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बेटी थाने पहुंची, कहा-पापा जबरन शादी करवा रहे, मैं पढ़ना चाहती हूं

कलिंजरा के बारी गांव की एक बेटी सोमवार को अपनी शादी रुकवाने के लिए कलिंजरा थाने पहुंच गई। बारी गांव की 10वीं की...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:15 AM IST
कलिंजरा के बारी गांव की एक बेटी सोमवार को अपनी शादी रुकवाने के लिए कलिंजरा थाने पहुंच गई। बारी गांव की 10वीं की परीक्षा दे चुकी 17 वर्षीय शिल्पा की परिजन जबरन शादी करवा रहे थे।

उसने कई बार परिजनों को समझाया लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। घर में शादी से जुड़ी सभी तैयारियां हो गई, लेकिन शिल्पा आगे पढ़ना चाहती थी। जब परिजन नहीं माने तो वह कलिंजरा थाने पहुंच गई। शिल्पा ने पुलिस को बताया कि उसके पापा उसकी जबरन शादी करवाना चाहते हैं। वह नाबालिग है और आगे पढ़ना चाहती है। एकबार तो उसकी बात सुनकर पुलिस स्टाफ भी चौंक गया। फिर उसके फैसले की तारीफ की गई। उधर, बाल-विवाह की खबर मिलते ही अन्य विभागों के अधिकारी भी सक्रिय हो गए क्योंकि आखातीज को लेकर प्रशासन बाल-विवाह रोकने के लिए जुटा हुआ है। आखातीज पर जिले में बड़े स्तर पर चोरी-छुपे बाल-विवाह होते है। बागीदौरा एसडीएम शंकरलाल साल्वी ने तहसीलदार राकेशकुमार न्योल, सीडीपीओ सुरेखा, महिला पर्यवेक्षक नैना जैन, हेमलता सोनी, कलावती कलाल को थाने भेजा। यहां पर शिल्पा ने सारी स्थिति बताई। उसने बताया कि उसके पिता उसकी शादी रायनपाडा़ साकरिया में महेश पुत्र अर्जुन के साथ 19 अप्रैल को करवाने जा रहे हैं। समझाने व अपना भविष्य खराब होने के बारे में बताने पर भी शादी नहीं रोकी जा रही है। उस पर जबरन दबाव डाला जा रहा है। इस पर पुलिस और प्रशासन ने परिवार वालों को थाने बुलाकर शिल्पा का विवाह नहीं कराने के लिए सख्ती से पाबंद किया। साथ ही जबरन नाबालिग की शादी कराने पर सजा का प्रावधान होना बताया।

19 अप्रैल को रायनपाड़ा साकरिया के अर्जुन के साथ होनी थी शादी, प्रशासन ने परिवार के सदस्यों को पाबंद किया

परिजनों को पाबंद करने थाने पहुंचे तहसीलदार।

भास्कर संवाददाता| कलिंजरा

कलिंजरा के बारी गांव की एक बेटी सोमवार को अपनी शादी रुकवाने के लिए कलिंजरा थाने पहुंच गई। बारी गांव की 10वीं की परीक्षा दे चुकी 17 वर्षीय शिल्पा की परिजन जबरन शादी करवा रहे थे।

