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कल नो निगेटिव न्यूज के साथ करें नए सप्ताह की पॉजिटिव शुरुआत

दिल दहला देने वाली कहानी

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 04:20 AM IST
दिल दहला देने वाली कहानी


अंकिता जोशी | इंदौर

सीमा की शादी को यूं तो 13 साल हो गए हैं, लेकिन उसका ही पति कमल उसकी कोख का बार-बार सौदा कर रहा है। वो भी तब जब सीमा ने अपने परिवार के खिलाफ जाकर उससे शादी की है। कमल अब तक दो बार 45-45 हजार रुपए में सीमा के एग्स डोनेट (पैसे के बदले अंडाणु दान करवाए) करवा चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि उसने ऐसा कभी अपना कर्जा उतारने के नाम पर करवाया तो कभी रिक्शा खरीदने के लिए।

भास्कर से बात करते हुए सीमा ने बताया कि मैंने परिवार वालों के खिलाफ जाकर कमल से शादी की थी। आज 13 साल हो गए हैं शादी को। दो बच्चे हैं हमारे। पारिवारिक स्थिति इतनी खराब है कि कई बार घर में खाने को भी कुछ नहीं होता है। लेकिन हमेशा से हालात ऐसे नहीं थे। पति को शराब की ऐसी लत है कि वो सारा दिन पीते हैं। पहले काम करते थे, अब तो वह भी छोड़ दिया है। बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। इसी बीच कमल को एक दिन पता लगा कि एग दान करने पर अच्छी रकम मिलती है। आर्थिक परेशानियां इतनी थीं कि मैंने यह किया।

सीमा बताती हैं कि उन्होंने 45-45 हज़ार रुपए के लिए दो बार एग डोनेट किए। हालांकि सारा रुपया पति ने अपने शौक, शराब की लत, कपड़े-लत्ते खरीदने में खर्च कर दिए। ससुर की तेरहवीं के खर्च के लिए पति ने मुझे दूसरी बार एग डोनेट करने को कहा था। मैंने कर दिया। उसे तो जैसे पैसा कमाने का आसान रास्ता मिल गया। एक दिन उसने कहा कि अब मुझसे मेहनत नहीं होती। थक जाता हूंा। हम ऑटो खरीद लेते हैं। वो मुझे एक बार फिर एग डोनेट कराने अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टर ने बताया कि अब एग डोनेट नहीं कर सकते। लेकिन सरोगेसी की जा सकती है। इसके लिए साढ़े चार लाख रुपए मिलेंगे। मैं नहीं मान रही थी, लेकिन कमल ने मेरे साथ मारपीट की। मजबूरन मैंने हां कह दी। आईवीएफ द्वारा सरोगेसी की प्रक्रिया कराई गई। मुझे लगा अब वो मुझे पीटना बंद कर देगा। लेकिन सरोगेट मां को हर तीन महीने में दिए जाने वाले 30 हज़ार रुपए जब उसके हाथों में सौंपने से अस्पताल वालों ने मना कर दिया तो उसने अस्पताल में झगड़ा किया। प्रबंधन ने कहा रुपए तो सरोगेट मदर को ही देंगे। वो फिर मुझे मारने पीटने लगा। कई बार रात के ढाई-तीन बजे जब मैं और बच्चे नींद में होते हैं, वो मेरे पेट में घूंसे मारता है। लातों से मुझे पीटता है। कहता है 30 हज़ार मिल गए सो मिल गए। अब उनके लिए बच्चा तू पैदा नहीं करेगी। इसे गिरवा दे। मैंने उसे समझाया कि हमने कानूनी कागज़ात पर साइन किए हैं। कागज़ अस्पताल में जमा हैं। अब हम ऐसा नहीं कर सकते। साथ ही चौथा महीना लग जाने से अब गर्भपात जानलेवा हो सकता है। पति फिर भी राज़ी नहीं है। वो अब भी मुझे पीटता है। इस घर में रहने में मुझे बहुत डर लगता है। जाने कब मेरे साथ क्या हो जाए। इसीलिए मैंने महिला थाने में पति के खिलाफ़ आवेदन दिया है। जीवन से कोई आस नहीं है मुझे। अब ज़िंदा हूं तो सिर्फ बच्चों की ख़ातिर।

कमल कहता है कि मैं कोई काम नहीं कर पाता हूं। कुछ साल पहले मुझ पर जानलेवा हमला हुआ था। डॉक्टर्स ने हाथ खड़े कर दिए थे। हालांकि मैं बच गया। पेट में कई टांके हैं और मेहनत मजदूरी वाला काम मैं कर नहीं सकता। नशे की आदत भी है। जब अस्पताल वालों ने बताया कि सरोगेसी के लाखों रुपए मिलते हैं तो मुझे लगा यह आसान तरीका है कमाई का। शेष पेज 4 पर

घर खर्च चलाने, कर्ज़ उतारने, रिक्शा खरीदने के नाम पर कर दिया प|ी की कोख का सौदा

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