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अभद्रता में छोटी सरवन तहसीलदार एपीओ, बोले- कलेक्टर का काम नहीं किया, इसलिए नाराज थे

छोटी सरवन तहसीलदार संदीप अरोड़ा को राजस्व मंडल ने आदेश जारी कर एपीओ कर दिया है। इसके पीछे जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 04:20 AM IST

छोटी सरवन तहसीलदार संदीप अरोड़ा को राजस्व मंडल ने आदेश जारी कर एपीओ कर दिया है। इसके पीछे जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद और तहसीलदार अरोड़ा के बीच कामकाज को लेकर खींचतान मुख्य कारण माना जा रहा है। कलेक्टर से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि तहसीलदार को एपीओ प्रशासनिक कारणों से किया है। लेकिन जब उनसे ये पूछा गया कि चर्चा ये है कि तहसीलदार ने आपसे अभद्रता की। इस पर उन्होंने कहा कि हो सकता है कि किसी मामले में इन्होंने गैर जिम्मेदराना ढंग से टिप्पणी की हो। एपीओ के दौरान अरोड़ा का मुख्यालय राजस्व मंडल अजमेर रहेगा।

तहसीलदार के तीखे बोल

एपीओ के बाद तहसीलदार संदीप अरोड़ा ने बताया कि नितेष सोनी नामक व्यक्ति ने टीएसपी विशेष मूल निवास के लिए आवेदन किया था,जो सरकार द्वारा जारी किए गए चार परिपत्रों के मापदंड के अनुसार नहीं होेने पर आवेदन को निरस्त किया था। जिस पर उसने संपर्क पोर्टल पर आवेदन किया। 12 अप्रैल को कटुंबी में आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर ने मुझसे कहा कि आप मूल निवास प्रमाण पत्र जारी कर दो, जिस पर मैंने कहा कि परिपत्र के अनुसार नहीं होने पर जारी नहीं किया जा सकता है। शायद मुझसे इसी बात से नाराज हो गए होंगे। इसके अलावा कुछ लोगों द्वारा परमाणु बिजली घर के लिए अवाप्त की जाने वाली जमीन पर मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद किया था, मैं उस दिन नहीं था लेकिन फिर भी मुझ पर दानपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाने का दबाव डाला गया और मैंने एफआईआर दर्ज करवाई थी। लेकिन उसके बाद कोई फॉलोअप नहीं हुआ। तहसीलदार ने कहा कि उनके कार्यालय के गिरदावरों को बांसवाड़ा़ मुख्यालय पर बैठा रखा है,पटवारी रात में मुख्यालय पर नहीं होते हैं। अभी बाल विवाह जैसा महत्वपूर्ण मामला है, मेरे पास सूचना आती है और मैं पटवारी को फोन करता हूं तो पता चलता है कि वे मुख्यालय पर हैं ही नहीं।

काम को लेकर अनावश्यक दबाव बना रहे थे कलेक्टर, पटवारी- गिरदावरों को जिला मुख्यालय पर बिठा रखा है, मैं फाेन करता हूं तो पता चलता है कि क्षेत्र में हंै ही नहीं

कलेक्टर

भगवती प्रसाद

पहले भी विवादों में रहे हैं तहसीलदार अरोड़ा

छोटी सरवन तहसीलदार संदीप अरोड़ा पहले भी विवादों में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने एक शवयात्रा को तहसील परिसर में प्रवेश करने से रुकवा दिया था। इसके चलते ग्रामीणों ने विरोध भी किया और पुलिस को मौके पर आना पड़ा था। तहसील परिसर में जहां आवासीय क्वार्टर बने हुए है, उसके पास की जमीन पर ही कब्रिस्तान है। ऐसे में ग्रामीण तहसील के अंदर से यहां पहुंचते हैं। इसे देखते हुए अरोड़ा ने एक बार गांव वालों को रोक दिया था। इसके चलते वहां पर हंगामे के हालत बन गए थे। उस समय अरोड़ा का कहना है कि इन आवासों में स्टाफ परिवार के साथ रहते हैं। एक बार भी शव जलाने पर भारी दुर्गंध के कारण दो दिन तक खाना तक नहीं आ सके।

तहसीलदार

संदीप अरोड़ा

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