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सेसकर के टेंडर में आयुक्त नहीं पहुंचे एक्सईएन की मौजूदगी में हुआ ठेका
सेसकर ठेका को लेकर शुक्रवार को नगर परिषद में सभापति, अधिकारियों सहित सीईटीपी ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मौजूदगी में टेंडर खोला गया। इसमें आयुक्त की गैर मौजूदगी के चलते करीब डेढ़ घंटे तक टेंडर प्रक्रिया देरी से शुरु हुई, इसके बाद कलक्टर के निर्देश पर एक्सईएन की मौजूदगी में टेंडर खोला गया। इस बार 3 कराेड़ 76 लाख रुपए का टेंडर जारी हुआ। वर्तमान ठेके से करीब 1 करोड़ रुपए अधिक का टेंडर होने से सीईटीपी ट्रस्ट व नगर परिषद को अच्छी आय होगी, वहीं विकास कार्यों पर अधिक धन खर्च होगा।
सेसकर ठेके को लेकर शुक्रवार दोपहर को तीन बजे नगर परिषद सभागार में बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभापति सुमित्रा जैन, सीईटीपी ट्रस्ट अध्यक्ष सुभाष मेहता, सचिव मनोज चौपड़ा, कोषाध्यक्ष कांतिलाल जीरावला सहित अधिकारी मौजूद रहे। टेंडर प्रक्रिया के दौरान नियमानुसार आयुक्त की मौजूदगी जरुरी है, लेकिन आयुक्त के बाहर होने व बाद में फोन बंद कर देने से कलक्टर के निर्देश पर ठेका प्रक्रिया शुरु हो पाई। आयुक्त रामकिशोर की गैर मौजूदगी पर सभापति सुमित्रा जैन व एक्सईएन कर्मचंद अरोड़ा की मौजूदगी में टेंडर प्रक्रिया संपन्न हुई। इस बार 3 करोड़ 76 लाख में गुप्ता ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से टेंडर जारी हुआ है। इससे पहले 2 करोड़ 81 लाख रुपए में सेसकर का ठेका चल रहा था।
कलेक्टर के आदेश पर एक्सईएन व सीईटीपी पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुआ टेंडर
आयुक्त रामकिशोर बैरवा टेंडर प्रक्रिया के दौरान बालोतरा से बाहर थे, इस दरम्यान मीटिंग शुरु होने से पहले उन्हें इत्तला दी गई, लेकिन कुछ समय बाद ही उन्होंने फोन बंद कर दिया। नियत समय 3 बजे बैठक शुरु हो गई, लेकिन आयुक्त का फोन बंद होने से मामला अटक गया। इसके बाद कलक्टर अंशदीप से बात करने के बाद उन्होंने ईओ के बाहर होने पर एक्सईएन को भेजकर प्रक्रिया पूरी करवाई। जिस पर नगर परिषद अधिकारी व सीईटीपी पदाधिकारियों की मौजूदगी में 3 करोड़ 76 लाख रुपए का टेंडर खोला गया।
प्राप्त होने वाली राशि से औद्योगिक क्षेत्र व शहर के विकास कार्य करवाए जाएंगे
उल्लेखनीय है कि बालोतरा, बिठुजा व जसोल औद्योगिक क्षेत्र में रंगाई, धुलाई व छपाई का कार्य होता है। जिसमें महाराष्ट्र, भिंवडी, नासिक, इचलकरंजी से ग्रे कपड़ा यहां पर पहुंचता है। बालोतरा में प्रोसेसिंग के बाद इस कपड़े को तैयार कर बाहर भिजवाया जाता है। बालोतरा में पहुंचने वाले ग्रे कपड़े पर सेसकर वसूला जाता है, जिसका हर साल नगर परिषद से टेंडर जारी होता है। जारी टेंडर की 90 फीसदी राशि सीईटीपी ट्रस्ट व 10 फीसदी राशि नगर परिषद को जाती है। जो औद्योगिक क्षेत्र सहित शहर के विकास कार्यों में उपयोग में ली जाती है। गत बार से इस बार 1 करोड़ रुपए में अधिक का टेंडर होने से विकास कार्यों पर भी अधिक राशि खर्च होगी।
सभापति सुमित्रा जैन व एक्सईएन कर्मचंद अरोड़ा की मौजूदगी में टेंडर प्रक्रिया संपन्न हुई। इस बार 3 करोड़ 76 लाख में गुप्ता ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से टेंडर जारी हुआ है। इससे पहले 2 करोड़ 81 लाख रुपए में सेसकर का ठेका चल रहा था।
3.76 करोड़ में हुआ टेंडर, विकास कार्यों पर होगा खर्च
सेसकर ठेका को लेकर आज बैठक हुई, जिसमें 3 करोड़ 76 लाख रुपए में गुप्ता ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से ठेका जारी हुआ है। अधिक राशि का टेंडर होने से प्लांट सहित औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्यों पर अधिक राशि खर्च होने से अच्छी सुविधा मिलेगी। हां, ईओ साहब का फोन बंद होने पर कलक्टर के निर्देश पर एक्सईएन की मौजूदगी में टेंडर प्रक्रिया हुई है।
- सुभाष मेहता, अध्यक्ष सीईटीपी ट्रस्ट बालोतरा
बालोतरा में 700 कारखानों से सालाना होता है 10 हजार करोड़ का कारोबार
इंस्ट्रीयल हब कहे जाने वाले बालोतरा के औद्योगिक क्षेत्र में जिले ही नहीं उत्तरप्रदेश, बिहार राज्यों के 50 हजार से अधिक श्रमिक कार्यरत है। बालोतरा, बिठू जा व जसोल में संचालित फैक्ट्रियों में धुपाई-रंगाई व छपाई का काम होता है, इसके लिए 700 से अधिक कारखानें संचालित हो रहे हैं। विशेष तौर पर यहां पर तैयार होने वाले पोपलीन कपड़े की देश सहित विदेशों में भी मांग है। इसके लिए महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से ग्रे कपड़ा यहां पहुंचता हैं, यहां पर प्रोसेस के बाद आसाम, केरल, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में तैयार माल भिजवाया जाता है। कारखानों से सालाना 10 हजार करोड़ से अधिक का कारोबार होता है।