--Advertisement--

90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद

1945 : कोरिया दो देशों में विभाजित 1945 में कोरिया के दो हिस्से हुए। दक्षिण और उत्तर कोरिया दो देश बने। उत्तर कोरिया पर...

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 02:10 AM IST
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
1945 : कोरिया दो देशों में विभाजित

1945 में कोरिया के दो हिस्से हुए। दक्षिण और उत्तर कोरिया दो देश बने। उत्तर कोरिया पर किम इल सुंग का शासन (सोवियत संघ का संरक्षण), दक्षिण कोरिया को अमेरिका का साथ मिला।

ट्रम्प ने कहा- युद्ध तो कोई भी देश कर सकता है, शांति स्थापित करने के लिए साहस चाहिए, हम वार गेम्स को बंद कर देंगे, जिससे हमारा काफी पैसा बचेगा

सिंगापुर|अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग से मुलाकात के बाद दोबारा अकेले प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने दुनिया भर की मीडिया को इस शिखर मुलाकात के मायने बताए। उसके कुछ खास अंश..


किम ने पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया है। हमें एक-दूसरे पर भरोसा है। हालांकि उ. कोरिया जब तक परमाणु निरस्त्रीकरण नहीं करता, तब तक उस पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। वहां तैनात अमेरिकी सैनिक अभी नहीं बुलाए जाएंगे। पर अमेरिका कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य अभ्यास नहीं करेगा। मैं उ. कोरिया जाने की योजना बनाऊंगा। किम को भी मैं व्हाइट हाउस बुलाऊंगा।


इसमें अभी लंबा वक्त लगेगा। उत्तर कोरिया ने हमसे पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया है। इसके बदले में अमेरिका ने भी कोरियाई देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है।


किम के साथ निरस्त्रीकरण के सत्यापन को लेकर भी चर्चा हुई। इसके सत्यापन के लिए एक टीम होगी, जिसमें अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय अधिकारी शामिल होंगे। किम ने अपनी मेजर मिसाइल इंजन टेस्टिंग साइट ध्वस्त करने पर सहमति जताई है।


शांति की शुरुआत हो गई है। मुझे उ. कोरिया का उज्जवल भविष्य दिख रहा है। किम इस शांति की पहल को आगे बढ़ाएंगे। उम्मीद है कि वह अपने वादे पर बने रहेंगे। युद्ध तो कोई भी कर सकता है, पर शांति के लिए साहस चाहिए। दोनों देशों में अगले हफ्ते से बातचीत शुरू होगी।


किम ने अपने नागरिकों के सुनहरे भविष्य के लिए बोल्ड स्टेप लिया है। मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं। करीब 70 साल पहले खूनी संघर्ष (कोरियाई युद्ध) हुआ था। अब इस युद्ध का खात्मा होगा। हम कोरियाई प्रायद्वीप से अमेरिकी सैनिकों को घर लाना चाहते हैं, पर अभी इस पर बात नहीं हुई है। लेकिन हम युद्ध का खेल बंद करेंगे।


हम नए इतिहास को लिखने और नए अध्याय की शुरुआत के लिए तैयार हैं। अमेरिकी स्टूडेंट ओट्टो वार्मबायर के संदर्भ में उत्तर कोरिया ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया। पर ओट्टो की मौत व्यर्थ नहीं गई। ओट्टो के बिना यह सब नहीं हो पाता। मैंने युद्ध बंदियों और मानवाधिकारों को लेकर किम के साथ बात की है।


हम वार गेम्स को बंद कर देंगे, जिससे हमारा काफी पैसा भी बचेगा। किम भी वार गेम्स को रोकने पर सहमत हुए, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह काफी भड़काऊ है। बातचीत ही दोनों देशों के लोगों के भविष्य के लिए बेहतर है। मैं इस बातचीत का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। इसके लिए पिछले 25 घंटे में मैं ठीक तरह से नींद तक नहीं ले सका।

चीन

दक्षिण कोरिया

उत्तर कोरिया

प्योंगयांग

सियोल

उत्तर कोरिया दो बार परमाणु कार्यक्रम बंद करने की बात कहकर मुकर चुका है

1950 उत्तर-दक्षिण कोरिया में युद्ध शुरू

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर 1950 में हमला किया। अमेरिकी मदद से दक्षिण कोरिया ने राजधानी सियोल पर कब्जा किया। उ. कोरिया को रूस और चीन का साथ मिला। द. कोरिया के साथ अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और मित्र देश रहे।

1953 दोनों सेनाओं में युद्धविराम संधि

तीन साल तक चले युद्ध में दोनों ओर के 25 लाख से ज्यादा लोग मारे गए। इसमें 9 लाख सैनिक थे। अमेरिका ने उ. कोरिया पर प्रतिबंध भी लगाए।

ट्रम्प अमेरिका के 13वें ऐसे राष्ट्रपति जिन्हें विवाद हल करने में सफलता मिली है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के चेयरमैन किम जोंग के बीच सिंगापुर के कापेला होटल में मुलाकात हुई। दोनों करीब 5 घंटे तक होटल में रहे। दोनों ने साथ में लंच भी किया।

ट्रम्प ने किम को अपनी बीस्ट कार दिखाई


1968 अमेरिकी जसूसी जहाज को पकड़ा

अमेरिका के जासूसी जहाज पुबलो को उ. कोरिया ने पकड़ा। 11 महीने बाद उ. कोरिया ने जहाज के 83 क्रू मेंबर को छोड़ा। 1969 में उ. कोरिया ने अमेरिका के जासूसी प्लेन को हमला कर गिराया।



