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सात फेरे लगवाए, इसमें फर्क इतना कि विवाह में बोले जाने वाले मंत्र नहीं गूंजे

बड़ोदिया| यह आश्चर्य नहीं, किंतु सत्य है कि बड़ोदिया में होली की पहली रात को घर में सोए दो लड़कों को उठाकर शादी...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:15 AM IST
बड़ोदिया| यह आश्चर्य नहीं, किंतु सत्य है कि बड़ोदिया में होली की पहली रात को घर में सोए दो लड़कों को उठाकर शादी कराने की परंपरा है। परंपरा अनुसार बुधवार रात 11 बजे ग्रामीणों ने दो बाल लड़कों को घरों से विवाह मंडप में लाए और दोनों की शादी कराई।

युवा गांव में निकलते हैं और जो पहले और दूसरे नंबर पर बालक मिलते हैं, उन्हें विवाह मंडप ले आते हैं। एक वर और दूसरे को वधु बनाते हैं। शादी समारोह से पहले ग्रामीण दो घंटे तक युवाओं ने गरबा खेला। इसके बाद मंडप में अग्नि को साक्षी मानते हुए सात फेरे लगवाए। इसमें फर्क इतना था कि विवाह मंत्र में जो विवाह होते हैं, ऐसे मंत्र नहीं बोले जाते हैं। विवाह समारोह में फागण गीत गाते हैं। इस कार्यक्रम में कस्बे के सैकड़ों लोग शामिल होते हैं। विवाह से पहले दूल्हा दुल्हन का बिनोला निकाला गया। विकास भट्ट ने बताया कि विवाह से पहले मामेरा प्रथा में गांव के लोगों ने कन्या को शृंगार का सामान भेंट किया।

बड़ोदिया में दो लड़कों की आपस मेंं शादी कराते ग्रामीण।