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कोचिंगों में छुट्टी से अर्थव्यवस्था पर 15 दिन में करीब ढाई करोड़ का असर
सरकार के स्कूलों व कोचिंग संस्थानों में आगामी 15 दिनों के अवकाश के आदेशों के बाद हलचल का माहौल पैदा हो गया है। कोचिंग संस्थानों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया है। सरकार के आदेशों के बाद दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि सिर्फ अलवर शहर की अर्थ व्यवस्था पर कोचिंग संस्थानों में हुए अवकाश से 2 करोड़ 55 लाख रुपए से भी ज्यादा का असर पड़ेगा। पड़ताल में यह सामने आया कि नुकसान का यह आंकड़ा इससे भी ज्यादा हो सकता है। इसका कारण है कि कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों का राशन, दूध, सब्जी सहित कई सामान स्थानीय बाजारों से ही उठता है। ऐसे में अवकाश घोषित होने के बाद बच्चे अपने घरों को चले जाएंगे और सीधे तौर पर रिटेलर, होलसेलर सहित पूरा बाजार और अलवर की अर्थव्यवस्था पर इसका असर देखने को मिलेगा।
अलवर में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संचालित करीब आठ कोचिंग संस्थानों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। इनमें से करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों एवं जिले से बाहर से आते हैं। इसी प्रकार विज्ञान-गणित की कोचिंग संस्थानों में करीब 9 हजार विद्यार्थी हैं। जिनमें से करीब 4 हजार बच्चे बाहर से आकर अलवर में कोचिंग ले रहे हैं।
इस प्रकार एक बच्चे का 15 दिन का खर्च 1500 रुपए भी लगाएं तो 13 हजार बच्चों का यह खर्चा 1 करोड़ 95 लाख रुपए का होता है। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों में काम कर रहे स्टाफ का करीब 60 लाख रुपया इन 15 दिनों में संस्था के संचालकों को देना होगा। कुल मिलाकर वायरस करीब 2 करोड़ 55 लाख रुपए का पड़ रहा है। राजस्थान इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. फरमान अली का कहना है कि सरकार के आदेशों की पालना की जाएगी। इनका तर्क है कि सरकार को अवधि कम करनी चाहिए थी, क्योंकि भीड़ तो रेलवे स्टेशन व बस स्टेंड, बाजार सभी जगह है। ऐसे में सिर्फ कोचिंग संस्थानों में यह आदेश होने से अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। सीएलसी के हैड वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि कोचिंग संस्थानों में अवकाश के आदेशों की पालना की जाएगी, लेकिन इसकी अवधि 5 या 7 दिन रहती तो बेहतर होता। लंबे समय तक पढ़ाई से दूर रहने के बाद बच्चों के सामने भी काफी मुश्किल होगी।
सिनेमा हॉल में फिल्म नहीं चलने से 31 मार्च तक होगा 22 लाख रुपए का नुकसान
शहर के गोल्ड सिनेमा में राेजाना दाे स्क्रीन पर 10 शाे चलते हैं। सिनेमाघर के मैनेजर रवि भूषण ने बताया कि शनिवार अाैर रविवार काे हाउस फुल रहता है। राेजाना 1750 सीट की बुकिंग पर अाैसतन 200 रुपए के हिसाब से हाेनी वाली 3.50 लाख की कमाई प्रभावित हाेगी। इसके अलावा सप्ताह के शेष 5 दिन 500 सीटाें की प्रतिदिन बुकिंग हाेती है। जिससे अाैसतन 200 रुपए के हिसाब से 1 लाख रुपए प्रतिदिन का नुकसान हाेगा। 31 मार्च तक लगभग 22 लाख रुपए का नुकसान फिल्म प्रदर्शित नहीं होने से होगा। डिप्टी मैनेजर मोहित अग्रवाल ने बताया कि इसके अलावा स्टाफ व बिजली आदि का खर्चा स्थाई रूप से रहेगा, जो लाखों रुपए में बैठता है।