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प्रदेश में पहली बार : 13 कुलपति राजभवन के रडार पर, भर्तियों में विलंब के लिए मांगनी पड़ेगी माफी

प्रदेश के 13 यूनिवर्सिटी के कुलपति राजभवन की रडार पर आ गए हैं। आधे से ज्यादा सरकारी विश्वविद्यालयों में समय पर...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:35 AM IST
प्रदेश के 13 यूनिवर्सिटी के कुलपति राजभवन की रडार पर आ गए हैं। आधे से ज्यादा सरकारी विश्वविद्यालयों में समय पर भर्ती नहीं होने पर उनके कुलपतियों पर अब राज्यपाल कल्याणसिंह नजर रखे हुए हैं। 13 कुलपतियों को 15 अप्रेल तक राजभवन को भर्तियों में भारी विलंब के लिए रिपोर्ट भेजनी है। ऐसे में अब राजभवन ने फैसला लिया है कि जिन - जिन विश्वविद्यालयों के जवाबों से राजभवन संतुष्ट नहीं होगा। उन- उन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को राज्यपाल के नाम माफीनामा लिखकर देना होगा। हालांकि उचित जवाब मिलने पर प्रत्येक यूनिवर्सिटी के मामले में राज्यपाल की ओर से राज्य सरकार से जवाब तलब किया जाएगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार होगा जब भर्तियों पर राज्यपाल इस तरह का एक्शन लेंगे।

बगैर टीचर विद्यार्थियों के लिए क्या व्यवस्था रही?

इस मामले में राजभवन कुलपतियों से ये भी रिपोर्ट ले रहा है कि बगैर टीचर के विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए क्या- क्या व्यवस्था की गई। इसका कितना असर विद्यार्थी की पढ़ाई पर पड़ा और परीक्षा परिणामों की क्या स्थिति रही।

इन-इन विश्वविद्यालयों की भर्तियों में हुए विलंब से राज्यपाल नाराज

राज्यपाल कल्याण सिंह ने खुद पत्र व्यवहार करके कई विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रोसेस शुरु कराया है। ऐसे में राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंस, राजस्थान विश्वविद्यालय, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय मदाऊ, पांचों कृषि विश्वविद्यालय, जिसमें बीकानेर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और जोबनेर के कृषि विश्वविद्यालय शामिल है। इनके अलावा आरटीयू कोटा, कोटा ओपन, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जाेधपुर, भरतपुर की महाराजा सूरजमल यूनिवर्सिटी, अलवर की मत्स्य, सीकर का शेखावटी विश्वविद्यालय, पुलिस यूनिवर्सिटी और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तक भर्ती विलंब के दायरे में आ गए है।

फिलहाल विश्वविद्यालयों के ये हैं हालात

विश्वविद्यालय प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर असिस्टेंट प्रोफेसर

स्वीकृत रिक्त स्वीकृत रिक्त स्वीकृत रिक्त

जयनारायण व्यास, जोधपुर पद स्वीकृत 51 40 119 85 473 182

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर 5 4 10 7 15 1

कोटा विश्वविद्यालय, कोटा 3 3 3 3 8 8

एमडीएस अजमेर 10 8 21 17 17 5

महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय 5 5 10 10 15 15

सुखाडिय़ा यूनिवर्सिटी उदयपुर 26 18 51 33 182 87

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा 2 1 4 1 30 8

राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर 63 57 136 135 710 254

शेखावटी विश्वविद्यालय सीकर 5 5 10 10 15 15

राजऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर 5 5 10 10 15 15

गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा 5 5 10 10 15 15

आरटीयू कोटा 37 26 68 45 156 89

संस्कृत यूनिवर्सिटी, जयपुर 6 5 12 6 26 9

(नोट ये आंकड़े उच्च शिक्षा विभाग ने सदन में पेश किए हैं।)

हर्ष खटाना | जयपुर

प्रदेश के 13 यूनिवर्सिटी के कुलपति राजभवन की रडार पर आ गए हैं। आधे से ज्यादा सरकारी विश्वविद्यालयों में समय पर भर्ती नहीं होने पर उनके कुलपतियों पर अब राज्यपाल कल्याणसिंह नजर रखे हुए हैं। 13 कुलपतियों को 15 अप्रेल तक राजभवन को भर्तियों में भारी विलंब के लिए रिपोर्ट भेजनी है। ऐसे में अब राजभवन ने फैसला लिया है कि जिन - जिन विश्वविद्यालयों के जवाबों से राजभवन संतुष्ट नहीं होगा। उन- उन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को राज्यपाल के नाम माफीनामा लिखकर देना होगा। हालांकि उचित जवाब मिलने पर प्रत्येक यूनिवर्सिटी के मामले में राज्यपाल की ओर से राज्य सरकार से जवाब तलब किया जाएगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार होगा जब भर्तियों पर राज्यपाल इस तरह का एक्शन लेंगे।

बगैर टीचर विद्यार्थियों के लिए क्या व्यवस्था रही?

इस मामले में राजभवन कुलपतियों से ये भी रिपोर्ट ले रहा है कि बगैर टीचर के विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए क्या- क्या व्यवस्था की गई। इसका कितना असर विद्यार्थी की पढ़ाई पर पड़ा और परीक्षा परिणामों की क्या स्थिति रही।

इन-इन विश्वविद्यालयों की भर्तियों में हुए विलंब से राज्यपाल नाराज

राज्यपाल कल्याण सिंह ने खुद पत्र व्यवहार करके कई विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रोसेस शुरु कराया है। ऐसे में राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंस, राजस्थान विश्वविद्यालय, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय मदाऊ, पांचों कृषि विश्वविद्यालय, जिसमें बीकानेर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और जोबनेर के कृषि विश्वविद्यालय शामिल है। इनके अलावा आरटीयू कोटा, कोटा ओपन, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जाेधपुर, भरतपुर की महाराजा सूरजमल यूनिवर्सिटी, अलवर की मत्स्य, सीकर का शेखावटी विश्वविद्यालय, पुलिस यूनिवर्सिटी और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तक भर्ती विलंब के दायरे में आ गए है।