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मंत्री ने प्रदेशभर में लिखे 74 हजार पत्र

आखातीज और बुद्ध पूर्णिमा पर संभावित बाल विवाह रोकने के लिए तय कार्यनीति के तहत महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 05:20 AM IST

आखातीज और बुद्ध पूर्णिमा पर संभावित बाल विवाह रोकने के लिए तय कार्यनीति के तहत महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल ने जनप्रतिनिधियों को 74000 से अधिक अर्द्धशासकीय पत्र लिखकर सहयोग का आह्वान किया है। इसके समानांतर विभाग की प्रमुख सचिव रोलीसिंह ने भी सभी कलेक्टरों और विभिन्न विभागों के सचिवों को पत्र लिखकर बाल विवाह रुकवाने और अपने विभाग के कर्मचारियों से ऐसे विवाह रोकने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया है। भदेल का यह पत्र सभी जिला प्रमुख, प्रधान, सरपंच, साथिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ओर अन्य जनप्रतिनिधियों को भेजा गया है। पत्र में भदेल ने कहा कि जिला स्तर पर इस संबंध में गठित समितियों में बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 की जानकारी देने के साथ ही इस कुप्रथा पर चर्चा की जाए। अगर बाल विवाह की जानकारी मिले तो नियंत्रण कक्ष में इसकी सूचना दें।

सभी स्तर के जनप्रतिनिधियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील

बाल विवाह कानून अब तक

बाल विवाह रोकथाम के लिए कानून 1929 में लागू।

70 साल बाद 2006 में बाल विवाह प्रतिषेध कानून बना।

2011 की जनगणना के अनुसार 10 से 19 वर्ष के 1.70 करोड़ बच्चे विवाहित। इनमें 1.30 करोड़ बालिकाएं।

बाल विवाह में कमी 15 वर्ष से कम आयु की लड़कियों तक सीमित।

500 से अधिक शिकायतें हर साल

महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2014-15 में 594शिकायतें, 2015-16 में 573 शिकायतें और 2016-17 में 567 शिकायतें मिलीं। वर्ष 2017-18 के दौरान सभी जिलों से आंकड़े नहीं मिले हैं। 16 जिलों से मिले आंकड़ों के अनुसार 293 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 216 में समझाइश के आधार पर बाल विवाह रुकवाए गए, 21 मामलों में एफआईआर दर्ज, 51 सूचनाएं गलत निकलीं।

कलेक्टर की प्लानिंग : पंडित, हलवाई, टेंट व बाजे वाले रोकेंगे बाल विवाह

जयपुर| आखातीज पर होने वाले बाल विवाह की रोकथाम के लिए जयपुर कलेक्टर ने नई प्लानिंग की है। अब पंडित, खाना बनाने वाले हलवाई, टेंट व्यवसायी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व बैंडबाजे वालों का सहयोग लिया जाएगा। प्रशासन की टीमें इन्हें बाल विवाह के दुष्प्रभाव बताएगी। इसके लिए टीमें आसपास के गांवों व ढाणियों में घूमेगी। अक्षय तृतीया (आखातीज) बुधवार को है और 10 दिन बाद 29 अप्रैल को पीपल पूर्णिमा पर अबूझ सावे के मद्देनजर जिलेभर में बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

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