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पानी हमारा, जमीन हमारी, टैक्स हमारा लेकिन रोजगार दूसरे ले गए

भाजपा ने अपने सुराज संकल्प घोषणा पत्र में प्रदेश के 15 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था। इसके लिए...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:15 AM IST
भाजपा ने अपने सुराज संकल्प घोषणा पत्र में प्रदेश के 15 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था। इसके लिए राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति में कंपनियों के लिए रोजगार सब्सिडी का प्रावधान किया गया।

इसमें 25 हजार से 40 हजार रुपए प्रति वर्ष प्रति श्रमिक रोजगार सब्सिडी दी गई। इस पॉलिसी के तहत प्रदेश के टैक्स पेयर के पैसे से 550 कंपनियों को रोजगार सब्सिडी दी गई। लेकिन सेंपल सर्वे हुआ तो सामने आया कि रोजगार सब्सिडी लेकर कंपनियों ने जिन लोगों को रोजगार दिया, उनमें से 70 फीसदी लोग राजस्थान के है ही नहीं। राजस्थान के तो सिर्फ 30 फीसदी लोगों को ही रोजगार मिला। 20 मार्च को हुई कैबिनेट की बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रोजगार सब्सिडी रिव्यू करने के लिए एसीएस फाइनेंस डीबी गुप्ता को निर्देश दिए। एसीएस फाइनेंस ने एसीएस इंडस्ट्रीज राजीव स्वरूप को मामले में रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है।

अलवर चुनावों में सामने आया मामला

अलवर में लोकसभा उपचुनावों के दौरान यह मुद्दा उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत के सामने आया। उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सीएम ने बजट में राजस्थान के लोगों को रोजगार दिए जाने पर ज्यादा सब्सिडी का ऐलान किया। पिछली कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा हुई तो सीएम ने एसीएस फाइनेंस डीबी गुप्ता को कमेटी बनाकर रिप्स में संशोधन करने के लिए कहा।

सब्सिडी का परिपत्र 1990 में हुआ था जारी

तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के कार्यकाल में श्रम विभाग ने एक परिपत्र जारी किया था जिसमें यह निर्देश दिए गए थे कि कंपनियों को सब्सिडी सिर्फ तभी दी जाएगी जब वे प्रदेश के लोगों को रोजगार देंगी। लेकिन यह सर्कुलर कभी अमल में नहीं आया।

पहले वैट में अब जीएसटी में मिल रहा सब्सिडी का फायदा

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति में पहले वैट में टैक्स एडजेस्टमेंट के रूप में रोजगार सब्सिडी का फायदा कंपनियों को मिल रहा था। अब जीएसटी में यह फायदा कंपनियों को कैश बेनीफिट के रूप में दिए जाने के प्रावधान किए गए हैं। पिछली कैबिनेट की बैठक नए प्रावधान मंजूर किए गए हैं। इसमें सामान्य वर्ग के श्रमिक के लिए कंपनी को एक साल में 25 हजार रुपए प्रति श्रमिक, एससी व एसटी में 30 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा अति पिछले क्षेत्र में राजस्थान के बोनाफाइड व्यक्ति को रोजगार देने के लिए कंपनी को 30 हजार रुपए प्रति श्रमिक व एससी तथा एसटी के लिए 40 हजार रुपए प्रति व्यक्ति रोजगार सब्सिडी दी जाती है।

सब्सिडी से मिले फायदे का रिव्यू करेंगे


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