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भुगतान नहीं किया, कोर्ट ने बीडीओ कार्यालय की कुर्की के दिए आदेश
सिविल न्यायाधीश साधना सिंह ने शुक्रवार को लक्ष्मणगढ़ विकास अधिकारी के खिलाफ एक वाद में कुर्की करने के आदेश दिए है। इस प्रकरण में न्यायालय के नाजिर मनोज कुमार जैमन शुक्रवार को कुर्की के लिए पंचायत समिति पहुंचे, लेकिन उन्हें वहां विकास अधिकारी नहीं मिले। इस मामले में 18 मार्च तक कुर्की कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी है।
जानकारी के अनुसार परिवादी हरबीर यादव पुत्र अंगदराम यादव निवासी गोपालपुरा ने एक इस्तगासा 9 अक्टूबर 2012 को पेश कर आरोप लगाया कि उसके द्वारा तत्कालीन विकास अधिकारी को महानरेगा योजना के लिए एक गाड़ी बोलेरो किराए पर निविदा के माध्यम से 10700 रुपए प्रतिमाह से उपलब्ध कराई गई थी। इसके लिए विकास अधिकारी द्वारा अनुबन्ध पत्र जारी किया गया था। परिवादी हरबीर यादव द्वारा 31 मार्च 2012 तक वाहन मय डीजल किराए पर उपलब्ध कराया जाता रहा था। जिसका एक माह का किराया 10700 रुपए, डीजल एक माह 7752 तथा निविदा शुल्क 2500 रुपए एक माह का भुगतान तत्कालीन विकास अधिकारी द्वारा नहीं दिया गया था। इस पर परिवादी द्वारा न्यायालय में वाद दायर कर पैसे दिलाने की मांग की गई थी। न्यायालय द्वारा सभी दलीलें सुनने के बाद 25 मई 2018 को पंचायत समिति लक्ष्मणगढ़ के विकास अधिकारी के खिलाफ डिग्री पारित कर दी गई थी। इस पर परिवादी के अधिवक्ता रमेश चन्द गुर्जर के द्वारा इजराय पेश की गई। जिसमें भुगतान कराने की मांग की गई थी। सिविल न्यायाधीश द्वारा परिवादी के पक्ष में आदेश देते हुए विकास अधिकारी पंचायत समिति लक्ष्मणगढ़ के खिलाफ कुर्की वारंट जारी कर कुर्की करने के आदेश दिए।
सिविल न्यायाधीश साधना सिंह के द्वारा विकास अधिकारी लक्ष्मणगढ़ के विरूद्व कुर्की वारंट प्राप्त हुआ है। इस प्रकरण में 18 मार्च तक कुर्की कर न्यायालय में रिपोर्ट पेश करनी है। इसी प्रकरण में कुर्की करने हेतु मैं आज पंचायत समिति कार्यालय पहुंचा, तो विकास अधिकारी मौके पर नहीं मिले। शीघ्र ही कुर्की कर न्यायालय में रिपोर्ट पेश की जावेगी।
-मनोज कुमार जैमन, नाजिर, न्यायालय
पुलिस पर फायरिंग के आरोपियों को जेल भेजा
बड़ौदामेव थाना अन्तर्गत ग्राम बाई में जमीनी विवाद को लेकर पुलिस दल पर फायरिंग व पथराव के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को लक्ष्मणगढ़ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजपाल सिंह की अदालत में पेश किया गया। जहां से चारों आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए गए। इस पर आरोपियों के अधिवक्ता रमेश गुर्जर द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश कर आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा आरोपियों के साथ मारपीट की गई। इसलिए इनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। इस पर न्यायाधीश द्वारा जेल अधीक्षक अलवर को एक पत्र लिखकर चारों आरोपी देवी सिंह पुत्र रामचरण, जसराम पुत्र रामचरण, समुन्द्र पुत्र देवी सिंह, घनेष पुत्र जसराम गुर्जर निवासी बाई के स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाने के आदेश दिए। गौरतलब है कि इस मामले में डीएसपी लक्ष्मणगढ़ भूपेन्द्र शर्मा सहित तीन पुलिसकर्मी ग्रामीणों के पथराव व डण्डों के वार से घायल हो गये थे। पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।