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शिकायतकर्ता एक बालिका ने छोड़ा छात्रावास पिता बोले-इतना होने के बाद किसके भरोसे छोड़ूं

3 वर्ष पहले
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राजकीय बालिका छात्रावास में बालिकाओं के यौन उत्पीड़न के खुलासे के बावजूद पुलिस व प्रशासन की कमजोर कार्रवाई से दुखी एक छात्रा ने छात्रावास छोड़ दिया है। वह अब घर पर रहकर पढ़ाई करेगी। छात्रा को लेने पहुंचे पिता ने नाराज स्वर में कहा- बेटियों की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हो जाये और रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आप ही बताओ कैसे अपनी बेटियों को यहां छोड़ दें। बालिका ने भी मामले की शिकायत दी थी। उधर, स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि हमने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। समसा एडीपीसी से छुट्टी मिलने पर बालिका को घर भेजा है। इससे पहले गुरूवार को बालिका छात्रावास पहुंचे परिजन करीब 4 घंटे तक बेटी को घर ले जाने के लिए कार्यालयों में भटकते रहे। कभी प्रधानाचार्य तो कभी वार्डन के यहां एप्लीकेशन लेकर पहुंचे। परिजन तीन दिन पहले भी बेटी को घर ले जाने के लिए छात्रावास पहुंचे थे, लेकिन छात्रावास प्रशासन ने परिजनों को यह कहकर इंकार कर दिया था कि बालिका घर नही जाना चाहती।

पीडि़त छात्रा के परिजन गुरूवार को घर ले जाने के लिए आए थे। काफी समझाइश की लेकिन वे नहीं माने, बाद में एडीपीसी चाणक्य लाल शर्मा से बात कर बालिका को परिजनों के साथ छुट्टी देकर भेज दिया गया। -सुखीराम, प्रधानाचार्य, केजीबी बास कृपाल नगर, किशनगढ़बास

बालिका बोली- वार्डन जाते-जाते देख लेने की धमकी देकर गई है

बेबस परिजनोंं की आंखों में गुस्सा दिखा
परिजनों की आंखों में इस दौरान उतना ही गुस्सा था, जितना घटना का पता लगने पर हुआ था। छात्रावास से छुट्टी लेकर परिजनो के साथ बाहर आई छात्रा से संवाददाता ने जब बात की तो वह इतना ही बता पाई कि वार्डन रसोई का सामान घर ले जाती थी। अपनी मां और बहन को भी दे दिया करती थी। बालिका ने बताया कि वार्डन जाते-जाते भी शिकायत करने वाली बालिकाओं को देख लेने की धमकी देकर गई है।

छात्रावास की सुरक्षा बढ़ाई गई
कार्यवाहक वार्डन सविता वर्मा और प्रधानाचार्य सुखीराम ने परिजनों से छात्रा को घर नही ले जाने के लिए काफी समझाइश की। परिजन बेटी को घर ले जाने की बात पर अड़े रहे। उनकी शिक्षा अधिकारी एडीपीसी चाणक्य लाल शर्मा से बात कराई गई। शर्मा ने उन्हें बालिका को घर ले जाने की छुट्टी दे दी। खुलासे के बाद छात्रावास प्रशासन ने छात्रावास और बालिकाओं की सुरक्षा को चाक चौबंद कर दिया है।

छात्राओं की सुरक्षा जांचने के लिए शिक्षाधिकारियों ने किए 27 हॉस्टलों के निरीक्षण, रिपोर्ट की तैयार
अलवर| किशनगढ़बास के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास में पिछले दिनों छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के आदेश पर शिक्षाधिकारियों ने जिले के 14 ब्लॉकों के 27 हॉस्टलों का निरीक्षण 48 घंटे में कर डाला। इनमें सीबीईओ व समसा के एडीपीसी व एपीसी के स्तर पर गठित की गई टीम ने निरीक्षण किया। इन टीमों ने छात्रावास में रह रही छात्राओं के साथ बातचीत की और उनकी काउंसलिंग की गई। टीम में एक महिला सदस्य भी रखी गई है, जो छात्राओं से सीधा संवाद कर रही है। छात्रावासों का यह निरीक्षण शुक्रवार को पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भिजवाई जाएगी। अलवर जिले के किशनगढ़बास में हुई घटना के बाद राज्य परियोजना निदेशक के आदेश पर प्रदेशभर के छात्रावासों में ये निरीक्षण किए जा रहे हैं।

इन बिंदुओं पर तैयार की गई है रिपोर्ट : संस्था प्रधान, वार्डन के केजीबीवी के सुरक्षा के प्रावधानों से अवगत होने, आगंतुकों के लिए क्या करें क्या न करें, बालिकाओं से मिलने वाले अभिभावकों का उनके पूर्व में दर्ज फोटो से मिलान होने का रिकॉर्ड रजिस्टर में होने, रजिस्टर में रात्रि की उपस्थिति, मूवमेंट रजिस्टर में प्रत्येक बालिका का रिकॉर्ड दर्ज होने, स्कूल समय के बाहर जाने वाली छात्राओं का ब्यौरा, हॉस्टल में गरिमा पेटी, परिसर में किसी भी पुरुष द्वारा रात्रि विश्राम किया जाता है या नहीं, राज्य स्तर से अनुमति के बगैर कोई कार्यक्रम हुआ है या नहीं, केजीबीवी में ऐसे स्थान जहां रात को समुचित प्रकाश नहीं होता है, स्टाफ में से कितनी अध्यापिकाएं रात्रि विश्राम केजीबीवी में करती हैं, मैन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध है या नहीं, भवन सुरक्षा के नियमों की पालना, क्या बालिकाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं, कोई अभद्र व्यवहार सहित 22 बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाई गई है।

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