Hindi News »Rajasthan »Balotra» सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध, आज बंद का आह्वान

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध, आज बंद का आह्वान

बालोतरा | सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न 1989 एससी एसटी एक्ट के फैसले के विरोध...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:35 AM IST

बालोतरा | सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न 1989 एससी एसटी एक्ट के फैसले के विरोध पुनर्विचार के लिए सोमवार को राष्ट्रपति के नाम अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति संघर्ष समिति द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा। समिति के संयोजक किरण घुसर ने बताया कि इस दिन शांतिपूर्वक तरीके से बालोतरा बंद रखने का आह्वान किया। वहीं रैली के रूप में मुख्य मार्गो से होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। इस अवसर पर राजस्थान मेघवाल समाज के महामंत्री हुक्माराम राठौड़, मेघवाल युवा विकास समिति संरक्षक श्याम डांगी, अध्यक्ष भलाराम राठौड़, ओम डांगी, गोविंद जीनगर, दलित शोषण मुक्ति मंच के संयोजक गजेंद्र जोगसन, भंवरलाल भाटी, मांगीलाल सांखला, बाबूलाल नामा सालगराम परिहार, हरिराम जसोल, रूपाराम पांचल, ओमप्रकाश भील, राधा कृष्ण रति, अनिल बारासा, तरुण ब्रजवाल, रावत राजा चौहान, राजूराम, कबीर, सुरेंद्र बोस, हरीश टापरा ने बालोतरा बंद को सफल बनाने का आह्वान किया। उक्त आदेश के विरुद्ध 2 अप्रेल को भारत बंद के समर्थन देते हुए एटक से संबंधित निर्माण मजदूर यूनियन, कपड़ा मजदूर यूनियन, लोडिंग एवं ठेला मजदूर यूनियन सहित सभी जनसंगठनों के पदाधिकारियों समर्थन देंगे। एटक जिला महासचिव एडवोकेट हनुमानराम प्रजापत ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकारों को उचित पैरवी करनी चाहिए, ताकि आपसी सद्भावना व भाईचारा कायम रह सके। बाड़मेर जिला भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कमठा मजदूर संघ जिलाध्यक्ष मांगीलाल बोस ने बताया कि मजदूर संघ बालोतरा बंद का समर्थन देंगे।

सिवाना . एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में संगठनों की ओर से 2 अप्रेल को सिवाना बंद की अपील की। अंबेडकर विकास संस्थान सिवाना के अध्यक्ष ओमप्रकाश नामा ने बताया कि अंबेडकर सर्कल पर 9 बजे बैठक आयोजन होगा। वहां से उपखंड अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा।

समदड़ी . एससी-एसटी संगठनों की संयुक्त बैठक स्थानीय अंबेडकर टाउन हॉल में आयोजित की गई। संयोजक मीठालाल गर्ग ने बताया कि 21 मार्च को उच्चतम न्यायालय के द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़ित अधिनियम 1989 की व्याख्या में सामाजिक सुरक्षा को लगभग समाप्त करने की कोशिश की गई है। इस बैठक में सामूहिक निंदा प्रस्ताव पारित की गई तथा 2 अप्रेल को संपूर्ण भारत बंद के क्रम में शांतिपूर्ण समदड़ी बंद करने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Balotra

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×