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34 साल के गणेशोत्सव में पहली बार होगी मिट्‌टी और धातु की मूर्तियां स्थापित

दस दिनों तक चलने वाले गणेश महोत्सव की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। इस बार का महोत्सव दो कारणों से विशेष चर्चा में...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:21 AM IST
दस दिनों तक चलने वाले गणेश महोत्सव की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। इस बार का महोत्सव दो कारणों से विशेष चर्चा में है। पहला सौ साल बाद गुरु स्वाति योग में स्थापित की जाएंगी विघ्नहर्ता की मूर्तियां। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण, तीन दशक के बाद पहली बार शहर के लोग पर्यावरण के संरक्षण के लिए एकजुट हुए है। इसके चलते पीओपी के स्थान पर बड़ी संख्या में मिट्टी और धातु से बनी भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की जा रही है। इसके लिए बुधवार देररात तक गणेश जी की मूर्तियां बनाने वालों के यहां पर श्रद्धालुओं की रेलमपेल लगी हुई थी। बांसवाड़ा में जिले में वर्ष 1984 में पहली बार गणेशाेत्सव मनाने का क्रम शुरू हुआ था जो आज तक जारी है। गणेश महोत्सव के आयोजनों में सक्रिय पूर्व राज्यमंत्री भवानी जोशी ने बताया कि त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर से 1984 में पहली बार गणेश मूर्ति स्थापित कर शोभा यात्रा निकाली गई थी। इसके बाद आजाद चौक गणेश मंडल और फिर बांसवाड़ा सिंटेक्स के सामने गणेशजी की मूर्ति स्थापित कर शोभा यात्रा निकालने का क्रम शुरू हुआ था।

आज भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करना बेहद शुभ

गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर सजा सिद्धी विनायक मंदिर।

भास्कर संवाददाता। बांसवाड़ा

दस दिनों तक चलने वाले गणेश महोत्सव की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। इस बार का महोत्सव दो कारणों से विशेष चर्चा में है। पहला सौ साल बाद गुरु स्वाति योग में स्थापित की जाएंगी विघ्नहर्ता की मूर्तियां। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण, तीन दशक के बाद पहली बार शहर के लोग पर्यावरण के संरक्षण के लिए एकजुट हुए है। इसके चलते पीओपी के स्थान पर बड़ी संख्या में मिट्टी और धातु से बनी भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की जा रही है। इसके लिए बुधवार देररात तक गणेश जी की मूर्तियां बनाने वालों के यहां पर श्रद्धालुओं की रेलमपेल लगी हुई थी। बांसवाड़ा में जिले में वर्ष 1984 में पहली बार गणेशाेत्सव मनाने का क्रम शुरू हुआ था जो आज तक जारी है। गणेश महोत्सव के आयोजनों में सक्रिय पूर्व राज्यमंत्री भवानी जोशी ने बताया कि त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर से 1984 में पहली बार गणेश मूर्ति स्थापित कर शोभा यात्रा निकाली गई थी। इसके बाद आजाद चौक गणेश मंडल और फिर बांसवाड़ा सिंटेक्स के सामने गणेशजी की मूर्ति स्थापित कर शोभा यात्रा निकालने का क्रम शुरू हुआ था।

13 सितंबर को ही गुरु स्वाति योग भी बन रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक यह अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग करीब सैकड़ों वर्षों बाद बनने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित हिन्द किशोर जोशी और पं. डॉ. भवानी खंडेलवाल के अनुसार इस दिन भगवान श्री गणेश की मूर्ति को स्थापित करना बेहद शुभ है। इस योग में घर में बने मंदिर में भी मूर्ति स्थापित करना शुभ माना जाता है। इस दिन गुरुवार होने से यह देवताओं के गुरु का दिन है । इसलिए इस नक्षत्र और वार में रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश की स्थापना करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। भाद्रपद मास की चतुर्थी पर इस प्रकार का संयोग करीब 100 साल बाद बना है। उन्होंने बताया कि चतुर्थी तिथि के देवता भगवान गणेश हैं। जो रिद्धि सिद्धि प्रदान करते हैं। गुरु स्वाति योग में 10 दिवसीय गणेश उत्सव में विधिवत पूजा मनोवांछित फल प्रदान करने वाली रहेगी। ज्योतिषविद पं. हरीश पंड्या नौगामा के अनुसार स्वाति नक्षत्र को कार्य सिद्ध नक्षत्र माना गया है।

क्रिकेट टीम बन गई गणेश मंडल

शहर के आजाद चौक धनावाव में 31 साल पहले गणेश स्थापना की शुरुआत हुई थी। इसकी कहानी भी रोचक है। न्यू वागड़ मंडल के अध्यक्ष रामभाई सेठिया ने बताया कि उस समय हमारी वागड़ मंडल क्रिकेट टीम थी। टीम के सदस्य इंदौर में गणेश महोत्सव देखने जाते थे। इसके बाद यह महोत्सव यहां भी मनाने का निर्णय लिया। उस समय मूर्तिकार रतलाम निवासी और उस समय पृथ्वीचौक में रहने वाले से संपर्क किया। उस समय सबसे बड़ी करीब सात फीट की मूर्ति आजाद चौक में लगी थी। तब से लेकर अब तक हर साल महोत्सव मनाया जाता है।

सिद्धि विनायक मंदिर में भरेगा मेला

गणेश चतुर्थी के अवसर पर नई आबादी स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में गणेश चतुर्थी का मेला भरेगा। सुबह मंदिर में गणेशजी की मूर्ति का अभिषेक कर श्रृंगार किया जाएगा और दोपहर में जन्मोत्सव की महाआरती की जाएगी। शाम को नई आबादी में मेला भरेगा। वहीं महालक्ष्मी चौक स्थित रोकड़िया गणपति मंदिर में आकर्षक श्रृंगार कर पूजा अर्चना की जाएगी। शहर में गणपति मित्र मंडल द्वारा सुबह 10:15 बजे शहर के आजाद चौक, भैरव चौक, मोहन कॉलोनी, माही कॉलोनी, खांदू कॉलोनी, चंद्रपोल गेट के अंदर, नई आबादी, कॉमर्शियल कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रातीतलाई, अमरदीप नगर, सहित विभिन्न क्षेत्रों में गणेशजी की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी, जिसमें धातु की गणेश मूर्तियों के अलावा मिट्‌टी से बनी गणेश मूर्तियां भी स्थापित की जाएंगी।

पर्यावरण की चिंता, इसलिए मिट्‌टी की मूर्तियां

पर्यावरण और जलाशय संरक्षण की सोच रखने वाले भक्तों ने मिट्‌टी से बनाई गई गणेश मूर्तियां करने का निर्णय लिया है। दैनिक भास्कर की पहल पर क्रिकेटर अनूप दवे ने भी बेटी दिया के साथ मिलकर मिट्‌टी की गणेश मूर्ति तैयार की। दवे ने शहर के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि बांसवाड़ा पर प्रकृति मेहरबान है और हमें इसकी कद्र करनी चाहिए।