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सुपारी ले हत्या-लूट करता, नाम बदल फर्जी आधार कार्ड बनाता, सवा साल से यहां छिपा आरोपी गिरफ्तार

भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर 13 लूट व कत्ल की 2 वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अपराधी ने सरकार की सबसे बड़ी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 04:15 AM IST

सुपारी ले हत्या-लूट करता, नाम बदल फर्जी आधार कार्ड बनाता, सवा साल से यहां छिपा आरोपी गिरफ्तार
भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर

13 लूट व कत्ल की 2 वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अपराधी ने सरकार की सबसे बड़ी पहचान वाली आईडी ‘आधार’ की साख पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कत्ल के मामले में सजा काटने के दौरान दिसंबर 2016 में यह अपराधी पैरोल के वक्त फरार हो गया था। अब 31 मार्च को यह पुलिस के हाथ चढ़ा तो इसके पास मिले पहचान-पत्र देखकर पुलिस भी दंग रह गई। इस अपराधी ने अलग-अलग नामों से दो फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे थे। इतना ही नहीं इन्हीं आधार कार्डों की बदौलत इसने बैंकों में खाते तक खुलवा लिया। यह खाते बैंक ऑफ इंडिया व एक्सिस बैंक में खुलवाए। आरोपी का असली नाम भाऊ उर्फ अनिल रविदासिया (52) पुत्र रूपचंद निवासी नवांशहर पंजाब है। इसने अजीतसिंह व धर्मेंद्र के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे हैं। यह आरोपी 31 मार्च को जवाहरनगर थाना क्षेत्र के आरओबी के निकट पुलिस के हाथ चढ़ा। पुलिस के अनुसार आरोपी को रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।

पुलिस के अनुसार आरोपी अनिल मूलत: पंजाब के नवांशहर इलाके के राहो सर्राफा बाजार का रहने वाला है। इसे लोग भाऊ, गामा, सतीश कुमार, अजीत सिंह व धर्मेंद्र आदि के नाम से भी पुकारते थे। इसने लोगों को अपने अलग-अलग नाम बता रखे थे। पहली बार मर्डर को लेकर 1990 में चर्चा में आया। तब नवांशहर में कांग्रेसी नेता के रिश्तेदार का कत्ल हुआ था। हालांकि कोर्ट की लंबी कार्रवाई के बाद वह बरी हो गया। इसके बाद सन 2000 में नवांशहर में एक सरपंच के भतीजे का मर्डर हुआ। इसमें अनिल को सजा हुई। अनिल ने दोस्त से सरपंच के भतीजे को मारने के लिए लाख रुपए की सुपारी ली थी। इस मामले में लुधियाना जेल में सजा काट रहा था। तभी दिसंबर 2016 में आरोपी पेरोल से फरार हो गया था। इसके बाद से वांछित चल रहा था।

लंबे समय से थी तलाश, मुखबिरी से लगा हाथ, पिस्तौल भी बरामद

सीआई ने बताया कि आरोपी की लंबे से पुलिस को तलाश थी। मुखबिरी की जरिए यह आरोपी पकड़ में आया। प्रथम दृष्टया की गई पूछताछ में ही आरोपी ने कई वारदातें स्वीकार ली। जवाहरनगर थाना पुलिस के एएसआई जयकुमार कुमार भादू की टीम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली। इस पर उसे जवाहरनगर थाना क्षेत्र के रेलवे ओवर ब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से एक 32 बोर अवैध देशी कट्टा भी बरामद किया है।

हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर सहित पंजाब में भी कर चुका वारदातें

सीआई प्रशांत कौशिक ने बताया कि आरोपी राजस्थान सहित पंजाब और हरियाणा में संगीन वारदातें कर चुका है। कत्ल के दो और लूट के 13 मुकदमों में चालान तक हो चुके हैं। इनमें हनुमानगढ़ के संगरिया जिले में चार लूट, हनुमानगढ़ के रावतसर में दो, हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में दो, हनुमानगढ़ जंक्शन में एक, हनुमानगढ़ पुलिस थाना टाउन में दो और श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ इलाके में एक शराब ठेके की जीप लूट, हरियाणा के डबवाली इलाके में मुकदमे दर्ज हैं। कत्ल की दो वारदातें पंजाब में कीं। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बीकानेर के पूगल और हरियाणा के डबवाली इलाकों की वारदातों में भी शरीक होना स्वीकार किया है।

सीबीआई कैंप में भी उठा फर्जी आधार कार्ड का मामला: बीते दिनों श्रीगंगानगर में फर्जी आधार कार्डों को लेकर मामला उठा था। सीबीआई ने यहां कैंप लगाया था। इस दौरान जनसुनवाई के वक्त कुछ लोगों ने फर्जी आधार कार्डों को लेकर शिकायत की थी।

लुधियाना जेल से पैरोल पर हुआ था फरार, अब तक बदल चुका 6 नाम

श्रीगंगानगर। आरोपी के कब्जे से बरामद फर्जी आधार कार्ड ।

नोट दोगुने करने का झांसा देकर ठगी भी करता था

पुलिस ने बताया कि आरोपी हाल ही में सद्भावना नगर स्थित एक किराए के मकान में रह रहा था और अपने जान-पहचान के लोगों को ही नोट दोगुने करने का झांसा देकर ठगी कर लेता था। प्रथम पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सऊदी अरब के अल खसीम में नौकरी करते हैं और वह बचपन में उनके पास ही रहा करता था। इसके बाद साल साल बहरीन में रहा और इंग्लैंड व दुबई में भी रह चुका है।

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