बांसवाड़ा

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शहर में युवाआें ने की कंडों की होली जलाने की शुरुआत

हाेली पर लकड़ियों की नहीं और गाय के गोबर से बने कंडों की होली दहन का चलन प्रारंभ कर शहर की मोहन कॉलोनी नवयुवक मंडल के...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:10 AM IST
हाेली पर लकड़ियों की नहीं और गाय के गोबर से बने कंडों की होली दहन का चलन प्रारंभ कर शहर की मोहन कॉलोनी नवयुवक मंडल के युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण की नई पहल की है।

इससे एक दिन में सिर्फ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब एक हजार स्थानों पर लकड़ियों से जलाई जाने वाली होली के तरीके में बदलाव कर कंडों की होली जलाकर दो हजार क्विंटल से अधिक लकड़ियां बचाकर पेड़ों को कटने से बचाया जा सकता है। साथ ही कंडों के साथ कपूर रखकर अग्नि प्रज्ज्वलित करने से इसके स्थान पर एक रुपए का एक कंडा लेने के हिसाब से आवश्यकता के अनुसार गायों के गोबर से बने कंडों को खरीदने से गौशालाओं और गौ पालकों की आय में बढ़ोतरी कर गौ संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी बेहतर काम किया जा सकता है। नवयुवक मंडल के कल्पेश मेहता ने बताया कि क्षेत्र में तेजी से फैल रही मौसमी बीमारियों स्वाइन फ्लू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए इस होली दहन में कपूर डाल कर पर्यावरण शुद्धि का प्रयास भी कारगर साबित हो सकता है।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार लकड़ियों का उपयोग नहीं कर गायों के गोबर से बने कंडों का उपयोग होली दहन के लिए करने प्रचार प्रसार में मंडल के कवींद्र शाह, अनूप सागवाड़िया, शशिकांत शर्मा, अजय शाह, अरविंद जोशी,गोलू शाह की ओर से इस संबंध में प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

नवयुवक मंडल की ओर से बनाई गई कंडोंं की होली का फाइल फोटो।

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