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मौसम और होली का असर, बीमार और दुर्घटनाएं बढ़ी

बांसवाड़ा| इस बार की होली के रंग कई लोगों के लिए फीके साबित हुए। बीमारी और दुर्घटनाओं के कारण उन लोगों को इस त्यौहार...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 07:30 AM IST
बांसवाड़ा| इस बार की होली के रंग कई लोगों के लिए फीके साबित हुए। बीमारी और दुर्घटनाओं के कारण उन लोगों को इस त्यौहार का आनंद नहीं लेने मिला, उन्हें इस त्यौहार को अस्पताल की चार दीवारी में कैद गुजारना पड़ा।

वैसे हर बार होली पर अस्पतालों में दुर्घटनाओं के प्रकरण अधिक आते रहे हैं, लेकिन इस बार मौसम के बदलते मिजाज के कारण भी कई सारे लोग बीमार होने लगे हैं। यहीं कारण है कि बीते 3 से 4 दिनों में अस्पताल के हर वार्ड में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो गया। हर दिन 100 से अधिक मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वहीं आउट डोर के मरीजोें का आंकड़ा भी 550 से 600 सामान्य हो गया है।

अस्पताल में ओपीड़ी के साथ भर्ती मरीजों में भी इजाफा, वार्डों में भीड़, सड़क हादसों की संख्या में भी इजाफा

आईसीयू के हर बैड पर भर्ती मरीज

वैसे आम दिनों में अस्पताल के आईसीयू वार्ड में 2 से 3 मरीज भर्ती रहते हैं। लेकिन फरवरी के अंतिम सप्ताह से अब तक हर दिन वार्ड प्रतिदिन भरा हुआ है। नए मरीज आने पर उन्हें वार्ड में जगह देना भी स्टाफ के चुनौती बढ़ गया है। गौरतलब हैं कि पहले आईसीयू वार्ड की क्षमता 5 बैड थी, जिसे बाद में रिनोवेट करने के बाद उसका विस्तार किया गया और बैड क्षमता 10 तक बढ़ा दी। इसके बाद भी मरीजाें की संख्या बढ़ गई है।

अस्पताल के कांउटर पर लगी भीड़।

रात के तापमान में आधे से भी ज्यादा गिरावट

इन दिनों दिन का तापमान जो 34 से 36 डिग्री सेंटीग्रेट तक पहुंच गया हैं, वहीं रात के तापमान में भारी गिरावट आ रही है। जो 14 से 16 डिग्री सेंटीग्रेट तक जा रहा है। दिन में पंखे कूलर चलाने पड़ रहे हैं तो रात में इन्हें बंद भी करना पड़ रहा है।

अस्पताल में मरीजों के आंकड़े

तारीख ओपीडी आईपीडी ट्रोमा वार्ड

28फरवरी 709 93- 31

1 मार्च 415 108- 38

2 मार्च 413 413 41

3 मार्च 544 544 14

होली के दो दिन रहे एक्सीडेंट के नाम, 124 घायल पहुंचे

अस्पताल में दुर्घटना में इलाज कराने आने वाले घायल भी अधिक आए। अधिकांश प्रकरण में वाहन चालक शराब का सेवन किए होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुए। पिछले 4 दिनों में 124 घायल ट्रोमा वार्ड में भर्ती कराया गया। धूलंडी पर 41 मरीज एक्सीडेंट में घायल हुए।

मौसमी की दोहरी मार है कारण

वैसे होली के बाद से मौसम बदलता ही हैं, जिसके बाद से गर्मी बढ़ने लगती है। लेकिन इस बार दिन में दो मौसम से लोगों को सामना करना पड़ रहा है। दिन में गर्मी और तपन के बाद रात को ठंड का प्रकोप अब भी बरकरार है। यहीं कारण है कि लोगों पर इसका विपरित असर हो रहा है। हार्ट के रोगी कम इम्यूनिटी पावर के कारण अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में बुखार, सर्दी, जुकाम, निमोनिया और उल्टी दस्त के मरीजों की भी संख्या बढ़ गई है। बीते दो दिन में मेल और फिमेल मेडिकल वार्ड में मजबूरन क्षमता अधिक होने के कारण नीचे सुलाना पड़ा। वार्ड स्टाफ ने बताया कि शनिवार सुबह डॉक्टर के परामर्श के बाद कई मरीजों को राहत मिलने के बाद छुट्टी दे दी गई है। फिर भी वापस मरीज बढ़ने लगे हैं।