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पहली बार पानी छोड़ते ही सागवाड़ा नहर की दीवार ढही

बांसवाड़ा| इस बार पहली बार भीखाभाई सागवाड़ा नहर में 54 किलोमीटर तक पानी पहुंचाने के लिए दायीं मुख्य नहर का पानी जगपुरा...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:15 AM IST
बांसवाड़ा| इस बार पहली बार भीखाभाई सागवाड़ा नहर में 54 किलोमीटर तक पानी पहुंचाने के लिए दायीं मुख्य नहर का पानी जगपुरा साइफन में छोड़ा गया।

सागवाड़ा में नहर के 54 किलोमीटर तक पानी पहुंचाने तक तो काम ठीक था लेकिन नहर की सफाई और आवश्यक मरम्मत कार्य नहीं होने से भीखाभाई सागवाड़ा नहर आरडी 41 किलोमीटर के आसपास क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें एक्वाडक्ट की दीवार पूरी तरह से पलट गई और काफी मात्रा में पानी व्यर्थ बहा। इस घटना का पता शनिवार की रात को चला और अधिकारियों ने आनन फानन में दायीं मुख्य नहर से जगपुरा साइफन में जल प्रवाह बंद करवा कर नहर के क्षतिग्रस्त भाग को ठीक करवाने की कार्यवाही प्रारंभ की। इधर सागवाड़ा विधायक अनिता कटारा ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि वे नहर टूटने के मामले की जांच करवाएंगी कि गुणवत्ताहीन निर्माणकार्य के लिए दोषी कौन हैं।

इधर माही परियोजना के अधीक्षण अभियंता कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार माही बांध खंड बांसवाड़ा कार्यालय के एक्सईएन और गढ़ी वितरण खंड के एक्सईएन को भीखा भाई सागवाड़ा नहर की सफाई, रखरखाव व मरम्मत का काम सौंपा है। जिसके तहत माही बांध खंड कार्यालय ने 48 लाख के टेंडर जारी किए थे अौर बिलो रेट पर टेंडर खोले जाने पर किलोमीटर 0 से 32 किमी तक नहर के रखरखाव, मरम्मत कार्य के लिए 32 लाख की राशि का वर्क ऑर्डर तिरुपति कंस्ट्रक्शंस कंपनी को सौंपा गया।

इधर गढ़ी वितरण खंड एक्सईएन कार्यालय की ओर से करीब 38 लाख का वर्क ऑर्डर नहर के किलोमीटर 32 से 51 किमी के लिए जारी किया गया। इधर माही विभाग में सहायक अभियंताओं के पद सेवानिवृत्ति से समाप्त होने के कारण और कोई चारा नहीं होने से माही बांध खंड एक्सईएन को भूंगड़ा नहर के जेईएन को एईएन का चार्ज देकर काम करवाना पड़ रहा है।

इधर, नहर के काफी भाग में शील्ट सफाई,झाड़ियों-घास की सफाई,मरम्मत कार्य नहीं होने से और नहर में दो से ढाई मीटर तक मलबा भरा होने के कारण नहर में पानी की संचालन नहीं किया जा रहा था।

खुली घटिया निर्माण कार्य की पोल, सागवाड़ा विधायक अनिता कटारा ने कहा- निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी