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आईआईटी की तैयारी कर रहे हैं तो बीटेक ही नहीं 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स को भी दें वरीयता

भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर आईआईटी की तैयारी करने वाले युवा हमेशा यहां से बीटेक करने की ही सोचते हैं जबकि...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:15 AM IST
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

आईआईटी की तैयारी करने वाले युवा हमेशा यहां से बीटेक करने की ही सोचते हैं जबकि आईआईटी से अगर पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स किए जाएं तो रोजगार की संभावनाएं कई गुणा ज्यादा हो जाती हैं। यह बात गुरुवार को डॉ. बीआर अंबेडकर राजकीय कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर राजेंद्र कड़वासरा ने “भास्कर संवाद’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं को बताई। उन्होंने बताया कि आमतौर पर युवा आईआईटी की तैयारी इंजीनियरिंग करने के लिए ही करते हैं, लेकिन रैंक ठीक नहीं आने के कारण उनका प्रवेश नहीं हो पाता है। इस कारण वह दूसरे संस्थानों या निजी संस्थानों से बीटेक करते हैं। इसके बजाय अगर युवा आईआईटी से ही 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स करें, तो उन्हें आसानी से रोजगार प्राप्त हो जाता है। पांच वर्षीय इस पाठ्यक्रम के जरिए युवाओं को बीएससी व एमएससी की डिग्री प्राप्त होती है, और यह सामान्य काॅलेज की डिग्री से काफी बेहतर होती है। “भास्कर संवाद’ में जिले भर से युवाओं और उनके परिजनों ने फोन पर अपने कॅरियर से जुड़े सवालों के जवाब हासिल किए।

दैनिक भास्कर संवाद कार्यक्रम में...अंबेडकर काॅलेज के लेक्चरर राजेंद्र कड़वासरा ने दिया मार्गदर्शन

Q. बेटा बीकॉम फाइनल में है, बैंक की तैयारी करना चाहता है। क्या सही रहेगा? - सुनीता, श्रीगंगानगर

बीकॉम करने के बाद बैंकिंग की तैयारी एक अच्छा ऑप्शन है। ज्वाइनिंग के बाद इसमें तेजी से प्रमोशन के काफी चांस बनते हैं। इसके अलावा डिप्लोमा कोर्स जैसे सर्टिफाइड इंवेस्टमेंट बैंकर, फाइनेंस कोर्स कर सकते हैं। बैंक की तैयारी के लिए ऑनलाइन टेस्ट सीरीज जरूर ज्वाइन करें।

Q. बेटे ने 10वीं का एग्जाम दिया है, अब उसे क्या विषय दिलाएं? - परमानंद, घड़साना से

अगर बच्चे की रुचि विज्ञान में है तो उसे नॉन मेडिकल से पढाई कराएं। इससे वह आईआईटी, एनडीए व दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसानी से कर सकेगा। इसके अलावा वह 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएससी बीएड कोर्स में भी प्रवेश ले सकता है।

Q. बेटे के 10वीं में 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक आने की उम्मीद है। इंजीनियरिंग के अलावा उसे किस क्षेत्र में भेजूं? - कुलदीप बिश्नोई, अनूपगढ़

80 फीसदी से अधिक अंक आएंगे तो 12वीं में उसे नॉन मेडिकल से पढाई कराएं। इसके बाद 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएससी एमएससी या 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएससी बीएड कोर्स में प्रवेश दिलाएं। इससे रोजगार पाने के अवसर कई गुना बढ़ जाएंगे।

Q. काॅलेज लेक्चरर के लिए क्या बीएड करना जरूरी है? - सिमरन, श्रीगंगानगर

काॅलेज लेक्चरर के लिए बीएड बिल्कुल जरूरी नहीं है। इसके लिए आपको नेट परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। साल में दो बार यह परीक्षा होती है। पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के फाइनल ईयर की परीक्षा देने के साथ भी नेट में शामिल हुआ जा सकता है।

Q. बेटी को आर्ट्स से पढाई कराएं तो रोजगार के क्या अवसर हैं? - जोगेंद्र चावला, रायसिंहनगर

आर्ट से पढाई करने में भी रोजगार के कई अवसर हैं। ग्रेजुएशन में एक साहित्य और एक प्रायोगिक विषय जरूर चुने। अंग्रेजी साहित्य या हिंदी साहित्य विषय के साथ भूगोल, समाजशास्त्र या अर्थशास्त्र विषय बेहतर हैं। इससे विभिन्न सरकारी नौकरी व शिक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसर खुल जाते हैं।

इन्होंने भी लिया मार्गदर्शन :

रायसिंहनगर से अमित कुमार, घड़साना से सिमरन, श्रीगंगानगर से अश्वनी कुमार, केसरीसिंहपुर से सुहानी ने भास्कर संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपनी शंकाओं का समाधान किया।