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कुल की रस्म में की भाईचारा कायम रहने की दुआ

अटरू. हजरत कालेशाह वली के उर्स में कलाम पेश करते कव्वाल। अटरू| शेरगढ़ स्थित हजरत कालेशाह वली का 74वां उर्स मुबारक...

Danik Bhaskar | Apr 16, 2018, 02:00 AM IST
अटरू. हजरत कालेशाह वली के उर्स में कलाम पेश करते कव्वाल।

अटरू| शेरगढ़ स्थित हजरत कालेशाह वली का 74वां उर्स मुबारक शनिवार रात को कुल की रस्म के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर हुई महफिले समां में बदायुं के जुनैद सुल्तानी ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए।

वहीं उज्जैन के लोकेश-जीवन साबरी ने हम्दे पाक, नाते पाक, मनकबत तथा निस्बती कलाम सुनाकर जायरीनों को बांधे रखा। इस मौके पर दरगाह के मद्दीनशीन इनाम बाबा ने अतिथियों की दस्तारबंदी की। उर्स के मौके पर दरगाह परिसर में काफी दुकानें लगी हुई थी, जिन पर बच्चों, महिलाओं ने खरीदारी की। वहीं कमेटी की ओर से जायरीनों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। इससे पूर्व शुक्रवार रात को कोटा के अबरार हसन ने भी बेहतरीन कलाम पेश किए। उन्होंने अली के लाल का दुनिया में बोलबाला है जैसे कलाम सुनाकर काफी दाद पाई। कमेटी के सदर इस्माईल पठान बूंदी, राजूभाई मंसूरी, गफ्फार भाई बूंदी, आशिक बाबा झालावाड़, मंसूर भाई बूंदी, अब्दुल सलाम शाह इंद्रगढ़ ने महफिले समां की व्यवस्थाओं को संभाले रखा।