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जीडीपी ग्रोथ 5 तिमाही में सबसे तेज

उद्योग जगत ने जीडीपी वृद्धि दर 7.2% पर पहुंचने को अर्थव्यवस्था में तेजी का संकेत बताया है। उद्योग संगठनों का कहना है...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 05:35 AM IST

जीडीपी ग्रोथ 5 तिमाही में सबसे तेज
उद्योग जगत ने जीडीपी वृद्धि दर 7.2% पर पहुंचने को अर्थव्यवस्था में तेजी का संकेत बताया है। उद्योग संगठनों का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग और कुछ सेवा क्षेत्रों में सुधार से आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने एक बयान में कहा कि जीडीपी ग्रोथ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि तीसरी तिमाही की तेजी के बल पर चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर के बढ़कर 6.6% पर पहुंचने का अनुमान है, जबकि पहले इसके 6.5% रहने की संभावना जताई गई थी। एसोचैम ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और कृषि क्षेत्र में सुधार से तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। इससे अगले वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर में और अधिक तेजी आने की संभावना बनी है। संगठन ने कहा कि निर्यात सहित कुछ क्षेत्र हैं जिन पर अब भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन फडणवीस ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी का असर अब पीछे छूट गया है। हालांकि इकोनॉमी में तेजी के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि मार्च तिमाही और उसके बाद नए साल में डिमांड कैसे बढ़ती है। अरिहंत कैपिटल मार्केट्स की अनिता गांधी के अनुसार ग्रोथ रेट भले बढ़ी हो, लेकिन इससे रिजर्व बैंक से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम नहीं हुई है। रिजर्व बैंक को ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनाना है।

इंडस्ट्री ने कहा- अगले साल विकास दर में और तेजी की संभावना बनी

निवेश के इंडिकेटर ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन में ग्रोथ 6.6% से बढ़कर 12%

सरकारी खर्च बढ़ा, लेकिन निजी क्षेत्र की खपत की ग्रोथ 6.5% से घटकर 5.6%

ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन को इकोनॉमी में निवेश का इंडिकेटर माना जाता है। इसमें दिसंबर तिमाही में 12% बढ़ोतरी हुई है। इससे पिछली यानी सितंबर तिमाही में इसमें 6.6% ग्रोथ दर्ज हुई थी। निजी क्षेत्र की खपत का इंडिकेटर प्राइवेट कंजम्पशन एक्सपेंडिचर 5.6% ही बढ़ा है। सितंबर 2017 की तिमाही में इसमें 6.5% बढ़ोतरी हुई थी। सरकारी खर्च को बताने वाले इंडिकेटर गवर्मेंट कंजम्पशन एक्सपेंडिचर में दिसंबर तिमाही में 6.05% ग्रोथ है। यह पिछली तिमाही में 2.9% बढ़ा था।

2018 में 7.6% और 2019 में 7.5% रहेगी ग्रोथ : मूडीज

नई दिल्ली | मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने कहा है कि भारत की इकोनॉमी नोटबंदी और जीएसटी के असर से उबर रही है। लेकिन इसने 2018 के लिए विकास दर का अनुमान 7.6% और 2019 के लिए 7.5% पर बरकरार रखा है। बुधवार को इसने ग्लोबल इकोनॉमी के अनुमान जारी किए। इसमें भारत के अलावा इंडोनेशिया के आकलन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मूडीज ने 13 साल बाद नवंबर 2017 में भारत की रेटिंग बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 की थी। इसने अमेरिका की ग्रोथ रेट का अनुमान 2018 के लिए 2.3% से बढ़ाकर 2.7% और 2019 के लिए 2.1% से बढ़ाकर 2.3% किया है। जी-20 देशों की विकास दर इस साल 3.4% और अगले साल 3.2% रहने की उम्मीद जताई है। इसका पुराना अनुमान क्रमश: 3.2% और 3.1% था।

जीडीपी का ट्रेंड पीएमआई, आईआईपी और कंज्यूमर डिमांड के अनुरूप : देबरॉय

जीडीपी पर सीएसओ के दूसरे अग्रिम अनुमान पर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन बिबेक देबराय ने कहा, आंकड़े बताते हैं कि इकोनॉमी सही रास्ते पर है। सरकार जो लगातार ढांचागत सुधार कर रही है, उससे आने वाली तिमाही में विकास दर में और तेजी आने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि जीडीपी ग्रोथ का ट्रेंड पीएमआई, औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) और उपभोक्ता डिमांड के अनुरूप है। इन सभी इंडिकेटर्स में तेज सुधार अर्थव्यवस्था में सकारात्मक सेंटिमेंट को दिखाता है।

कृषि, खनन, मैन्युफैक्चरिंग में सालाना ग्रोथ रेट घटने का अंदेशा

सेक्टर 2016-17 2017-18

कृषि एवं संबद्ध 6.3% 3%

खनन 13% 3%

मैन्युफैक्चरिंग 7.9% 5.1%

बिजली, गैस, पानी 9.2% 7.3%

कंस्ट्रक्शन 1.3% 4.3%

होटल, ट्रांसपोर्ट 7.2% 8.3%

फाइनेंस, रियल्टी 6.0% 7.2%

जन प्रशासन, रक्षा 10.7% 10.1%

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