• Home
  • Rajasthan News
  • Banswara News
  • यह कहना जल्दबाजी होगी कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल नहीं : तरुण कुमार
--Advertisement--

यह कहना जल्दबाजी होगी कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल नहीं : तरुण कुमार

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव का...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 04:20 AM IST
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव का महत्वपूर्ण पद देकर उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं करने के सवाल पर कांग्रेस के सचिव तरुण कुमार के बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है।

बांसवाड़ा दौरे पर आए तरुण कुमार ने कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में के दौरान कहा कि अशोक गहलोत काफी वरिष्ठ और जुझारू नेता हैं। इसी कारण उन्हें कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में इतना महत्वपूर्ण पद दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि गहलोत को राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर किया गया है। संगठन में नेताओं के व्यक्तित्व उनकी कार्यशैली का उपयोग पार्टी के हित के लिए किया जाता है इस बार हमारे नेता ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी है, जो काफी सोच समझ कर दी गई है। जब उनसे यह पूछा गया कि जनार्दन द्विवेदी को इस पद से हटाने का क्या कारण है और वह इस बारे में क्या सोचते हैं।

इस पर उन्होंने कहा कि जनार्दन द्विवेदी भी काफी वरिष्ठ नेता रहे हैं, जिनके नेतृत्व में संगठन ने बहुत काम किया है और सफलताएं हासिल की हैं यह राष्ट्रीय अध्यक्ष पर निर्भर है कि वह किसे कब और क्या जिम्मेदारी दे। आने वाले चुनाव को लेकर राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि जिन-जिन मुद्दों पर प्रदेश की जनता त्रस्त हुई है, कांग्रेस उन्हीं मुद्दों को लेकर जनता की आवाज बनेगी और प्रदेश में आगामी चुनाव में पूरी ताकत से जीत हासिल करेगी। जब सचिव से ये पूछा गया कि जिन क्षेत्रों में शक्ति अभियान के तहत कम सदस्य बनेंगे उन क्षेत्रों में पार्टी की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे। इस पर तरुण कुमार ने कहा कि हमारे पास पदाधिकारियों की टीम है, जिनका उपयोग हम सदस्यता अभियान को सफल बनाने के लिए करेंगे।

अपने भाषण में नेताओं, पदाधिकारियों को आपसी मसले सुलझाने की नसीहत के बारे में पूछे जाने पर सचिव ने जवाब दिया कि छोटे मोटे मतभेद हर परिवार में होते हैं और हमारा संगठन बहुत बड़ा है। मेरा कहना यही था कि जो भी मतभेद हों अपने स्तर पर सुलझा कर पूरी ताकत से जनता के बीच जाकर उनकी आवाज बनें।

तरुण कुमार