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नीम हकीमों के इलाज से दो मरीजों की मौत के बाद भी नहीं चेता स्वास्थ्य विभाग

2 वर्ष पहले
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कस्बे सहित आस-पास के गांवों में बड़ी संख्या में नीम हकीम सक्रिय है। झोलाछाप चिकित्सक ग्रामीणों को सस्ता व सुलभ उपचार देने का झांसा देकर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। नीम हकीमों से उपचार करवाने के दौरान कई लोगांे की जान भी जा चुकी है, लेकिन प्रशासन व चिकित्सा विभाग कार्रवाई के नाम पर मौन साधे हुए है। कुछ समय पहले ही पाटोदी व समदड़ी में नीम हकीम से उपचार करवाने के दौरान दो जनों की मौत हुई थी।

उल्लेखनीय है कि चिकित्सा विभाग की अनदेखी के चलते नीम हकीमों का गोरखधंधा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। कई जने बगैर किसी डिग्री व ट्रेनिंग के ग्रामीणों का उपचार कर रहे हैं। भास्कर टीम ने इसकी पड़ताल की तो एकमात्र समदड़ी क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक बंगाली डॉक्टर अपना कामकाज चलाते नजर आए। कस्बे के बालोतरा रोड, ललेची माता रोड, अजीत रोड, सिवाना रोड, गोर का चौक क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक नीम हकीम सक्रिय है। उन्होंने दुकानों के अंदर क्लिनिक खोल रखे हैं, जहां पर जांच के साथ भर्ती कर उपचार किया जाता है।

पाटोदी व समदड़ी में हुई मौत के बाद भी अधिकारी लापरवाह

करीब 1 माह पूर्व नीम हकीम से उपचार करवाने के दौरान एक महिला की तबियत अचानक बिगड़ गई थी। इसे बाद में आनन-फानन में जोधपुर रेफर किया गया। जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। देवलियाली निवासी महिला के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने व पैरवी नहीं होने से नीम हकीम के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई।

तहसीलदार ने जिस दुकान को सीज किया, वहां फिर से काम शुरू

कस्बे सहित क्षेत्र में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग नीम हकीम से उपचार के दौरान जान गंवा चुके है। हादसे के कुछ दिनों तक तो नीम हकीम अपना कामकाज बंद कर देते थे, लेकिन मामला ठंडा पड़ते ही फिर से कामकाज शुरू कर देते है। ललेची माता रोड पर करीब 1 साल पूर्व तहसीलदार व पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर एक दुकान को सीज किया था, लेकिन राजनीतिक शह के चलते यहां पर फिर से कामकाज शुरु हो गया है।

भास्कर संवाददाता | समदड़ी

कस्बे सहित आस-पास के गांवों में बड़ी संख्या में नीम हकीम सक्रिय है। झोलाछाप चिकित्सक ग्रामीणों को सस्ता व सुलभ उपचार देने का झांसा देकर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। नीम हकीमों से उपचार करवाने के दौरान कई लोगांे की जान भी जा चुकी है, लेकिन प्रशासन व चिकित्सा विभाग कार्रवाई के नाम पर मौन साधे हुए है। कुछ समय पहले ही पाटोदी व समदड़ी में नीम हकीम से उपचार करवाने के दौरान दो जनों की मौत हुई थी।

उल्लेखनीय है कि चिकित्सा विभाग की अनदेखी के चलते नीम हकीमों का गोरखधंधा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। कई जने बगैर किसी डिग्री व ट्रेनिंग के ग्रामीणों का उपचार कर रहे हैं। भास्कर टीम ने इसकी पड़ताल की तो एकमात्र समदड़ी क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक बंगाली डॉक्टर अपना कामकाज चलाते नजर आए। कस्बे के बालोतरा रोड, ललेची माता रोड, अजीत रोड, सिवाना रोड, गोर का चौक क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक नीम हकीम सक्रिय है। उन्होंने दुकानों के अंदर क्लिनिक खोल रखे हैं, जहां पर जांच के साथ भर्ती कर उपचार किया जाता है।

झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ शिकायतें मिल रही है। इसके लिए एक टीम का गठन सभी विभागों के साथ मिलकर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

-कमलेश चौधरी, सीएमएचओ

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