• Hindi News
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Alwar News rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media

त्रिपोलिया मंदिर में शिवजी के हर रोज बदलते हैं रूप, सोशल मीडिया पर भक्त करते हैं शेयर

Alwar News - जिले में कई शिव मंदिर अपनी विशेषता रखते हैं। शिवरात्रि पर्व पर भास्कर ने पाठकाें के लिए एेसे महत्वपूर्ण मंदिरों...

Feb 21, 2020, 06:45 AM IST
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media

जिले में कई शिव मंदिर अपनी विशेषता रखते हैं। शिवरात्रि पर्व पर भास्कर ने पाठकाें के लिए एेसे महत्वपूर्ण मंदिरों की जानकारी जुटाई है। इनमें टहला के समीप राजोरगढ़ में नीलकंठ महादेव मंदिर, मूसी महारानी की छतरी के पास बख्तेश्वर महादेव मंदिर, साेनावा का लंबा महादेव मंदिर अादि प्रमुख हैं। गांव टहला से दबकन हाेकर राजोरगढ़ पहुंचने पर नीलकंठ महादेव मंदिर है। राजा अजयपाल ने विक्रम संवत 1010 (सन् 953) में इस मंदिर की स्थापना कराई। यहां खजुराहाे शैली की 48 मूर्तियां हैं। कभी इस मंदिर में 2826 मूर्तियां थी। यहां मूर्तियों का संग्रहालय भी बनाया हुअा है। भगवान नीलकंठ के दर्शन करने के लिए विशेष रूप से श्रद्धालु यहां अाते हैं।

{ बख्तेश्वर महादेव मंदिर में राजसी रूप में विराजते हैं शिव : सागर के समीप मूसी महारानी की छतरी के पीछे बने बख्तेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का परिवार राजसी रूप में विराजमान है। सन् 1815 में अलवर के राजा बख्तावर सिंह ने यह मंदिर बनवाया था। प्रतिष्ठा पंडित रामदयाल ने कराई। मंदिर में शिव-पार्वती के साथ उनके पुत्र कार्तिकेय व गणेश की मूर्ति विराजमान है। चाराें मूर्तियों के सामने उनके वाहन नंदी, शेर, माेर व मूषक की मूर्तियां भी हैं।

{ हाेपसर्कस पर भगवान शिव का अर्द्ध नारीश्वर स्वरूप: शहर में होपसर्कस पर भगवन शिव का अर्द्ध नारीश्वर रूप देखने काे मिलता है। होपसर्कस की स्थापना 5 मार्च 1938 काे हुई। इसकी खुदाई में मिले काले पत्थर के शिवलिंग की स्थापना 1940 में की गई। इसके बगल में 1979 में अर्द्ध नारीश्वर शिव की प्रतिमा की स्थापना कराई गई। शिव के इस रूप का दर्शन करने के लिए विशेष रूप से श्रद्धालु अाते हैं।

{ साेनावा डूंगरी पर लंबा महादेव मंदिर : साेनावा डूंगरी पर करीब 10 फुट लंबे काले पत्थर से निर्मित शिवलिंग है। यह 5 फुट जमीन से बाहर अाैर 5 फुट अंदर है। मान्यता है कि दाे शताब्दी पहले किसी बंजारे ने इस मंदिर की स्थापना की। उस समय इस इलाके में पहाड़ी व जंगल था।

{ भीकमपुरा में शिव परिवार के साथ कुबेर की प्रतिमा : थानागाजी के गांव भीकमपुरा में खंडेलवाल परिवार द्वारा बनवाए मंदिर में 6 मूर्तियां है। इसमें शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय व नंदी के साथ शिव से वरदान प्राप्त कुबेर की मूर्ति भी स्थापित है।

{ कुबेर व गंगाजी की भी प्रतिमा : पुराना कटला स्थित जगन्नाथ मंदिर के पास मथुराधीशजी के मंदिर के नीचे बने शिव मंदिर में शिव परिवार के साथ कुबेर व गंगा की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।

महादेव की महिमा दर्शाते हैं 6 शिव मंदिर, राजाेरगढ़ में है 1067 साल पुराना नीलकंठ

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दरबार

बाबा भूतनाथ रूपी दरबार

रुद्राक्ष रूपी दरबार

अलवर | शहर के प्राचीन त्रिपोलिया मंदिर स्थित महादेव मंिदर में 20 साल से उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर अनोखा श्रृंगार हो रहा है। कलाकार सेवार्थ भाव से मंदिर में महादेव का बदल-बदलकर श्रृंगार करते हैं। हर सोमवार विशेष झांकी होती है। महादेव के राेजाना नए श्रृंगार की शुरुअात मंदिर महंत जितेंद्र खेड़ापति ने वर्ष 2000 में की। वर्ष 2004 से 2019 तक इस परंपरा काे विशेष रूप देकर दिनेश कुमार शर्मा ने अागे बढ़ाया। उनके देहांत हाेने के बाद श्रृंगार की इस परंपरा काे उनके शिष्य विवेक काैशिक अब अागे बढ़ा रहे हैं।

साेशल मीडिया से भक्ताें तक पहुंचाते हैं श्रृंगार दर्शन : सोशल मीडिया पर त्रिपोलिया महादेव मंदिर अलवर राजस्थान के नाम से एक पेज अपलोड है। इसमें प्रतिदिन श्रृंगार दर्शन डाला जाता है। इसे श्रद्धालु फोटो, वीडियो के माध्यम से शेयर करते हैं जिससे दूरदराज के भक्त दर्शन करते हैं। अनेक श्रद्धालु श्रृंगार दर्शन काे वाट्सएप के जरिए सैकड़ों लाेगाें काे फार्वड करते हैं।

प्रतापबंध से माच तिराहे हाेकर डढ़ीकर वाले रास्ते पर गंगाेड़ी क्षेत्र में स्थापित मानसराेवरधाम में पंचमुखी शिवलिंग है। इसकी स्थापना 12 दिसंबर 2010 काे हुई थी। मानसराेवर धाम की स्थापना कराने वाले डाॅ. एससी मित्तल बताते हैं कि प्राकृतिक स्थल हाेने के कारण उनके गुरु शिवानंद साधक महाराज ने विशेष रूप से इस स्थान काे चुना। मूर्ति की स्थापना के समय कुछ अद्भुत बातें भी हुई। इसी कारण शहर के लाेग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।

साझा संस्कृति काे दर्शाते शिव मंदिर : शहर में 5 एेसे मंदिर भी हैं जाे मुस्लिमाें ने बनवाए। इसमें सागर की पश्चिम दिशा में दाे मंदिर हैं। रूपबास में जगन्नाथ मंदिर के सामने एक शिव मंदिर, मूंगस्का में एक शिव मंदिर व राजगढ़ में वन विभाग के कार्यालय के पास स्थित शिव मंदिर इनमें शामिल हैं।

मानसराेवरधाम में पंचमुखी शिवलिंग

मानसरोवर धाम पंचमुखी महादेव।

श्रृंगारकर्ता विवेक

Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
X
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media
Alwar News - rajasthan news devotees change form of shiva in tripolia temple everyday devotees share on social media

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना