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वकीलों को प्रयास करना चाहिए कि न्याय के मंदिर में बेगुनाह को सजा नहीं, इंसाफ ही मिले: जस्टिस जैन

Alwar News - तिजारा| चंद्रप्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा में आचार्य ज्ञानसागर महाराज के सानिध्य में रविवार को...

Nov 11, 2019, 06:40 AM IST
तिजारा| चंद्रप्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा में आचार्य ज्ञानसागर महाराज के सानिध्य में रविवार को अखिल भारतीय जैन एडवोकेट सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग (एनसीएमईआई) के अध्यक्ष जस्टिस(रि.) एनके जैन ने कहा कि वकीलों में मेहनत और ईमानदारी के गुण अवश्य होने चाहिएं। आज हर क्षेत्र में विकृति आ गई है। न्याय के मंदिर में अगर न्याय नहीं मिलेगा, तो न्याय के मंदिर में कौन जाएगा। बेगुनाह को सजा नहीं हो, हर एडवोकेट यह सुनिश्चित करे। इससे पहले अनीता दीदी के मंगलाचरण द्वारा चन्द्रप्रभ भगवान के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। सम्मेलन में जस्टिस अभय गोहिल, एडवोकेट कमल, सुशील कुमार दिल्ली, जस्टिस एमके जैन, एडवोकेट खिल्लीमल जैन अलवर, पवन एडवोकेट अध्यक्ष देहरा तिजारा, अंकुश मंत्री देहरा, लता प्रसाद,एए मगदुम आदि ने भी विचार व्यक्त किए। साथ ही ‘असफलता की चुनौतियां’ पुस्तक का विमोचन आयोजन के उद्देश्य एवं जैन धर्म तथा विचार के हित में एडवोकेट्स की भूमिका के बारे में बताया गया। जस्टिस जेके जैन ने कहा कि न्यायाधीश एवं अधिवक्ता जब मिलते हैं तो दोनों पक्ष को लाभ मिलता है। मुकदमे की तैयारी जब नहीं होती तो केस वाले व्यक्ति को परेशानी होती है। पक्षकार की संतुष्टि का ध्यान रखना चाहिए। वीरेन गोहिल एडवोकेट ने सभी से जैन धर्म को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करने को आह्वान करते हुए कहा कि अहिंसा का मूल सिद्धांत जियो और जीने दो का है। जैन दर्शन तो बहुत पहले से कहता है कि वनस्पतियों में वृक्षों में जीव है। वृक्ष के पास अगर चाकू आदि ले जाओ तो उनके अंदर अलग प्रतिक्रिया होती है “असफलता की चुनौतियां’ पुस्तक पढ़कर सभी के अंदर सकारात्मक सोच जागेगी। आइंस्टीन जैसे वैज्ञानिक के घर में भगवान महावीर स्वामी का चित्र था। महावीर की अहिंसा जन-जन तक पहुंचे सभी का यही प्रयास होना चाहिए। सत्र के बाद मंचासीन न्यायधीश व वकीलों का मंदिर समिति की ओर से सम्मान किया गया। आचार्य ज्ञानसागर महाराज ने न्यायाधीश रानाडे के जीवन का प्रसंग बताया और कहा कि जब वह कुर्सी पर बैठते थे। तो आंख बंद करके कुछ पढ़ते थे। जब पूछा गया कि आप क्या पढ़ते हैं तो उन्होंने बताया कि णमोकार मंत्र पढ़कर यह सोचते थे कि मेरे द्वारा सही न्याय दिया जाए। अंत में क्षेत्र कमेटी के मंत्री अंकुश जैन ने वरिष्ठ न्यायविद एसएम जैन मालपुरा का सम्मान कर कहा कि बुजुर्ग होकर भी वे जिस ऊर्जा के साथ कार्य कर रहे हैं, वह सभी के लिए प्रेरणादायी है।

तिजारा. अखिल भारतीय सम्मेलन में मौजूद एडवोकेट्स।

साइबर क्राइम से बचाव के तरीके बताए

इंदौर के एडवोकेट रोहित जैन इंदौर ने साइबर क्राइम के बारे में उपयोगी जानकारी देते हुए कहा कि आज साइबर क्राइम बढ़ रहा है। इसमें सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। जस्टिस अभय गोहिल ने कहा कि आप सभी जहां जहां रहते हैं, सभी स्थानों के मंदिरों का रजिस्ट्रेशन कराइए। मूर्तियों का फोटो खींचकर रिकॉर्ड रखें। आज कई ऐसे प्रसंग है। जिनको सुनकर मन दुखी हो जाता है।

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