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अस्पताल में डिलीवरी के बाद भामाशाह कार्ड जमा नहीं कराए, बेटियों के 3.93 करोड़ अटके

अस्पतालों में जन्म के बाद भामाशाह कार्ड जमा नहीं कराने पर डेढ़ साल में बेटियों के 3.93 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि अटक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 04:15 AM IST

अस्पताल में डिलीवरी के बाद भामाशाह कार्ड जमा नहीं कराए, बेटियों के 3.93 करोड़ अटके
अस्पतालों में जन्म के बाद भामाशाह कार्ड जमा नहीं कराने पर डेढ़ साल में बेटियों के 3.93 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि अटक गई है। बेटियों के जन्म के एक साल पूरा होने पर माता-पिता ने टीकाकरण का सर्टिफिकेट भी जमा नहीं कराया और न ही बेटियों की प्रोत्साहन राशि के लिए माता-पिता क्लेम करने पहुंच रहे। यह राशि अगस्त 2016 से अटकी हुई है। सरकार की ओर से यह राशि संस्थागत प्रसव पर बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन के लिए दी जाती है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त 2015 से मार्च 2016 तक चली शुभलक्ष्मी याेजना के तहत मई 2016 तक 3332 बेटियों के 69.97 लाख रुपए परिजन दूसरी किश्त की राशि लेने ही नहीं पहुंचे। शुभलक्ष्मी योजना के स्थान पर अप्रैल 2016 से शुरू हुई राजश्री योजना के फरवरी 2018 तक 5245 बेटियों की पहली किश्त के करीब 1.31 लाख और 7683 बेटियों के दूसरी किश्त के 1.92 लाख रुपए अटके हुए हैं। वहीं चिकित्सा विभाग भी राशि के भुगतान के लिए बेटियों के माता-पिता को भामाशाह कार्ड और टीकाकरण सर्टिफिकेट जमा कराने के लिए बुलाने में नाकाम रहा है। हालात ये हैं कि अब विभाग इंतजार कर रहा है और बेटियों के परिजन आ नहीं रहे हैं।

राजश्री योजना की पहली किश्त के 5245 और दूसरी किश्त के 7683 केसों का नहीं हुआ भुगतान

अलवर का महिला चिकित्सालय। फाइल फोटो

अब आशा सहयोगिनियों को घर-घर भेजेगा विभाग

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से काफी इंतजार करने के बाद राजश्री योजना में बेटियों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के लिए अब आशा सहयोगिनियों की मदद ली जाएगी। भामाशाह कार्ड और टीकाकरण सर्टिफिकेट की कमी के कारण अटकी राशि के लिए आशा सहयोगिनी घर-घर जाएंगी और बेटियों के माता-पिता को समझाएंगी, जिससे वे दस्तावेजों को जमा कराकर ऑनलाइन भुगतान प्राप्त कर सकें। इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रोत्साहन राशि से वंचित बेटियों की परिजनों की सूची तैयार की जा रही है।

यह थी शुभलक्ष्मी योजना

संस्थागत प्रसव में बेटी के जन्म पर पहली किश्त 2100 रुपए, पहले जन्म दिन पर 2100 रुपए और 5 साल की उम्र में सरकारी स्कूल में प्रवेश लेने पर 3100 रुपए का भुगतान किया जाना था।

ब्लॉकों में बेटियों की बकाया राशि के मामले

ब्लॉक शुभ लक्ष्मी योजना राजश्री योजना राजश्री योजना

(दूसरी किस्त) (पहली किस्त) (दूसरी किस्त)

बानसूर 105 437 380

बहरोड़ 125 55 162

खेड़ली 18 70 508

किशनगढ़बास 125 208 658

कोटकासिम 67 101 253

लक्ष्मणगढ़ 193 221 800

मालाखेड़ा 201 275 808

मुंडावर 45 113 416

राजगढ़ 151 185 300

रामगढ़ 82 906 833

रैणी 23 04 334

शाहजहांपुर 36 461 179

थानागाजी 115 112 451

तिजारा 769 972 1030

अलवर शहर 1313 1125 571

यह है राजश्री योजना

बेटी के जन्म पर 2500 रुपए और पहले जन्म दिन पर दूसरी किश्त भी 2500 रुपए दी जाएगी। पांच साल की उम्र में सरकारी स्कूल में पहली कक्षा प्रवेश लेने पर 4000 रुपए, छठी कक्षा में प्रवेश के समय 5000 रुपए, दसवीं कक्षा में प्रवेश पर 11 हजार रुपए और 12वीं कक्षा में प्रवेश पर 25 हजार रुपए मिलेंगे।

शुभलक्ष्मी योजना में बेटियों की राशि के भुगतान के लिए परिजनों को कई बार मौका दिया गया है, लेकिन परिजन आ नहीं रहे हैं। वहीं भामाशाह कार्ड और एक साल का टीकाकरण सर्टिफिकेट जमा नहीं कराने पर राजश्री योजना की पहली और दूसरी किश्त का भी काफी भुगतान अटका हुआ है। परिजन राशि के क्लेम के लिए नहीं आ रहे हैं। अब आशा सहयोगिनियों को वंचित के घर-घर भेजकर बुलाया जाएगा। -डॉ. ओमप्रकाश मीणा, आरसीएचओ, अलवर

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Web Title: अस्पताल में डिलीवरी के बाद भामाशाह कार्ड जमा नहीं कराए, बेटियों के 3.93 करोड़ अटके
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