Hindi News »Rajasthan »Alwar» आयकर में छूट की सीमा बढ़े, रोजगार को मिले बढ़ावा

आयकर में छूट की सीमा बढ़े, रोजगार को मिले बढ़ावा

लोकसभा में गुरुवार, एक फरवरी को केन्द्रीय बजट पेश होना है। इस बजट में सभी वर्गों के लोग राहत की उम्मीद कर रहे हैं।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 03:20 AM IST

लोकसभा में गुरुवार, एक फरवरी को केन्द्रीय बजट पेश होना है। इस बजट में सभी वर्गों के लोग राहत की उम्मीद कर रहे हैं। विशेष रूप से नोटबंदी व जीएसटी के प्रभाव सामने आने के बाद आमजन सहित उद्योगपति, व्यापारी, नौकरीपेशा व अन्य सेवाओं से जुड़े लोग चाहते हैं कि केंद्र सरकार आयकर में छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करे। तर्क दिया जा रहा है कि इससे करदाता आगे आएंगे और आयकर की वसूली में बढ़ोतरी होगी। आशा की जा रही है कि इस बजट में सरकार रोजगार व औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा देगी। पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर रोक के लिए नई नीति की उम्मीद भी लोग कर रहे हैं। यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि रियल एस्टेट की स्थिति में सुधार की दिशा में भी केंद्रीय बजट में कुछ राहत मिलेगी।

केन्द्रीय बजट आज लोकसभा में होगा पेश, उद्योगपति, व्यापारी, नौकरीपेशा समेत सभी वर्गों को है सरकार से ढेरों उम्मीदें

ये चाहते हैं विभिन्न वर्गों के लोग

चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए महेश जैन का कहना है कि करों (टैक्स) को सरलीकृत किया जाना चाहिए। उद्योग जगत कंपनी टैक्स रेट 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत होने का अनुमान लगा रहा है। साथ ही बैंकों के नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानि ऐसे ऋण जो उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दिए जा रहे हैं, लेकिन उनका उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए किया जा रहा है, उन पर सरकार सख्त हो सकती है। शेयर बिजनेस में शार्ट टर्म केपिटल गेन टैक्स 15 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किए जाने की उम्मीद है।

मत्स्य उद्योग संघ के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस बजट में विशेष प्रयास करेगी। साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देकर बेरोजगारी को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। रोड कनेक्टिविटी के साथ कर प्रक्रिया को सरल किया जाएगा।

गृहिणी ममता खन्ना का कहना है कि अब बैंकों के पास पैसे की कमी नहीं है, इसलिए ब्याज की दर को कम किया जाना चाहिए। साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती हुई कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार को प्रयास करने चाहिए। सौंदर्य प्रसाधन की कीमतों पर भी नियंत्रण होना चाहिए।

अलवर इलेक्ट्रिकल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश गर्ग का कहना है कि जीएसटी की जटिल प्रक्रिया को सरल किया जाना चाहिए। इससे व्यापारी वर्ग कर अदायगी में अधिक रुचि दिखाएगा। साथ ही व्यापारी इसका सही रूप से पालन करे, इसके लिए भी उपाय होने चाहिए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Alwar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×