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इंदिरा कॉलोनी के बुजुर्ग काे पड़ा दौरा, शहर में एक भी एंबुलेंस नहीं मिली, 30 मिनट बाद ऑटो से लाए, तब तक हो चुकी थी मौत

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:15 AM IST

Banswara News - शहर की इंदिरा कॉलोनी गुरुवार दोपहर एक बुजुर्ग को दिल का दौरा पड़ने पर इमरजेंसी में एमजी अस्पताल ले जाने के लिए...

इंदिरा कॉलोनी के बुजुर्ग काे पड़ा दौरा, शहर में एक भी एंबुलेंस नहीं मिली, 30 मिनट बाद ऑटो से लाए, तब त
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शहर की इंदिरा कॉलोनी गुरुवार दोपहर एक बुजुर्ग को दिल का दौरा पड़ने पर इमरजेंसी में एमजी अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। काफी इंतजार के बाद परिजन ऑटो से बुजुर्ग को अस्पताल ले गए, लेकिन तब सांसें थम चुकी थी। परिजनों को अब इस बात का मलाल है कि अगर वक्त पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद उनके परिजन जीवित होते।

यह स्थिति तब है, जब शहर में इमरजेंसी के लिए 3 एंबुलेंस लगा रखी है, लेकिन जरूरत पर 75 वर्ष के रजबअली सियापुरवाले को यह सुविधा नहीं मिल सकी। रजबअली के 6 बेटे हैं, जिनमें से 4 विदेश हैं।

रजबअली को दोपहर 1 बजे बाद दिल का दौरा पड़ा। उस वक्त घर पर सिर्फ महिलाएं थी। उन्होंने मदद के लिए क्षेत्रीय पार्षद जाहिदअहमद सिंधी को कॉल किया। जाहिद तुरंत घर पहुंचे और रजबअली को एमजी अस्पताल ले जाने के लिए 108 इमरजेंसी पर कॉल कर एंबुलेंस मांगी। 108 नंबर पर बताया कि शहर में एक भी एंबुलेंस अभी नहीं है, तलवाड़ा से भेज सकते हैं। इस पर 30 मिनट तक एंबुलेंस का इंतजार किया। आखिर एंबुलेंस नहीं आई तो ऑटो की मदद से रजबअली को एमजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।

50

108 एंबुलेंस : 19

104 एंबुलेंस :19

बेस एंबुलेंस : 12

प्रशासन के खिलाफ नाराजगी

पार्षद जाहिद ने समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने पर इसे बड़ी बदइंतजामी बताते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। कहा कि सवा लाख की आबादी वाले शहर में आपातकाल के लिए एक भी एंबुलेंस आरक्षित नहीं है। यह बहुत चिंताजनक हालात है।

कुल एंबुलेंस

इसलिए हीं मिल पा रही सुविधा

शहर में इमरजेंसी में अस्पताल तक लाने के लिए एमजी अस्पताल में एक और रिजर्व पुलिस लाइन में 2 एंबुलेंस हरदम मौजूद रहती है। 108 एंबुलेंस सेवा के जिला समन्वयक सुनील कुमार का कहना है कि एमजी अस्पताल से रोजाना 7 से 8 रैफरल केस के कॉल आते हैं, जिस पर इन तीनों एंबुलेंस को उदयपुर भेजना पड़ता है। ऐसे समय में शहर में इमरजेंसी केस में करीब सेंटर तलवाड़ा, छोटी सरवन या बदरेल से एंबुलेंस मंगवानी पड़ती है। इसमें काफी वक्त लग जाता है। एकाएक रैफरल केस बढ़ने से शहरी एंबुलेंस सेवा प्रभावित हो रही है।

एएलएस एंबुलेंस धूल फांक रही : गंभीर ह्रदय रोगियों को रैफर करने पर रास्ते में तमाम चिकित्सा सुविधा देने और समय पर इलाज कराने की मंशा से सरकार ने डेढ़ महीने पहले एमजी अस्पताल में आधुनिक तकनीक से लेस एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस की सुविधा शुरू की थी। लेकिन, अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से यह एंबुलेंस धूल फांक रही है, जबकि यह आम एंबुलेंस से पूरी तरह अलग है। इसमें मल्टी पैरामॅानिटर, ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम, ऑटोमेटेड इलेक्ट्रॉनिक डीफेब्यूलेटर, वाल्यूम इनफ्ल्यूजन पंप, सक्शन मशीन के अलावा कई दूसरी सुविधाएं हैं।

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