उसने कई बार परिजनों को समझाया लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। घर में शादी से जुड़ी सभी तैयारियां हो गई, लेकिन शिल्पा आगे पढ़ना चाहती थी। जब परिजन नहीं माने तो वह कलिंजरा थाने पहुंच गई। शिल्पा ने पुलिस को बताया कि उसके पापा उसकी जबरन शादी करवाना चाहते हैं। वह नाबालिग है और आगे पढ़ना चाहती है। एकबार तो उसकी बात सुनकर पुलिस स्टाफ भी चौंक गया। फिर उसके फैसले की तारीफ की गई। उधर, बाल-विवाह की खबर मिलते ही अन्य विभागों के अधिकारी भी सक्रिय हो गए क्योंकि आखातीज को लेकर प्रशासन बाल-विवाह रोकने के लिए जुटा हुआ है। आखातीज पर जिले में बड़े स्तर पर चोरी-छुपे बाल-विवाह होते है। बागीदौरा एसडीएम शंकरलाल साल्वी ने तहसीलदार राकेशकुमार न्योल, सीडीपीओ सुरेखा, महिला पर्यवेक्षक नैना जैन, हेमलता सोनी, कलावती कलाल को थाने भेजा। यहां पर शिल्पा ने सारी स्थिति बताई। उसने बताया कि उसके पिता उसकी शादी रायनपाडा़ साकरिया में महेश पुत्र अर्जुन के साथ 19 अप्रैल को करवाने जा रहे हैं। समझाने व अपना भविष्य खराब होने के बारे में बताने पर भी शादी नहीं रोकी जा रही है। उस पर जबरन दबाव डाला जा रहा है। इस पर पुलिस और प्रशासन ने परिवार वालों को थाने बुलाकर शिल्पा का विवाह नहीं कराने के लिए सख्ती से पाबंद किया। साथ ही जबरन नाबालिग की शादी कराने पर सजा का प्रावधान होना बताया।

भास्कर संवाददाता| कलिंजरा

कलिंजरा के बारी गांव की एक बेटी सोमवार को अपनी शादी रुकवाने के लिए कलिंजरा थाने पहुंच गई। बारी गांव की 10वीं की परीक्षा दे चुकी 17 वर्षीय शिल्पा की परिजन जबरन शादी करवा रहे थे।

उसने कई बार परिजनों को समझाया लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। घर में शादी से जुड़ी सभी तैयारियां हो गई, लेकिन शिल्पा आगे पढ़ना चाहती थी। जब परिजन नहीं माने तो वह कलिंजरा थाने पहुंच गई। शिल्पा ने पुलिस को बताया कि उसके पापा उसकी जबरन शादी करवाना चाहते हैं। वह नाबालिग है और आगे पढ़ना चाहती है। एकबार तो उसकी बात सुनकर पुलिस स्टाफ भी चौंक गया। फिर उसके फैसले की तारीफ की गई। उधर, बाल-विवाह की खबर मिलते ही अन्य विभागों के अधिकारी भी सक्रिय हो गए क्योंकि आखातीज को लेकर प्रशासन बाल-विवाह रोकने के लिए जुटा हुआ है। आखातीज पर जिले में बड़े स्तर पर चोरी-छुपे बाल-विवाह होते है। बागीदौरा एसडीएम शंकरलाल साल्वी ने तहसीलदार राकेशकुमार न्योल, सीडीपीओ सुरेखा, महिला पर्यवेक्षक नैना जैन, हेमलता सोनी, कलावती कलाल को थाने भेजा। यहां पर शिल्पा ने सारी स्थिति बताई। उसने बताया कि उसके पिता उसकी शादी रायनपाडा़ साकरिया में महेश पुत्र अर्जुन के साथ 19 अप्रैल को करवाने जा रहे हैं। समझाने व अपना भविष्य खराब होने के बारे में बताने पर भी शादी नहीं रोकी जा रही है। उस पर जबरन दबाव डाला जा रहा है। इस पर पुलिस और प्रशासन ने परिवार वालों को थाने बुलाकर शिल्पा का विवाह नहीं कराने के लिए सख्ती से पाबंद किया। साथ ही जबरन नाबालिग की शादी कराने पर सजा का प्रावधान होना बताया।

4 किलोमीटर दूर पैदल दूसरे गांव में पढ़ने जाती है शिल्पा

पढ़ने का जज्बा ऐसा कि छात्रा बारी गांव से 4 किमी दूर चनावाला गांव रोज पैदल पढ़ने जाती है। बारी गांव में उच्च प्राथमिक स्कूल ही है। स्कूल के कार्यवाहक संस्थाप्रधान रणछोड़ पाटीदार ने बताया कि शिल्पा पढ़ाई में भी होशियार है। 26 जनवरी और 15 अगस्त के अलावा स्कूल में समय समय पर होने वाले साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी रुचि अनुसार भाग लेती है। शिल्पा के इस कदम के कारण यह घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गई। उसके साथ पढ़ने वाली छात्राओं ने भी उसके इस निर्णय को सराहनीय बताया।