 बांसवाड़ा, बुधवार, 13 जून, 2018


1987 फ्लाइट में विस्फोट, 115 मौतें

दक्षिण कोरिया की एक फ्लाइट में 1987 में बम विस्फोट से 115 की मौत हुई। हमले का प्लान बनाने का आरोप उत्तर कोरिया के दो एजेंट्स पर लगा।

1988 उत्तर कोरिया ब्लैक लिस्ट हुआ

वॉशिंगटन ने उत्तर कोरिया को ब्लैकलिस्ट किया। उसे आतंकी गतिविधियों में शामिल बताया।

1994 किम इल सुंग की मौत हुई

यूएस राष्ट्रपति कार्टर उ. कोरिया गए। इसी साल किम सुंग की मौत हो गई। परमाणु समझौता रद्द।



सिंगापुर में अमेरिका-उ. कोरिया के बीच शिखर वार्ता से पहले मैं रात को सो नहीं सका। इससे कोरियाई प्रायद्वीप पूरी तरह परमाणु मुक्त बनेगा। वहां शांति स्थापित होगी। -मून-जेई-मून, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

दोनों नेताओं में बराबरी की वार्ता ने इतिहास रच दिया है। ये नजारा सुखद है। यूएन को उ. कोरिया से प्रतिबंध हटा लेना चाहिए। -वांग यी, चीन के विदेश मंत्री

1998 उत्तर कोरिया का मिसाइल टेस्ट

उत्तर कोरिया ने अपनी पहली लंबी रेंज की मिसाइल टेस्ट की। 1999 में किम जोंग इल का मिसाइल टेस्ट पर रोक लगाने का फैसला। इसके बाद अमेरिका ने उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी।

मुलाकात की रात सो नहीं सके द. कोरियाई राष्ट्रपति

लिखित में दिया गया कमिटमेंट बड़ी पहल है। हम इसे समग्रता की दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं। इस वार्ता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का विशेष शुक्रिया। -शिंजो आबे, जापान के पीएम

इस पहल में मदद देने के लिए रूस तैयार है। कोरियाई प्रायद्वीप में अब परमाणु युद्ध की आशंका भी खत्म हो जाएगी। -सर्गेई रेब्कॉब, रूस के उप विदेश मंत्री

2005-2006 परमाणु टेस्ट किया

मिसाइल टेस्ट पर लगी रोक को उ. कोरिया ने खुद खत्म कर दिया। 2006 में उत्तर कोरिया ने दूसरी बार अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट किया।

2011 से 2018 किम राष्ट्रपति बने

2011 में किम जोंग उन उत्तर कोरिया के चेयरमैन बने। 2013 में पहला न्यूक्लियर टेस्ट किया। 2016 में दो और न्यूक्लियर टेस्ट किए। 2017 में आईसीबीएम मिसाइल का टेस्ट किया। मार्च 2018 में ट्रम्प और किम ने बातचीत की पहल की।

ट्रम्प ने किम जोंग को परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए राजी किया

ये है संयुक्त समझौता पत्र

ये समझौता हम दोनों देशों के बीच दुश्मनी को भुलाने और नए भविष्य के लिए कर रहे...

राष्ट्रपति ट्रम्प और चेयरमैन किम जोंग ने कोरियाई प्रायद्वीप में नए संबंधों की स्थापना, स्थाई और मजबूत शांति के लिए व्यापक, गहन और ईमानदार विचारों के साथ की है। ट्रम्प ने उत्तर कोरिया को सुरक्षा गारंटी देने का वादा किया है। किम ने परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इन नए संबंधों से कोरियाई प्रायद्वीप और दुनिया में शांति और समृद्धि में योगदान मिलेगी। अमेरिका और उत्तर कोरिया दोनों देशों के लोगों की इच्छा के अनुसार शांति और समृद्धि तथा अच्छे संबंध के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देश कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी और दीर्घकालिक शांति के लिए प्रयास करेंगे। पनमुंजोम परमाणु साइट को बंद कर उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है। अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच इतिहास में पहली बार शिखर वार्ता हुई है। ऐसा दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे तनाव और शत्रुता को भुलाने और नए भविष्य की शुरुआत के लिए किया गया है। ट्रम्प और किम जोंग इस समझौते को जल्द से जल्द लागू करेंगे। बहुत जल्द अमेरिकी विदेश सचिव, माइक पोंपियो और उ. कोरिया के अधिकारी बैठक करेंगे। ट्रम्प और किम नए संबंधों के विकास, सहयोग, शांति, समृद्धि और दुनिया व कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा के लिए वचनवद्ध हैं।

डोनाल्ड जे ट्रम्प, राष्ट्रपति अमेरिका

किम जोंग उन, चेयरमैन उ. कोरिया

12 जून, सैंटोसा द्वीप, सिंगापुर

किम जोंग किस प्रकार के व्यक्ति के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम यहनहीं कह सकते कि ट्रम्प घर लौटने तक इस पर कायम भी रहेंगे या पलट जाएंगे। -मो. बाघेर नोबख्त, ईरान सरकार के प्रवक्ता

कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता की दिशा में ये वार्ता अहम और सकारात्मक कदम है। भारत इसका स्वागत करता है। -भारतीय विदेश मंत्रालय

11

90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
X
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
90 मिनट में सुलझा 70 साल का विवाद
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..