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प्रेरकों को संशोधित वेतन का भुगतान किया जाए : एससी

जयपुर | सुप्रीम कोर्ट ने प्रेरकों को राहत देते हुए सरकार को कहा वह हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा 11 मई 2016 को दिए आदेश की...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:55 AM IST
जयपुर | सुप्रीम कोर्ट ने प्रेरकों को राहत देते हुए सरकार को कहा वह हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा 11 मई 2016 को दिए आदेश की पालना में प्रेरकों को नई साक्षरता योजना में संशोधित वेतन का भुगतान करे। न्यायाधीश अरुण मिश्रा व न्यायाधीश अमिताभ रॉय की खंडपीठ ने यह आदेश केन्द्र व राज्य सरकार की अपीलों को निस्तारित करते हुए दिया। प्रेरकों के अधिवक्ता देवेन्द्र भारद्वाज ने बताया हाईकोर्ट ने 30 जून 2014 को प्रेरकों को पूर्णकालिक सेवाओं के आधार पर कुशल श्रमिकों के समान वेतन देने का निर्देश दिया था। इस आदेश को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी थी। लेकिन हाईकोर्ट ने 11 मई 2016 को राज्य सरकार की 24 अपीलों को खारिज कर दिया और एकलपीठ के आदेश को बहाल रखा। राज्य सरकार ने आदेश का पालन नहीं किया जिसे प्रेरक सुरेश चन्द्र शर्मा व अन्य ने अवमानना याचिका के जरिए चुनौती दी। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर जून 2017 के आदेश से केन्द्र सरकार के एचआरडी को निर्देश दिया कि वह प्रेरकों को 7500 रुपए प्रतिमाह मानदेय दे और अदालत के 11 मई 2016 के आदेश से लेकर भुगतान नहीं करने तक की बकाया राशि एक महीने में जमा कराए।