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293 शराब दुकानों की लॉटरी निकाली, 19 हजार से ज्यादा आवेदनों से सरकार को मिले ~58.40 करोड़

एक वर्ष पहले
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जिले में विदेशी व देशी शराब की 293 दुकानों के आवंटन के लिए गुरुवार काे इंदिरा गांधी स्टेडियम में लॉटरी निकाली गई। सुबह 11 बजे से शुरू हुई लॉटरी प्रक्रिया शाम 4.15 बजे तक चली। जिले में अंग्रेजी की 39 और कंपोजिट की 206 समूहों की 254 दुकानों की लॉटरी निकालने की शुरुआत सरकार द्वारा गठित कमेटी के अध्यक्ष कलेक्टर इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। सूत्रों के अनुसार शराब दुकान के लिए कुल आवेदनों में से करीब 40 फीसदी आवेदन महिलाओं ने किए थे।

लॉटरी खुलने वालों में भी करीब पचास फीसदी महिलाओं के नाम थे। इसके बावजूद लॉटरी स्थल पर इक्का-दुक्का महिलाएं ही मौजूद रहीं। जिला आबकारी अधिकारी बनवारीलाल सिनसिनवार ने बताया कि दुकान आवंटन के लिए आवेदन प्रक्रिया 12 फरवरी से शुरू हुई थी। अंतिम तिथि 7 मार्च तक कुल 19 हजार 468 आवेदन जमा हुए। इससे राज्य सरकार के खाते में 58 करोड़ 40 लाख 40 हजार रुपए का राजस्व जमा हुआ। देशी शराब की दुकानों के आवेदन में अलवर पूरे प्रदेश में पहले तथा अंग्रेजी शराब की दुकानों के आवेदन के मामले में जयपुर के बाद अलवर दूसरे स्थान पर रहा। गुरुवार को लॉटरी के सभी सफल आवेदकों की सूचना को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान अलवर एसपी परिस देशमुख, भिवाड़ी एसपी अमनदीप कपूर, एडीएम प्रथम रामचरण शर्मा, एडिशनल एसपी विश्नाराम विश्नोई, उपखंड अधिकारी अलवर योगेश डागुर, ओवरआॅल मजिस्ट्रेट एडीएम सिटी उत्तम सिंह शेखावत, आबकारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह वर्मा आदि मौजूद रहे।

दो-दो रिजर्व लॉटरी भी निकाली: दुकान के लिए सफल आवेदक के अलावा दो-दो रिजर्व लॉटरी भी निकाली गई। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय में देशी शराब की दुकान की लाइसेंस फीस तथा अंग्रेजी की दुकान का आवेदन शुल्क जमा नहीं कराने वाले या दुकान नहीं खोलने पर रिजर्व लॉटरी में निकले नामों को वरियता दी जाएगी।

खरीदार हुए सक्रिय : लॉटरी खुलने के साथ ही शराब धंधे से जुड़े लोग भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने उन लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है, जिनके नाम दुकानें खुली हैं। आवेदकों में कई ऐसे हैं, जिनका शराब के धंधे से दूर-दूर तक का कोई वास्ता नहीं है, इसके बावजूद लाइसेंस खरीद कर मुनाफा कमाने के लिए आवेदन कर दिया।

कई आवेदन लगाए, फिर भी मायूसी : शराब दुकान पाने के लिए कई लोगों ने दर्जनों आवेदन लगाए। इसके बावजूद उनकी किस्मत नहीं खुल सकी। वहीं कई ऐसे थे, जिनके एक-दो आवेदन लगे होने पर ही किस्मत खुल गई। हालांकि शराब के धंधे से जुड़े बड़े ग्रुपों ने दर्जनों आवेदनों में से एक-दो दुकान खुलने पर संतोष कर लिया।

दुकान से 100 मीटर के दायरे में कहीं भी गोदाम ले सकेंगे

इस वर्ष से देशी शराब के साथ ही 30 प्रतिशत आरएमएल (राजस्थान मेड लीकर) शराब भी मिलेगी। आरएमएल शराब प्लास्टिक की बोतलों की बजाय एसोप्टिक ब्रिक पैक एवं ग्लास यानि शीशे के पव्वों या अद्दों में मिला करेगी। इस पर दुकानदार को 45 प्रतिशत का कमीशन मिलेगा। साथ ही अबकी बार देशी शराब के दुकानदारों को विभाग द्वारा ब्राण्ड नहीं थोपी जाएगी। जानकारी के मुताबिक अब से पहले अंग्रेजी शराब के दुकान मालिक को शराब रखने के लिए गोदाम आवंटित करने सुविधा नहीं थी, लेकिन अब दुकानदार दुकान से 100 मीटर के दायरे में कहीं भी गोदाम ले सकता है। वहीं देशी शराब दुकान का आवंटन धारी अब कहीं पर भी अपना गोदाम बना सकता है, जबकि पहले वह एक किलोमीटर के दायरे में गोदाम रख सकता था। साथ ही अब आवंटित दुकान पर कोई भी लापरवाही करने पर दुकानदार को आबकारी इंस्पेक्टर 3 बार चेतावनी देगा, उसके बाद ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा सकता है। डीईओ ने बताया कि अगर दुकानदार निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली या निर्धारित समय के बाद शराब बेचते मिला तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।


अलवर. शराब की दुकानाें की लॉटरी निकालते कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह।

अलवर. शहर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में गुरुवार को निकाली गई शराब की दुकानाें की लॉटरी के दाैरान माैजूद अावेदक व अधिकारी। लॉटरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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