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जो मानव मूल्यों काे कमजोर करे उन्हें महत्व नहीं दें - राकेश सिंह

बांसवाड़ा| जेंडर फ्रीडम लक्ष्य बना कर चेन्नई से भारत भ्रमण पर निकले बिहार के शिवहर जिले के तरियानी छापर निवासी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 07:30 AM IST

जो मानव मूल्यों काे कमजोर करे उन्हें महत्व नहीं दें - राकेश सिंह
बांसवाड़ा| जेंडर फ्रीडम लक्ष्य बना कर चेन्नई से भारत भ्रमण पर निकले बिहार के शिवहर जिले के तरियानी छापर निवासी राकेशसिंह शनिवार को बांसवाड़ा पहुंचे। उन्होंने बताया कि 2014 में उन्होंने समाज में जेंडर के आधार पर भेदभाव, हिंसा जैसे कई कारणों को लेकर उन्होंने इसे रोकने जनजागृति के उद्देश्य से साइकिल यात्रा प्रारंभ की थी।

उन्होंने कहा कि कितने आश्चर्य और चिंता की बात है कि आजादी के इतने वर्षों बाद जब हमारे द्वारा सर्वाधिक उपग्रह अंतरीक्ष में छोड़े जा रहे हैं और मंगल यान को मंगल ग्रह तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रह हैं। घरेलू हिंसा से, कोख में मारने से,दहेज उत्पीड़न से,सड़कों और चौराहों पर होने वाले उत्पीड़न से? इन सवालों का जवाब हमें ही मिल कर ढूंढना होगा तभी जेंडर आधारित भेदभाव में कमी आएगी। यात्रा का समापन दिसंबर 2018 में उनके गांव में होगा। अब तक तमिलनाडू, पांडिचेरी, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान की यात्रा कर चुके हैं। अब आगे गुजरात की यात्रा पर जाएंगे।

उन्होंने बांसवाड़ा में ये अच्छी बात नजर आई : उन्होंने बांसवाड़ा के दस प्रतिशत व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर महिलाओं को बैठे देखा,जो एक अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा जिले से यशोदा देवी नामक महिला का विधानसभा में पहली महिला विधायक चुन कर जाने। यहां के आदिवासियों में बेटी के जन्म पर ढोल बजा कर खुशियां मनाने की बात काफी सुखद है।

विभिन्न राज्यों से साइकिल यात्रा करते हुए बांसवाड़ा पहुंचे राकेश सिंह।

बांसवाड़ा| जेंडर फ्रीडम लक्ष्य बना कर चेन्नई से भारत भ्रमण पर निकले बिहार के शिवहर जिले के तरियानी छापर निवासी राकेशसिंह शनिवार को बांसवाड़ा पहुंचे। उन्होंने बताया कि 2014 में उन्होंने समाज में जेंडर के आधार पर भेदभाव, हिंसा जैसे कई कारणों को लेकर उन्होंने इसे रोकने जनजागृति के उद्देश्य से साइकिल यात्रा प्रारंभ की थी।

उन्होंने कहा कि कितने आश्चर्य और चिंता की बात है कि आजादी के इतने वर्षों बाद जब हमारे द्वारा सर्वाधिक उपग्रह अंतरीक्ष में छोड़े जा रहे हैं और मंगल यान को मंगल ग्रह तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रह हैं। घरेलू हिंसा से, कोख में मारने से,दहेज उत्पीड़न से,सड़कों और चौराहों पर होने वाले उत्पीड़न से? इन सवालों का जवाब हमें ही मिल कर ढूंढना होगा तभी जेंडर आधारित भेदभाव में कमी आएगी। यात्रा का समापन दिसंबर 2018 में उनके गांव में होगा। अब तक तमिलनाडू, पांडिचेरी, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान की यात्रा कर चुके हैं। अब आगे गुजरात की यात्रा पर जाएंगे।

उन्होंने बांसवाड़ा में ये अच्छी बात नजर आई : उन्होंने बांसवाड़ा के दस प्रतिशत व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर महिलाओं को बैठे देखा,जो एक अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा जिले से यशोदा देवी नामक महिला का विधानसभा में पहली महिला विधायक चुन कर जाने। यहां के आदिवासियों में बेटी के जन्म पर ढोल बजा कर खुशियां मनाने की बात काफी सुखद है।

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Web Title: जो मानव मूल्यों काे कमजोर करे उन्हें महत्व नहीं दें - राकेश सिंह
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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