी| कस्बे में शनिवार को जैन समाज के लोगों द्वारा भगवान नेमीनाथ का 9वां प्रकटोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर झांकी के साथ जुलूस निकाला गया। जैन समाज के लोगों द्वारा भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर राजेंद्र जैन, महावीर जैन, प्रहलाद जैन, राजकुमार सहित सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया।